00:00जब नई संसत का गठन होता है तो स्पीकर पद के लिए किसी के नाम की घोशना होते ही वे
00:06तुरंद वहां से भागने की कोशिश करते हैं यह सोच कर कि किसी तरह जान बज जाए।
00:12वे उस स्पीकर को मृत्युदंड का कठोर आदेश देंगे जो यह कहने का दुसाहस करेगा कि संसद ने उनकी इच्छा
00:19ठुकरा दी है वे तुरंद उसका सिर कलम करने का आदेश देंगे जो भी अच्छी और सकारात्मक बातें सामने आएंगी
00:27उन्हें हम सहर्ष स्वीकार करे
00:41अबराहम लिंकन आज हमारे देश में स्थापित लोकतंतर के फलने फूलने के लिए देश की आम जनता की बहुत बड़ी
00:49बड़ी अपेक्षाएं हैं जनता की उन सभी महत्वपूर्ण अपेक्षाओं को इस सभा के ध्यान में लाना और उन्हें पूरा करने
00:56के लिए आवश
01:09शासन काल के दोरान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अधिक से अधिक लाब पहुंचाया जा सकी के यहां पर तो
01:14हर एक व्यक्ति पूरी तरह से बराबर है सिर्फ एक ही है
01:22भले ही इस मंच पर ऐसी पार्टियाओं भी शामिल हो जिनका केवल एक ही सदस्य हो उनके द्वारा रखे गए
01:28विचारों को और तमिलगा वेतरी कड़गम के भारी संख्या वाले सदस्यों द्वारा व्यक्ति किये गए विचारों को हम पूरी तरह
01:35से समान महत्वप्रदान क
01:37जो भी अच्छी और सकारात्मक बातें सामने आएंगी उन्हें हम सहर्ष स्वीकार करेंगे।
02:07माननी अध्यक्ष महोदे करपया ध्यान दें आप सर्वसम्मति से विधान सभा अध्यक्ष चुने गए हैं। मैं देख पा रहा हूँ
02:14कि इस आसन पर सदन के माननी अनेता और विपक्ष के माननी अनेता दोनों ही विराजमान हैं। उन्होंने बड़े प्यार
02:21से उनके हाथ था
02:22में और उन्हें धीरे धीरे ले जाकर आराम से बैठा दिया। अगर आप बताएं कि यह परंपरा कैसे शुरू हुई
02:27तो यह दिल्चस्प होगा। इसके पीछे एक बड़ी एतिहासिक घटना है। हमारी संसदीय कारे प्रणालियां इंग्लैंड की संसदीय कारे प्रणालि
02:50वहां राजा कोई काम करना चाहता था तो संसद अक्सर उसकी इच्छा को ठुकरा देती थी। राजा जिस कारे को
02:58चाहते थे उसे संसद ने अस्विकार कर दिया है। यह संदेश राजा तक पहुँचाने की जिम्मेदारी संसद की अध्यक्ष स्पीकर
03:05की होती है। संसद की
03:17इसी भी नागरिक को मृत्युदंड देने का अधिकार राजा के पास है।
03:21वे उस स्पीकर को मृत्युदंड का कठोर आदेश देंगे,
03:25जो ये कहने का दुसाहस करेगा कि संसद ने उनकी इच्छा ठुकरा दी है।
03:30वे तुरंद उसका सिर कलम करने का आदेश देंगे।
03:33ऐसा कई बार हो चुका है इसलिए कोई भी स्पीकर के पद पर नहीं आना चाहेगा।
03:39इसलिए जब नई संसत का गठन होता है तो स्पीकर पद के लिए किसी के नाम की घोशना होते ही
03:45वे तुरंद वहां से भागने की कोशिश करते हैं यह सोच कर कि कि किसी तरह जान बज जाए।
03:52सदन के माननीय नेता और विपक्ष के सम्मानित नेता उन्हें बीच में ही रोक कर उनके दोनों हाथों को थाम
03:58कर फींचते हुए सम्मान पूर्वक आसन पर बैठा रही है।
04:15तमिल नाडू वेत्री कडगम के प्रतियेक सदस्य हर संभव स्थिती में आपके लिए मददगार साबित होंगे। यह मेरा आप से
04:21पक्का बादा है।
04:24इस विशेश अवसर पर मैं अपनी बात रखते हुए यह कहना चाहता हूँ।
04:28सदन की गरिमा और मर्यादा तथा सदन के सभी सम्मानित सदस्यों की गरिमा और उनके मान सम्मान को अक्षुन बनाए
04:35रखने की महती जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है।
04:39मैं कल हमारे सदस्य श्री मुवी करुपया जी से मिलने गया था जिनोंने अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष के रूप में बहुत
04:46ही सराहनिये कार्य किया है।
04:48वहाँ जब मैंने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की तस्वीरें देखी तो उनके बारे में जानकर मुझे वास्तों में बहुत गर्व हुआ।
04:56क्योंकि आदर्श के रूप में प्रतिष्ठित, श्री जे, शिवशन मुगम पिल्लई, डौ, यू, कृष्ण राव और श्री एस।
05:04चेला पांडियन की श्रेणी में हमने बिलकुल सही व्यक्ति को चुना है। इस बात का मुझे गर्व है।
05:13इसी प्रकार से हमारे आदरणिये विधान सभा उपाध्यक्ष महोदे भी हैं। आप दोनों ही अत्यंत साधारन परिवारों में जन्मे हैं
05:20और निरंतर जन्सेवा की सच्ची भावना को अपने जीवन का आधार बना कर कारे करते चले आ रहे हैं।
05:26गुणों को परक्कर, दोशों को परक्कर और उनमे से जो अधिक हो उसे अपनाना चाहिए। वल्लुवर के इस कथन के
05:34अनुरूप विधान सभा की कारे वाही सुचारू, व्यवस्थित और शांति पूर्ण ढंक से संचालित हो तथा विधाई लोकतांत्रिक मूल्यों और
05:43म
05:43आनदंडों का संदक्षन सुनिष्चित हो इसके लिए इस सदन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मुझे पूरा भरूसा है कि आप निष्चित
05:53रूप से हमारा मान और भ्राएंगे। राजनीति से उपर उठकर मानवीय मूल्यों को स्थापित किया जाना चाहिए। तमिल स
06:12जिनोंने ये पद संभाला है इसे बनाए रखेंगे। इसी विश्वास को दोहराते हुए मैं अपना भाशन समाप्त करता हूँ। धन्यवाद
06:20नमस्कार।
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