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तमिलनाडु की राजनीति में थलापति विजय और उनकी पार्टी TVK को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि उनके खिलाफ एक नया राजनीतिक समीकरण बन सकता है, जिसमें DMK और BJP जैसे बड़े दलों के बीच किसी तरह की समझ या रणनीति देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म है। क्या विजय के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ऐसा गठबंधन बनाया जा रहा है? इस वीडियो में जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी, राजनीतिक चर्चाएं और तमिलनाडु की बदलती सत्ता राजनीति का विश्लेषण।

Tamil Nadu politics is heating up with fresh speculation about a possible political realignment against Thalapathy Vijay and his party TVK. Reports and discussions suggest unusual coordination between rival forces, raising questions about whether a new DMK–BJP understanding is being explored to counter Vijay’s growing influence. While no official confirmation exists, these developments have intensified the political atmosphere in the state. Can TVK withstand such powerful alliances, or will the political balance shift again? In this video, we break down the latest updates, alliance rumors, power equations, and the evolving battle for control in Tamil Nadu’s CM race.

#ThalapathyVijay #TVK #TamilNaduPolitics #DMK #BJP #VCK #AIADMK #CMRace #BreakingNews #IndianPolitics

~HT.410~PR.540~ED.108~

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00:00हमने देखा ता केशो जी 1984 में आखरी बार केंदर में कॉंग्रेस को बहुमत मिला उसके बाद देश ने 30
00:05सालों तक गढ़ बंधन की रादनीती देखी
00:062014 में फिर BJP को गौहमत मिला 19 में मिला लेकिन फिर से गट बंधन वाली राधनीती 24 में आ
00:11गई
00:12BJP के लिए तमिल नाट के 49 लोग सबा सांसद हैं
00:16क्या BJP नहीं सोच रही होगी कि भविष्ट में उनकी कभी जरूत पड़ सकती है नहीं
00:20और क्या ऐसा भी देखने को मिल सकता है कि अगर कॉंग्रेस पार्टी एया ये DMK और TV के सब
00:26साथ में आ जाएं
00:27तो DMK और BJP का भी भविष्ट कभी बन सकता है क्योंकि साथ में रह चुके हैं पहले ये
00:32बिल्कुल साथ में पहले रह चुके हैं और आगे भी कुछ भी संभव हो सकता है
00:37कहा तो इतना तक जानाता व्यभब कल एक उड़ती उड़ती ख़बर ये भी आई थी
00:41कि MK स्टालिन तमिलनाड के निवर्दावान मुख्य मंतरी दिल्ली आ रहे हैं प्रधान मंतरी मोधी से मुलाकात करने के लिए
00:49हलाकि फिर वो बात आई गई हो गई ऐसे कोई अस्पस्ट का जानकारी नहीं है कि वो कव आ रहे
00:55हैं लेकिन ये बास जरूर चली थी
01:10कि बीजेपी ऐसा रिस्क लेगी क्योंकि हलाकि भारत में जो मचदाता हैं उनकी मेमरी बहुत ही कमजोर होती है वो
01:20बाते भूल जाते हैं लेकिन स्टालिन के पुत्र उदैनिदिये स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर जिस तरह के बायान दिये
01:29स्टालिन के मंत्रियों ने सनातन धर्म को लेकर जो कुछ बोला और फिर उन पर वो अफेक्षित कारवाई नहीं हुई
