00:00इस बार का स्वतंत्रता दिवस महराश्ट्र के नंदुर बार जिले की चार आदिवासी बस्तियों के लिए बेहत खास रहा
00:17पिछले 89 सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब स्थानिय लोगों ने राश्ट्रिय ध्वज फहराने के समारों में हिस्सा लिया
00:25ऐसा धूले इस्तित यंग फाउंडेशन नाम के गयर सरकारी संगठन की पहल से मुनासिब हो पाया
00:31ये NGO आदिवासी इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करता है
00:35NGO का मकसद सिर्फ ये पहल करना ही नहीं था बलकि ये सुनिश्चित करना भी था कि लोग अपने लोगतांत्रे का धेकारों के प्रटी जागरुखों
00:44आज स्वतंत्रता दिवस हैं तो इस उपलक्ष में यहां पे धोजारावन का प्रोग्राम रखा गया जो कि यहां पे बहुत सारे पाड़ों में पहली बार यहां पे जंडा वंदन हुआ है या तिरंगा लहरा आया है
00:57यहां पे बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिनको पता नहीं है कि स्वतंत्रता क्या होती है समीदान क्या होता है वैसे तो उनके कल्चर का एक अविभाज अंग है स्वतंत्रता वो अपने आप में अच्छे से जी रहे हैं लेकिन कॉंस्टिटुशनली बहुत सारी चीजे उनको �
01:27उनको पता ही नहीं है उसकुल उनको क्योंकि यहां के लोग पड़े लिखे नहीं है इसलिए उनको पता नहीं इसलिए पंद्रा अगस्त दिल साजर करना यहां पे जरूरी है
01:38स्वतंतरता दिवस के मौके पर शुक्रवार की सुभा चार आदिवासी बस्तियों के लोग पूरे उत्साह के साथ धजा रोहन समारों देखने के लिए एक पहाडी के पास इकठे हुए
02:03वो नजारा देखने लायक था जब राष्ट्रगान बचते ही वे पूरे सम्मान के साथ खड़े हुए
02:33जन थितरंगा तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिशमागे गाहे तव जय गाथा
02:49जन गन मंगन दायक जय यही थारत भाग्य विधाता
02:57जय यही जय यही जय यही जय यही जय यही जय जय यही
03:07Amen.
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