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  • 11 minutes ago
Apara Ekadashi Vrat Katha 2026: सभी तिथियों में एकादशी का बड़ा महत्व है. एकादशी व्रत रखने मात्र से व्यक्ति को सभी पाप दोष से छुटकारा मिलता है. भगवान विष्णु के आशीर्वाद से जीवन में सुख और शांति आती है, लेकिन इस व्रत में पूजा और कथा का खास महत्व है. इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है. तो चलिए बताते है अपरा एकादशी व्रत कथा.

Apara Ekadashi Vrat Katha 2026: Among all lunar dates, Ekadashi holds immense significance. Merely observing the Ekadashi fast liberates an individual from all sins and impurities. The blessings of Lord Vishnu bring happiness and peace into one's life; however, the worship rituals and the recitation of the sacred narrative (Katha) hold special importance during this fast. Without them, the fast is considered incomplete. So, let us now recount the story of the Apara Ekadashi fast.

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~PR.114~HT.408~ED.120~

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Transcript
00:24थीवन में चेल रही समस्यां खत्म होने के साथ ही
00:27विशेश पुण्यों की प्राप्ति हूती है
00:29जने इन जने में किये गए पापों से मुक्ती मिलती है, व्यक्ति की इच्छा पूरी होती है
00:34लेकिन इस दिन अप्रैकादुशी की कथा जरूर पढ़ने चाहिए, इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है
00:44प्राचीन काल में महिध्वज नाम के एक धर्मात्मा राचा थे, जिनका छोटा भाई ब्रजध्वज बहुती क्रूर और अधर्मी था
00:52ब्रजध्वज ने सडियंत रच कर अपने बड़े भाई की हत्या कर दी और उनके शरीर को एक पीपल के पेड़
00:58के नीचे दबा दिया
00:59अकाल मृत्ति होने के कारण राजा महिध्वज की आत्मा प्रेथ बनकर उसी पेड़ पर रहने लगी थी
01:07और रहगीरों को परिशान करने लगी एक दिन धौम में रिशी उस रास्ते से गुजर रहे थे और अपने दिव्वे
01:15दिर्ष्टी से राजा के प्रेथ मनने का कारण जान लिया
01:18रिशी को राजा पर तया आ गई और उन्होंने राजा को प्रेथ योनी से मुक्ति दिलाने के लिए सोह में
01:24अप्राय कादिशी का व्रत किया
01:26रिशी ने अपने व्रत का सारा पूर्णे राजा को दान दे दिया
01:30अप्रयक आदिशी के पूर्णे प्रभाव से राजा मही ध्वज को तुरंत ही प्रेतियोनि से मुक्ती मिल गए
01:36उसके सारे पाप धुल गए और वो एक दिव्य शरीर धारन कर स्वर्ग लोग को चरे गए
01:42जाते समय राजा ने धौमे रिशी का आभार प्रकट किया
01:46और बताए कि कैसे इस व्रत ने उन्हें घोर कस्टों से मुक्ती दिला दी
01:51ये कहानी हमें जिखाती है कि चाहे अंजाने में ही कितनी भी बड़ी गलती हुई हो
01:56अगर हम भगवान की शरण में जाते हैं और विदिविधान से व्रत का पालन करते हैं
02:02तो हमारे जीवन के दुखों का आंतर जरूर होता है
02:05इस कता को सुनने मातर से भी व्यक्ति के कस्ट कम होते हैं
02:09और उसे मांसिक शान्ति प्राप्त होती है
02:11फिरहाल हमारे इस वीडियो में इतना है
02:14वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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