01:36इस से भारतिय जनता पार्टी का जो आधार वोट बैंक है जो बहुत संख्यक मत दाता है वो उसमें जरूर
01:44नाराज की है स्टालिन की पार्टी को लेकर
01:46और यहीं वज़ा है कि भले भारतिय जनता पार्टी एक सीट पर सिमट गई हो उनका वोट परसेंटेज 8%
01:53से कम हो गया हो और बिहार यूपी की जनता को तमिलाड के में किसकी सरकार बन रही है इससे
02:01कोई मतलब नहीं हो लेकिन फिर भी वहाँ पर स्टालिन की हार का जोस्न �
02:06इन इलाकों में भी मनाया गया क्योंकि उनको लगता है कि एक सनातन विरोधी सरकार गिर गई एक सनातन विरोधी
02:13पार्टी का अवसान हो गया ऐसे में भारतिय जनता पार्टी अपने मजबूत वोट बैंक को नाराज करने का जोखिप नहीं
02:22उठाएगी
02:22एंडिये में सीधे उनको आमंत्रित करके या स्टालीन की पार्टी डियमके को सीधा अपने साथ लेके हां लेकिन दोलों के
02:32अंदर कोई समझोता हो सकता है जिससे लोकसभा और राजसभा में बीजेपी की सरकार को एंडिये के संख्यावल का फाइदा
02:41मिल सके जैसा कि इस से
02:43पहले औरिसा से होता था औरिसा में नवीन पतनायक की सरकार थी वो सरकार के साथ गटमंदर में नहीं थे
02:49लेकिन क्रिंटिकल मौके पे वो एंडिये के सरकार के विलो को पास करवाने में मदद करते थे कभी उसके पक्ष
02:59में वोट करके कभी अविस्टेन हो करके तो यह अं�
03:13नहीं बात होगी लेकिन इस वक्त मुझे नहीं लगता है कि बीजेपी डाइरेक्ट ये रिस्क लेगी एक आखरी सवाल भी
03:20होगा मेरा केशो जी आप से हमने देखा इससे पहले तमिलाड की रादनीती में फिल्मी सितारों का जलवा रादनीती में
03:28पहले भी देखने को मिला है
03:29MGR ने 1972 में AIADMK बनाई, 77 में आपात काल के हटने के बाद उनको सत्ता में मिली थी, 5
03:35साल उनको भी संगर्ष करना पड़ा था
03:37TVK को, विजे को तो दो साल में ही सत्ता मिल गई, लेकिन हमने ये भी देखा है केशो जी,
03:42कि जब MGR को सत्ता मिली तो उनके जीते जी सत्ता कभी हां से गई नहीं
03:4677 में बने थे, तो 87 में जब उनकी मृत्ती हुई, मुख्यमंत्री रहते हुए ही हुई
03:51क्या हम ऐसा देख सकते हैं कि अगर विजे एक बार आ गए, तो ये लंबा टिकने वाले हैं तमिल
03:55नाड में
03:57निश्चित रूप से, और मैं अस्पस्ट कहूँ, जो मेरा तमिल नाड कनेक्शन रहा है, तमिल नाड के मत्दा था, टीवी
04:04के में M.G. राम चंदरन की छवी देख रहे हैं
04:07बलकि बरे-बरे राजनितिक विश्ले सर्क, इनकी तुलना M.G.R. से कर रहे हैं
04:11जिस तरह का जादू M.G.R. ने परदे पर क्रियेट किया था, उसी तरह का जादू इनका भी रहा,
04:16हाला कि दोनों के अभिने की शैली बिलकुल अलग रही है
04:18M.G.R. एक नेचुरल अभिनेता थे, क्लास्कल अक्टर थे और वहीं पर विजय की लार्जर दे लाइफ इमेज है,
04:27उनकी एंग्री यंग मान वाली छवी है, जो बॉलिवड में मिताब बचन की छवी रही है, उस तरह के अभिनेश्यली
04:35से विजय आते हैं
04:36तो दोनों की यदा भी अभिनेश्यली अलग रही है, लेकिन पब्लिक में दोनों को लेके एक्स्पेक्टेशन एक जैसी है, अब
04:46दोनों में एक बात ब्यान दीजिए, M.G.R. का राजनितिक जीवन राजनिती में आने से पहले शुरू नहीं हुआ,
04:52लेकिन TV के का राजनित
05:06जैसी से, एक सवाल मेरा भी है इसमें, कि अगर विजय सत्ता में आते हैं, तो उनका असर केंदर पर
05:13M.G.R. वाला ही होगा, या उससे और बड़ा हो सकता है?
