00:00Now the United States will decide who we buy oil from
00:02Russia, Iran, whoever they want, they will decide
00:07Our Prime Minister will not decide
00:08क्या भारत में फ्यूल का बड़ा क्राइसिस आने वाला है
00:12और उसे निपटने का जिम्मा ट्रम्प ने उठाया है भारत की सरकार ने नहीं
00:16दुनिया के कई हिस्सों में ओयल सप्लाई पर खत्रा मंड़ा रहा है
00:20और अब ये बात अमेरिका भी समझ चुका है
00:22शायद इसलिए डॉनल्ड ट्रम्प की अड्मिनिस्टेशन ने अपनी सालों पुरानी रशिया के खिलाफ पॉलिसी को
00:28थोड़ी देर के लिए साइड में रख दिया है
00:31और भारत को एक स्पेशल परिमिशन दी है
00:33कि वो अगले 30 दिन तक रशिया से ओयल खरीच सकते है
00:36ये डिसिजन ऐसे टाइम पर आया है जब मिडल इस्ट में टेंशन्स तेजी से बढ़ रही है
00:41और ग्लोबल ओयल सप्लाई पर प्रेशर बढ़ रहा है
00:44अब समझते हैं पूरा मामला क्या है
00:46इस वक्त मिडल इस्ट में कॉन्फिक्ट की वज़े से कई मेजर ओयल फील्ड पर स्ट्राइक हुई है
00:51सिचुएशन और सीरियस तब हो गई
00:53जब इरान ने दुनिया के सबसे इंपोर्टेंट ओयल रूट्स में से एक
00:56स्टेट ओफ हर्मोस को ब्लॉक कर दिया
00:59अब आपको बता देते हैं कि स्टेट ओफ हर्मोस से दुनिया का लगबग 20% ओयल सप्लाइड उजरता है
01:05अगर ये रूट डिस्टर्ब होता है तो ग्लोबल एनरजी मार्किट तुरंत हिल सकता है
01:09और पेट्रोल डीजल के प्राइस स्काय रॉकेट कर सकते हैं
01:12इसी टेंशन के बीच यूएस के ट्रेजरी सेक्रेट स्कॉट बेसेड ने अन्नाउंस किया है
01:17कि भारत को एक 30 दिन का टेंप्ररी वेवर दिया जा रहा है
01:21इस वेवर के तहट इंडियन रिफाइंडरी रश्या का ओईल खरीद सकते हैं
01:26ये पर्मिशन 5 मार्च 2026 तक शिप्स पर लोड किये गए रश्यन ओईल पर भी लागू होगी
01:32और 3 एपरिल 2026 तक वालिड रहीगी
01:35इसके लिए U.S. Treasury के Office of Foreign Assets Control ने एक Special License भी Issue किया है
01:41अमेरिका का कहना है कि ये decision रश्या को economic benefit देने के लिए नहीं
01:45बलकि global oil supply को stable रखने के लिए किया गया है
01:49वाशिंग्टन का मानना है कि अगर oil supply अचानक कम हो गई
01:52तो पूरी दुनिया में fuel prices बहुत तेजी से बढ़ सकते है
01:56इसी वज़े से अमेरिका ने भारत को एक essential partner भी बताया है
02:00क्योंकि इंडिया दुनिया का सबसे बड़े energy consumers में से एक है
02:05लेकिन दर्शकों यहाँ पर पूरी कहानी ही बदल जाती है
02:09क्योंकि अब विपक्ष आरोप लगा रहा है कि भाईया फिर देश को आखिर चला कौन रहा है
02:15हम किस से तेल खरी देंगे हम रशिया से तेल खरी देंगे कि वेनेजवेला से खरी देंगे
02:20हर चीज का फैसला आखिर ट्रम्प क्यों ले रहा है
02:24और क्या इंडिया की एनरजी डिपेंडेंस इतनी जादा है
02:28यूएस से प्रेशर इतना जादा है कि हम सिरफ उनके कहें पे चलेंगे
02:33वो कहेंगे 30 दिन तक तेल ले लो तो ले लो
02:36वरना टारिफ लगा देंगे वरना तेल लेने की अनुमती नहीं देंगे
02:40तो इस प्रकार के सभी फैसले अखिर यूएस क्यों ले रहा है
02:44और विपक्ष इस बात से बेहद खफा है
02:47राहूल गांधी और कॉंग्रिस ने भी एक ट्वीट करके ये बताया
02:50कि कैसे उन्होंने पहले ही संसद में प्रडिट किया था
02:54कि अईडिया की ऑल डिपे
03:26तो दर्शुकों अभी के लिए भारत में तुरंत फ्यूल क्राइसिस आने का खत्रा तो कम लग रहा है लेकिन अमेरिका
03:33का ये 30 दिन का वेवर एक लेर सिगनल जरूर देता है कि ग्लोबल एनरजी मार्कित में अभी जो सिचुएशन
03:38है वो बहुत फ्रेजाइल है अगर मिडल �
03:41इस में कॉंफ्लिक्ट और बढ़ता है या शेट फॉर्मोस में डिस्रप्शन होता है तो इसका सीधा असर भारत के पेट्रोल
03:47और डीजल के दामों पर पढ़ सकता है लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है क्या ये सिरफ 30 दिन का
03:51ही टेंप्ररी रिलीफ है या फिर दुनिया के
03:54ओयल मार्किट में एक बड़ा जियो पॉलिटिकल शिफ्ट आने वाला है और भारत का विपक्ष खफा है लोग सवाल पूछ
04:01रहे हैं कि आखिरकार भारत की ओयल सप्लाइए में ट्रंप का इतना बड़ा रोल होना भारत के राश्च्छित में है
04:08भी के नहीं आप देख रहे
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