00:13जनवरी 2026 में भारत के रूस से होने बाले आयात में भारी गिरावट देखने को मिली है
00:18पिछले साल जहां भारत ने रूस से 4.81 अरब डॉलर का समान मंगाया था
00:23वहीं इस साल जनवरी में यह घटकर सिर्फ 2.86 अरब डॉलर रह गया है
00:28यानि की कुल गिरावट 14.5% दर्च की गई है
00:31इस बदलाव के पीछे मुख्य वज़ा भारत और अमेरिका की बीच हाली में हुए नया अभ्यापार्स समझोता बताया जा रहा
00:37है
00:37खास कर कच्चे तेल की खरीद में यह कमी सपष्ट नजर आई है
00:40क्योंकि रूस से भारत के कूल तेल आयात में 35% से जादा हिस्सेदारी रही थी
00:45पिछले तीन सालों में भारत ने रूस से भारी छूट पर तेल खरीदा था
00:49जिससे भारतिये रिफाइन डियों ने रूसी कुरूड ओयल पर काफी निर्भरता बना ली थी
00:53लेकिन अब जनवरी के आकड़े बताते हैं कि भारत की रिफाइन डियों ने रूसी तेल की खरीद धीमी कर दी
00:58है
00:58विशेशग्य मानते हैं कि अब खरीद के फैसले सिर्फ कीमत या छूट पर नहीं
01:03बलकि वैश्विक राजनीती और राष्टिये हीतों को ध्यान में रख कर लिये जा रहे हैं
01:07इस गिरावट की पीछे अमेरिका के साथ हुए नए ब्यापार समझोते को सबसे बड़ा कारण मना जा रहा है
01:13इस समझोते के तहद अमेरिका ने भारतिये निर्यातों पर लगने वाले टैक्स को घटा कर 18% कर दिया है
01:19और 25% अतिरिक्ट शुल्क भी हटा लिया है जो भारत द्वारा रूसी तेल खरीद के बिरोध में लगाए गए
01:25थे
01:25बदले में भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से उर्जा और तकनीक का आयात बढ़ाएगा
01:31दोनों देशों का लक्ष है कि आपसी व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुँच जाए
01:35बता दे कि Reliance Industry जैसे बड़े नीजे रिफाइंडी ने भी जनवरी में गोशना की
01:40कि उन्हें रूस तेल की कोई डिलेवरी मिलने की उमीद नहीं है
01:43विशेशग्य के अनुसार आने वाले महीनों में रूस से आयात और तेजी से घट सकता है
01:48क्योंकि भारतिय रिफाइंडी अब बेने जुएला से सस्ता कुरूड ओयल खरीदने पर विचार कर रहे है
01:53अमेरिका भी चाहता है कि भारत बेने जुएला से उर्जा खरीदना फिर से शुरू करे
01:58इतिहास में देखें तो भारत ने 2012-13 में बेने जुएला से 14.1 अरब डॉलर का कुरूड आयात किया
02:05था
02:05लेकिन धीरे धीरे यह सुन्य तक आ गया वहीं रूस से कुरूड आयात 2011-12 में सुन्य था
02:10लेकिन 2022-23 में अचानक बढ़कर 31 अरब डॉलर पार कर गया
02:15और अगले साल 46.49 अरब डॉलर और 2024-25 में 50.28 अरब डॉलर तक पहुँच गया
02:23कुल मिलाकर जनवरी 2026 का आकड़ा यह दिखाता है कि भारत की विदेश व्यापार रनीती अब सिर्फ कीमत पर नहीं
02:29बलकि राष्टिये हित और अंतराष्टिये समझोतों पर अधारित हो रही है रूस ते तेल आयात घटा है अमेरिका और वेनेजुएला
02:36से उर्जा खरीद बढ़ाने की तयारी की जा रही है जिससे भारत की गलोबल ट्रेट पोजिशन और ब्यापार संतूलन मजबूत
02:42हो सक
02:43है ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जूरी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटन्स डिश्टल
02:49के साथ
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