05:18माफ करें, मैं आपके सवाल को समझ नहीं पाया, कि अंदर की राजनिती पर M.G.R. का वैसा कोई
05:23प्रभाव नहीं रहा था उस दौर में, यह बहुत जादा नहीं, वही मेरा प्रशन है सर, कि जितना M.G
05:29.R. का प्रभाव था उस जमाने में, और विजय का जो आज प्रभाव
05:34होगा, जैसे कि स्टालिन के हर हम बात करें, तो स्टालिन का आज के दौर में कोई प्रभाव नहीं है,
05:39अर्मान लीजे कॉंग्रेस भी होती तो शायद उतना असार नहीं होता, लेकिन क्या विजय की अपनी लार्जर देन लाइफ वाली
05:46छवी लेकर आए हैं, और सत्ता में �
06:01है कि नई जो परिशीमन नीती है, लोग सभा में सीटों की संख्यां बढ़ाने की जो बात है, उसमें इसी
06:08बात को लेकर दुसारा रार है, उनको लगता है कि दक्षिन भारत की शक्तियों को कम करने का यह प्रियास
06:13किया जा रहा है, हलाकि आपका जो प्रसन ऐसी धार्थ मैं
06:16उसे बढ़ा अलग जवाब देना चाहूंगा, देखिए, जिस समय में MGR थे, उस समय में भले ही तमिलनाडु में कांग्रेस
06:25ने अपनी शक्ति खो दी थी, लेकिन राष्ट्री अस्तर पर उनकी ताकत कम नहीं हुई थी, केंदर की सरकार के
06:33लिए उस समय तमिलनाडु के आं
06:4645 सांसद हैं, तो इस पर UPA की सरकार अगर होती है, इंडिया अलैंस की सरकार होती तो इतके कंदों
06:51पर टिकी होती, जिस तरह से आज एंडिया की सरकार, चंद्रवाब नाइडू और नितिश कुमार की पार्टियों के कंदे पर
06:57टिकी हुई है, तो गटबंधन का जो बैभब
07:00कह रहे थे, 2024 के बाद फिर से देश में गटबंधन का दौर वापिस हुआ है, तो इस समय में
07:05स्टालीन अगर गटबंधन में रहते तो उनकी गुम क्या बहुत महत पुर्ण होती, उसी तरह से एक मिनट एक बात
07:13बात करना जाहता हूं, उसी परह से अगर तमिलनाड में या �
07:18रक्षे की राजनीत में टीवी के का उदे हुआ है, सी जोसफ विजय का उदे हुआ है, तो केंदर की
07:24राजनीत के लिए भी वो समीचीर रहेंगे, क्योंकि अब जिसकी भी सरकार बनेगी, उसमें संख्याबल की बहुत जादा महत्ता रहेगी,
07:31और एक बात और मैं आड़ कर
07:48मदरई से वो जीत कराये हैं, टीवी के के टिकट पे, वो प्रेस के सवालों का हिंदी में जवाव दे
07:56रहे हैं, ये कहीनक नी उनके नेस्नल एस्पिरेशन को दर्साता है, विजय अपने आपको अपनी पार्टी को लेकर राश्ट्रिय फलक
08:07पर भी एक भूमका के लिए तया
08:18हिंदी आते हुए भी हिंदी में खुल कर प्रेस के सवालों का जवाब दे, वो बहुत ज़्यादा इंगिलिस तक ही
08:25आते थे, हिंदी में जवाब देना दो बातों का परिचायक है, एक तो ये कि वो घिसी पिटी लाइन पर
08:30नहीं चलना चाहते हैं, वो एक इंक्रूसिव प
08:48में खा, MGR को 77 के दोर में सफलता मिली, उन्होंने अपनी पार्टी बनाई, अपनी पार्टी सरकार मना की आई,
08:54उसके बाद उनकी पार्टी से जैरलता आगे बढ़ी ही, MGR की मौत के बाद, उनको पास एक बनी बनाई पार्टी
09:00थी, उस पार्टी को उनने आगे बढ़ाया,
09:02वो भी कई बार सक्ता में रही लेकिन MGR के बाद सर बहुत सारे और अब नेता जो है वो
09:07राधनिती में आई
09:07कैप्टन विजे कांत है उन्होंने बनाई थी उनको सफलता नहीं मिली
09:10कमल हासन ने पार्टी बनाई उनको सफलता नहीं मिली
09:13रजनी कांत ने ऐलान किया लेकिन वो राधनिती में कूदने से बच गए
09:17उन्होंने आखरी मौके पर स्वास्त का हवाला दिया जो कुछ कहा कि वो नहीं उतरेंगे
