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Prateek Yadav के निधन के बाद साले Aman Bisht पर बड़ा खुलासा, क्या है 14 करोड़ का सच? मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बीच उनके सबसे भरोसेमंद साथी अमन सिंह बिष्ट का एक ऐसा चौंकाने वाला सच सामने आया है जिसने उत्तर प्रदेश की राजनीति और बिजनेस जगत में हड़कंप मचा दिया है।

Following the sudden demise of Mulayam Singh Yadav's younger son Prateek Yadav, his brother-in-law Aman Singh Bisht (Aparna Yadav's brother) has come under intense scrutiny. This video uncovers how Aman Bisht set up over 16 companies during the SP regime, his role as Prateek Yadav's business right-hand, and the ongoing investigation into the ₹14 crore land fraud case registered against him in Lucknow.

#PrateekYadav #AmanBisht #AparnaYadav #OneindiaHindi

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~PR.250~GR.508~HT.318~

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Transcript
00:04मुलायम सिंग यादफ के छोटे बेटे प्रतीक यादफ का आकासमिक निधन राज़ुतिक गलियारों के लिए एक बड़ा जटका है।
00:30प्रदेश में सपसकार बनते हीं अमन में महस चार साल में सत्रह कंपनियां खड़ी कर दी जसके बाद उन पर
00:3614 करोड रुपए की पड़ी जमीन दोखा धड़ी का गंपी रारूप लगा और व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया।
01:00प्रतिक यादव ने खुत को सक्रिय राजनीती से दूर रखा और अपना पूरा ध्यान रियल एस्टेट और फिटनेस बिजनेस पर
01:08केंद्रित किया।
01:09इस कारोबारी सामराच्य को संभालने के लिए उन्हें एक ऐसे चहरी की तलाश थी जो पूरी तरह से वफदार हो।
01:15और ये भूमी का अवन सिंग बिष्ट ने बहुत खुबी निभाई।
01:45ये चर्चा हमीशा गर्म रही की भले ही कार्वजों पर डारेक्टर अमन सिंग बिष्ट थे लेकिन परदे के पीछवे से
01:52इस पूरे विश्वाल सामराच्य की असली कमान और वित्य अताकत खुद प्रतीक यादव के हाथों में थी।
01:59अमन प्रतीक के हर छोटे बड़े सौदे को जमीन पर लागू करने वाले सबसे मुख्या सिपलसालार बन चुके थे।
02:05ये कारुबारी विस्तार तब और भी ज्यादा बड़े विबादों में खिरा जब सितंबर दोजार पच्चीस में लखनों के गोमती नगर
02:12थाने में अवन सिंग बिष्ट वे फिलाफ एक बड़ा मुकदमा दर्ज हुआ।
02:18और उनकी सहयोगी कंपनियों ने एक बड़े जमीन के सौधे में उनके साथ 14 करोड रुपै की धोखा धड़ी की।
02:25इस F.I.R. ने विपक्ष को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा भी दिया।
02:29आलूचेकूं और ततकालीन विपक्षी दलू का आरूप था कि सफा शाषिनकाल के दरांग सत्ता के निकटता का सीधा फायदा इन
02:35कंपनियों को मिला।
02:36नौइडा, एक्स्प्रेस वे और लगनों के प्रायम लोकेशन्स पर जो विकास कारे हो रही थे उन में राजमेतिक प्रसूप वाले
02:43लोगों की सरक्रेता साफ तौर पर दीखी जा रही थी।
02:47अवनबिष्ट का ये पूरा मामला उतरप्रदीश के राजमेति में हमीशा से चलने वाले उस बहस को दोबारा जिन्दा करता है
02:53जहां पर सत्ता परिवार और व्यापार का एक मजबूर करचूड दिखाई देता है।
03:17लेकिन प्रतीक यादव के निधन के बाद इस पूरे बिजनेस नेटवर्क का भविश्य और अमन सिंग बिष्ट की भूमिका एक
03:23बार फिर कानूनी और राजनिति चांच के ताईरे में आ गई।
03:27लेकिन अमन सिंग सीधे तोर पर राइट हैंड की भूमिका में थे प्रतीक यादव के और इसलिए इनका नाम इतना
03:34चर्चा में है पढ़ना यादव के भाई थे।
03:37इसलिए आप कह सकते हैं आपसी सयोग संबंध, रिष्टे और भाई बदीजबाद का आरूप भी लगता रहा।
03:44बैरा मामले बर्माई नजर है जान चसी आगे बढ़ेगी अपडेट आपको देंगे आप बने रहिए वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
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