09:20लेकिन विजे ने बनाई विजे को सफलता मिल गई
09:23इसकी वज़ा आपको क्या रजराती सिद्धार जी और केश्व जी आप जवाब दीजेगा
09:27क्योंकि मुझे जहां तक लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि रजनी कांत ने राधनिती में उतरना तब
09:32चाहा
09:33जब वो अपने पीक के दौर से चले गए थे
09:36विज़ा अपने फिल्मों के पीक के दौर पर है करियर में इसी वक्त ही वो राधनिती मुतर आई
09:40अगर आप देखें तो रजनी कांत अपने सिर्फ करियर के पीक से उतरना मैं कहूंगा कि ये बहुत जल्दबाजी होगी
09:49क्यूंकि उनकी फिल्में आज भी उतनी अटेंशन गेंड करती है जितना पहले करती थी इन फैक्ट जब उनकी फिल्म रिलीज
09:54होती है
09:55तो अगर आप देखेंगे तो तमिलनाडो में सरकारी हॉलिडे हो जाता है
09:59हाला कि कमल हासन की जो पार्टी थी पककाली उसका वो कमल हासन तब आये जब उनकी एक पॉपुलर्टी जो
10:08है एकदम निशले हिस्तर पर थी उस जमाने में या उस दौर में
10:15पर रजनी कांद के साथ दूसरा कारण यह लागू होता है कि उनमें एक एंगरी यंग मैन वाला फैक्टर जो
10:20है वो पूरी तरह से मिसिंग देखता है
10:22क्योंकि जो नई जनरेशन है वो भले ही एस इस्टार उनकी फैन हो पर उनमें एक एंगरी यंग मैन का
10:28जो तड़का है वो उनमें नहीं दिखता था
10:30रही बात कमल हासन की वो देखते यंग है और तुलनापना ग्रूप से रजनी कांत से यंग भी है तो
10:37उनमें थोड़ा बहुत देख भी लिया लेकिन उनकी लोग प्रियता रजनी कांत या विजय के समक्ष नहीं हो पाई
10:44विजय जो हैं अभी किसी भी टाइप की फिल्म कर ले अगर विजय का करियर देखें तो बहुत सारी उन्होंने
10:51फ्लॉप फिल्में दी हैं लेकिन एक बार उनका जो हिट होना शुरू हुआ और वो ग्राफ कभी ऐसा भी नहीं
10:58कि हलका सा लाइट पड़ा हो हमेशा ब्राइ�
11:14नहीं करना पड़ रहा है अपनी फिल्मों को लेकर है साथ ही साथ रजनी कांत और कमल हासन ने कुछ
11:20चीज़ें नहीं की या कुछ चीज़ें उनके दौर में नहीं थी वो है यह कि फैन बेस अपना क्रियेट करना
11:27और उसको क्लब्स में बदलना करीब कहा ऐसा भी जाता है कर
11:30तमिल नाडू में पचास हजार से जादा विजय के फैन बेस हैं जो काम करते हैं ग्राउंड लेवर पर जब
11:37कोई बार आती है कुछ मुसीबत आती है तो ये सारे फैन बेस जमीन पर जाकर काम करते हैं उनके
11:43बीच में उतर कर
11:45लोगों की मदद करते हैं और विजय से इनको support भी मिलता है
11:47financial support भी मिलता है और systematic support भी मिलता है
11:51इसके अलावा social media पर बहुत सारे fan page हैं
11:54जो लगातार उनकी चवी को बड़ा चड़ा कर दिखाना
11:59या महिमा मंदन करना या कहें उसको viral करना
12:01यह सब काम किया रजनी कांथ और कमल हासन के पास
12:05यह दोनों option उस time पर नहीं थे या थे भी तो उसका
12:09इस्तमाल नहीं हो पाया तो एक बड़ा factor था आज का जमाना
12:12जो है वो gen z generation का है और वो social media से एक बहुत बड़ा
12:16दिश्टर विवाने में अपनी बात लोगों तक पहुचाना आसान है आसान है प्लस उससे narrative आप बहुत कम time में
12:22आखरी कोने तक पहुचा सकते हैं इसलिए विजय के साथ ही factor है दूसरा यंग्स्टर इंसे connect करते हैं सो
12:28करते हैं और जो अधिक उम्र के हैं senior citizen age के लोग हैं वो
12:46नहीं का कि मैं राजनीती फिल्म में छोड़ दूँगा इन्होंने ऐलान किया मतलब Batman movie अगर आपने देखी हो तो
12:54उसमें एक scene है कि जिसमें Christian Bale बार बार कुई से निकलने की कोशिश करते हैं लेकिन रसी बांद
13:00कर वो बार चड़ते हैं तो उन्होंने उस coach से अपने पूश
13:14और जब Christian Bale बिना रसी के जाते हैं और वो कुई से बाहर निकल आते हैं सेम scene में
13:20यहाँ पर repeat होता हुआ देख रहा हूँ कि विजए ने पहले अलान किया कि मैंने अपनी आखरी movie बना
13:26दी है release बाद में होगी बिल्कुल अब मैं पूरी तरह से जन सेवा में आना चाहता हू�
13:34माहल बनाया पूरे तमिल नाडों के अंदर कि फुल फ्लेजड लिया रहे यह उस तरह के नहीं है कि स्टेप
13:39बैक करेंगे यह आदा इदर रहेंगे आदा उदर रहेंगे वह वाला नहीं था तो इस चीज ने विजए को भी
13:45as a disciplined leader बनाया है और उनको full time politician बनने में काफी मद�
13:52की है और यही कारण है कि विजए ऐसे नतीजे दे पाए और मुझे लगता है कि इससे और बहतर
13:58जवाब केशव जी दे पाएंगे बिल्कुल केशो जी के पास चलते हैं साकरी सवाल को लेकर लेकिन उससे पहले मैं
14:03भी अपनी कुछ बात जोड़ना चाहता हूं केशो जी मैं
14:08पत्रकार को पढ़ रहा था उन्होंने लिखा था कि रजनी कांथ के पास भी मौका था विजए वाला रजनी कांथ
14:13असल में विजए से भी बड़े सुपरिश्टार थी तमिल फिल्मों के लेकिन वो मौका था उनके पास 90 के दशक
14:19में जब उनकी लोगप्रेता अपने चरम �
14:20पर थी लेकिन रजनी कांथ उस वक्त उन्होंने राजनीति माना चुना नहीं इसके साथ उन्होंने एक और गलती की है
14:25रजनी कांथ कभी भी अपनी राजनीतिक धारा बना नहीं पाए वो बीजेपी के भी करीबी बने रहे हमेशा योगी जी
14:32के पैर छू लेते हैं राम मं�
14:48तो क्या फेक्ट नजर आता है कभी रजनी कांथ विजे क्यों नहीं बन पाए उनको ऐसी राजनीतिक सफलता क्यों नहीं
14:53मिल पाई
14:56मैं जो बात कहना चाह रहा था आपने वही बात कह दी है तमिलाड में जो सितारों
15:03की ती
15:17कि मैंने बात की थी कंट्राटिक्री मैं इस दिये कह रहा हूं कि उनको पसंद ही इसलिए कर किया जा
15:22रहा है कि वो फिल्मों से आये हैं और एम जी राम
15:25चंद्रान ने तो कभी ही नहीं कहा था कि फिल्मों में काम करना छोड़ेंके जैललता राजनीती में जब आई
15:31कि मुखमंद्री के बनने के बाद उन्हेंने फिल्मों में काम कर रही थी दक्षिर के राजनीती के लिए कोई बड़ा
15:38मुद्दा नहीं है बलकि दक्षिर में तो यह ज़्यादा दीवानगी है कि उनका नायक फिल्मों में भी काम करता है
15:45नमरों मैं दो तीन उदाहरनों के सा�
16:01सीमन है जो एक अलग अपनी पार्टी चलाते हैं वो भी फिल्मों से आया हुए है लेकिन देखिए विजय कांत,
16:08खुस्वु सुन्दर, सीमन ऐसे अभिनेता बहुते रहे हैं वो टॉप अब दे लीग अभिताब बच्चन, साहरु खान, दिलीब कुमार के
16:16कदवाले अभिन
16:17अभिनेता नहीं है, वो एम जी आर, एंटी रामाराओ के कदवाले अभिनेता नहीं है, तो जब अगर आपके पास खुस्वु
16:23सुन्दर है, तो इनके पास भी उदेने डिय स्टालीन है, तो ऐसे नेताओं की मतलब भरमार है, उनकी कोई जरूरत
16:29इस तरह से ड्राइब करने
16:31के लिए नहीं है किसी भी पार्टी को, अब आते हैं, रजनी कांथ पर, यह कहना गलत है कि रजनी
16:40कांथ ने वह मौका खो दिया, वह 90 के दौर में आते, तो बड़ी जीत हासिल करते, 90 के दौर
16:46में रजनी कांथ की जितनी पॉपुलरिटी थी, उससे कई गुना जादा पॉ�
17:01इस कौन सी है, रोबो, इंदीर, तमील में जो इंदीरन के नाम से बनी है, वो है सबसे बड़ी हिट,
17:08वो तो 2000 के दसक में आई है, 2000 में रिखान से 2010 में आई है, शायर वो फिल्म, और
17:14क्या इसकोजा वो भी हो सकती है कि उस दौर में करणा दी जिन्दा थे, जलेलता का अपन
17:18एक प्रभाव था, अभी वो स्पेस खाली हुआ है, नहीं, मैं जो बात कहना चाहरा हूं, वो यह है कि
17:24रजनी कांथ, अगर निर्भीक होकर राजनीती में आते हैं, तो एक अलग ही किर्तिमान स्थापित करते हैं, तो यह जो
17:31108 सीटे आप देख रहे हैं विजय की, वो 208 सी�
17:46कभी अन्ना द्रमुक के पास चले जाते हैं, कभी मोदी जी के पास चले जाते हैं, जैसे ही आप याद
17:52कीजिए कि 2020 में जो COVID का समय था, उस समय में रजनी कांथ ने ऐलान किया था, कि वो
17:59अपनी पार्टी बनाएंगी, और जब आप राजनीती के मैदान में उतरेंगी, तो स
18:15जब रजनी कांथ डर गए, उन्हें लगा कि जो उनकी लोगप्रियता है एक नेता के रूप में, नेता के रूप
18:21में वो लोगप्रियता कम से कम एक साइड से वो खो देंगे, कोई आपका प्रसंसक होगा है, राजनीती में कोई
18:28ने कोई विरोधी तो होगा है, जबकि एं�
18:45कांथ की फिल्म रिलीज होती है, लोग अपने फूट वेर उतार के जाते हैं थियेटर में, इतनी बड़ी दिवानगी है
18:51रजनी कांथ को लेकर के, लेकिन लोगप्रियता कोने का जो उनका भै था, वो उन्हें जो अन्य विचारधारा है, उससे
19:00अलग दिखने का साहस नहीं
19:02दे पाया, इसी लिए रजनी कांथ के एलान किया और फिर उसको रिट्रैक्ट कर लिया, वो अपनी पार्टी बनाने का
19:10वादा करके पार्टी खतन कर देते हैं बनने से पहले ही, एक बात यह हुई, इस कैलीबर का दूसरा आविनेता,
19:18जो राजनीत के मैदान में पिछले कु
19:30सिकल एक्टर ही थे, सर वो जमाना दूसरा था, उनकी नहीं, कमल हासन को लेकर के आज तमिलाड़ी में क्या
19:37आग रहा है, क्या उनको कमजोर अबनेता माना जाता है, क्या उनकी फिल्में नहीं चलती है, सर लेकर उतने बड़े
19:44भी तो नहीं है, जितने विजय या फिर रजन
20:00वो सारे बड़े अधिनेता, मैं विजय कांत की सीमन की खुश्बु सुंदर की बात नहीं कह रहा, मैं टिपिकली कमल
20:07हासन और रजनी कांत की बात कर रहा हूं, और विजय की बात कर रहा हूं, कमल रजनी कांत की
20:12बात तो हो गई, कमल हासन भी और रजनी कांत, वो क्लारिटी
20:17लेकर नहीं आए रजनी कांथ की बाद तो खत्म हो गई वह साहस नहीं चुटा पाए थोड़ी सी लोग प्रियता
20:22खोने का अब कमल हासन राजनित में आभी जाते हैं तो वह DMK से अपनी निगठता दिखाते हैं अब लोगों
20:31के सामने ये प्रस्न है कि वह जब कमल हासन ही DMK है
20:35तो वह DMK कोहीं क्यों लची नहीं अब आते हैं बात विजय पर विजय ने शुरुवात से हैं एक क्लारिटी
20:45रखी वो क्लारिटी ये थी कि मैं DMK का विरोधी हूँ
20:55क्योंकि जैसे ही तमिलनाड की जनता को ये लगेगा कि ये DMK का विरोध कर रहे हैं और भारतिये जनता
21:02पार्टी के साथ जा रहे हैं तो उनके हार की पटकता लिख दी जाएगी
21:06इसलिए विजै ने भले कांग्रेस विजै को राजिंतिक रूप से परिपक्व मानती हो लेकिन विजै ने बहुत बड़ी राजनितिक परिपक्वता
21:16का परिचय देते हुए भारतिये जनता पार्टी के तरफ से मिले हुए गठबंधन के प्रस्ताव को नकार दिया
21:24जो 10-12 फिजदी संख्यक वोटर हैं इसाई और मुसलिम उनका भी समर्थन एक तरफा मिला है विजै को बिलकुँ
21:31उस पर भी आता हूँ उससे पहले तो क्या हुआ कि विरोधी जो वोट है वो DMK से इनकी तरफ
21:38शिप्ठ हुआ
21:40DMK से नाराज़गी वाला वोटर जो है वो भी इनकी तरफ शिप्ठ हुआ विजै की तरफ अब आते हैं विजै
21:47ने तमिलनादू में एक नया नियो वोटर ग्रूप क्रियेट किया है वो है CDA
21:54C मतलब Christian, D मतलब Dalit, A मतलब Alpsanchyat अगर इनकी वीजै भी से निकरता दिखती तो Alpsanchyat वोट तो
22:04किसी हालत में नहीं मिलते और टमिलनादू में बहुत संख्यत वोट भी नहीं मिलते
22:07D दलित, DMK में जो D फैक्टर है दलित फैक्टर उनको वर्सों तक सत्ता में बनाए रखा लेकिन पिछले कुछ
22:16दिनों से दलितों के उत्पीरण की जो कहानिया सामने आ रही थी एक नाराजगी थी जिसका लावी ने मिला
22:23और एक बात मैं बहुत जोखिम लेकर आपके सो में बोल रहा हूँ वो ये है कि तमिलाड की डिमोग्रेफी
22:30बदली है मिसिनरी जो वहाँ पर सक्रिये हैं उसके कारण छोटा ही सही एक वोट बैंक बना है वो है
22:39क्रिस्चियन वोट बैंक वो बना है आप कन्या कुमारी वाले
22:42इलाचे में जाए उहाँ पर वोट बैंक बन गया है इसे कि अगर 2016 में जैललता की विमारी से मौत
22:56ना हुई होती अगर करुणा नेदी 2018 में ना मरे होते ये दुनों जीवित होते तो उनके रहते हुए कभी
23:02विजय जैसा अब नेता बन कितनी सीटेला सकता था आपके साब से
23:06अच्छा देखिए ये तो जो हमारे क्रिकेट के कमेंटेटर है नवजोद सिंग सिंदू वो कहते हैं कि अगर हमारे चाची
23:15की मूछे होती तो मैं उन्हें चाचा ना कहता अगर आज की तारिक में जैललता मैदान में होती करुणा नेदी
23:23मैदान में होते तो क्या पता विज
23:36उस दोर में शायद विजय को ऐसी काम्याभी नहीं मिलती। मुझे ऐसा लगता है कि तमिलनाड में अम्मा को लेकर
23:43दिवानगी रही है।
24:06संभावना जरूर होती कि अगर आज की तारिक में अम्मा और कलेंगर होते तो शायद विजय को इतनी बड़ी सफलता
24:13नहीं मिलती।
24:16सिधार जी आपको जोड़ना चाहते हैं पाजित क्याते हैं।
24:18इसमें बिल्कुल वैभब अगर काश यूं होता तो क्या होता वाला तो फैक्टर हमेशा हर घटना और दूर घटना के
24:26साथ रहता ही है।
24:29अगर वो होते भी जले लगता अम्मा का निधन हुआ था पांच दिसंबर दूहजार सो लाग को उस दन मैं
24:37अपना जनल दिन बना रहा था और इसलिए मुए वो घटना याद है।
24:41उनकी लोग प्रियता इतनी थी कि जब उनका निधन हुआ तो कुछ लोगों ने अपनी जान खुद से दे दी।
24:46करुणा निधी के समय पर मैंने ऐसा नहीं देखा।
24:50लेकिन हाँ विजाए इस बात से मैं सर की बिलकुल सहिमत हूँ कि अगर ऐसा होता उस टाइम पर विजाए
24:58आते तो शायद 108 है 107 एक्टिव इनक्टिव मिलाकर, 108 सीटें जो मिली है।
25:05लग तो मिलाकर कह सकते हैं टाइमिंग बहुत सही है इनकी।
25:07टाइमिंग सही है कुछ चीज़े इनके लिए प्रकृती ने भी खोली है।
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