00:00हमने देखा ता केशो जी 1984 में आखरी बार केंदर में कॉंग्रेस को बहुमत मिला उसके बाद देश ने 30
00:05सालों तक गढ़ बंधन की रादनीती देखी
00:062014 में फिर BJP को गौहमत मिला 19 में मिला लेकिन फिर से गट बंधन वाली राधनीती 24 में आ
00:11गई
00:12BJP के लिए तमिल नाट के 49 लोग सबा सांसद हैं
00:16क्या BJP नहीं सोच रही होगी कि भविष्ट में उनकी कभी जरूत पड़ सकती है नहीं
00:20और क्या ऐसा भी देखने को मिल सकता है कि अगर कॉंग्रेस पार्टी एया ये DMK और TV के सब
00:26साथ में आ जाएं
00:27तो DMK और BJP का भी भविष्ट कभी बन सकता है क्योंकि साथ में रह चुके हैं पहले ये
00:32बिल्कुल साथ में पहले रह चुके हैं और आगे भी कुछ भी संभव हो सकता है
00:37कहा तो इतना तक जानाता व्यभब कल एक उड़ती उड़ती ख़बर ये भी आई थी
00:41कि MK स्टालिन तमिलनाड के निवर्दावान मुख्य मंतरी दिल्ली आ रहे हैं प्रधान मंतरी मोधी से मुलाकात करने के लिए
00:49हलाकि फिर वो बात आई गई हो गई ऐसे कोई अस्पस्ट का जानकारी नहीं है कि वो कव आ रहे
00:55हैं लेकिन ये बास जरूर चली थी
01:10कि बीजेपी ऐसा रिस्क लेगी क्योंकि हलाकि भारत में जो मचदाता हैं उनकी मेमरी बहुत ही कमजोर होती है वो
01:20बाते भूल जाते हैं लेकिन स्टालिन के पुत्र उदैनिदिये स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर जिस तरह के बायान दिये
01:29स्टालिन के मंत्रियों ने सनातन धर्म को लेकर जो कुछ बोला और फिर उन पर वो अफेक्षित कारवाई नहीं हुई
01:36इस से भारतिय जनता पार्टी का जो आधार वोट बैंक है जो बहुत संख्यक मत दाता है वो उसमें जरूर
01:44नाराज की है स्टालिन की पार्टी को लेकर
01:46और यहीं वज़ा है कि भले भारतिय जनता पार्टी एक सीट पर सिमट गई हो उनका वोट परसेंटेज 8%
01:53से कम हो गया हो और बिहार यूपी की जनता को तमिलाड के में किसकी सरकार बन रही है इससे
02:01कोई मतलब नहीं हो लेकिन फिर भी वहाँ पर स्टालिन की हार का जोस्न �
02:06इन इलाकों में भी मनाया गया क्योंकि उनको लगता है कि एक सनातन विरोधी सरकार गिर गई एक सनातन विरोधी
02:13पार्टी का अवसान हो गया ऐसे में भारतिय जनता पार्टी अपने मजबूत वोट बैंक को नाराज करने का जोखिप नहीं
02:22उठाएगी
02:22एंडिये में सीधे उनको आमंत्रित करके या स्टालीन की पार्टी डियमके को सीधा अपने साथ लेके हां लेकिन दोलों के
02:32अंदर कोई समझोता हो सकता है जिससे लोकसभा और राजसभा में बीजेपी की सरकार को एंडिये के संख्यावल का फाइदा
02:41मिल सके जैसा कि इस से
02:43पहले औरिसा से होता था औरिसा में नवीन पतनायक की सरकार थी वो सरकार के साथ गटमंदर में नहीं थे
02:49लेकिन क्रिंटिकल मौके पे वो एंडिये के सरकार के विलो को पास करवाने में मदद करते थे कभी उसके पक्ष
02:59में वोट करके कभी अविस्टेन हो करके तो यह अं�
03:13नहीं बात होगी लेकिन इस वक्त मुझे नहीं लगता है कि बीजेपी डाइरेक्ट ये रिस्क लेगी एक आखरी सवाल भी
03:20होगा मेरा केशो जी आप से हमने देखा इससे पहले तमिलाड की रादनीती में फिल्मी सितारों का जलवा रादनीती में
03:28पहले भी देखने को मिला है
03:29MGR ने 1972 में AIADMK बनाई, 77 में आपात काल के हटने के बाद उनको सत्ता में मिली थी, 5
03:35साल उनको भी संगर्ष करना पड़ा था
03:37TVK को, विजे को तो दो साल में ही सत्ता मिल गई, लेकिन हमने ये भी देखा है केशो जी,
03:42कि जब MGR को सत्ता मिली तो उनके जीते जी सत्ता कभी हां से गई नहीं
03:4677 में बने थे, तो 87 में जब उनकी मृत्ती हुई, मुख्यमंत्री रहते हुए ही हुई
03:51क्या हम ऐसा देख सकते हैं कि अगर विजे एक बार आ गए, तो ये लंबा टिकने वाले हैं तमिल
03:55नाड में
03:57निश्चित रूप से, और मैं अस्पस्ट कहूँ, जो मेरा तमिल नाड कनेक्शन रहा है, तमिल नाड के मत्दा था, टीवी
04:04के में M.G. राम चंदरन की छवी देख रहे हैं
04:07बलकि बरे-बरे राजनितिक विश्ले सर्क, इनकी तुलना M.G.R. से कर रहे हैं
04:11जिस तरह का जादू M.G.R. ने परदे पर क्रियेट किया था, उसी तरह का जादू इनका भी रहा,
04:16हाला कि दोनों के अभिने की शैली बिलकुल अलग रही है
04:18M.G.R. एक नेचुरल अभिनेता थे, क्लास्कल अक्टर थे और वहीं पर विजय की लार्जर दे लाइफ इमेज है,
04:27उनकी एंग्री यंग मान वाली छवी है, जो बॉलिवड में मिताब बचन की छवी रही है, उस तरह के अभिनेश्यली
04:35से विजय आते हैं
04:36तो दोनों की यदा भी अभिनेश्यली अलग रही है, लेकिन पब्लिक में दोनों को लेके एक्स्पेक्टेशन एक जैसी है, अब
04:46दोनों में एक बात ब्यान दीजिए, M.G.R. का राजनितिक जीवन राजनिती में आने से पहले शुरू नहीं हुआ,
04:52लेकिन TV के का राजनित
05:06जैसी से, एक सवाल मेरा भी है इसमें, कि अगर विजय सत्ता में आते हैं, तो उनका असर केंदर पर
05:13M.G.R. वाला ही होगा, या उससे और बड़ा हो सकता है?
05:18माफ करें, मैं आपके सवाल को समझ नहीं पाया, कि अंदर की राजनिती पर M.G.R. का वैसा कोई
05:23प्रभाव नहीं रहा था उस दौर में, यह बहुत जादा नहीं, वही मेरा प्रशन है सर, कि जितना M.G
05:29.R. का प्रभाव था उस जमाने में, और विजय का जो आज प्रभाव
05:34होगा, जैसे कि स्टालिन के हर हम बात करें, तो स्टालिन का आज के दौर में कोई प्रभाव नहीं है,
05:39अर्मान लीजे कॉंग्रेस भी होती तो शायद उतना असार नहीं होता, लेकिन क्या विजय की अपनी लार्जर देन लाइफ वाली
05:46छवी लेकर आए हैं, और सत्ता में �
06:01है कि नई जो परिशीमन नीती है, लोग सभा में सीटों की संख्यां बढ़ाने की जो बात है, उसमें इसी
06:08बात को लेकर दुसारा रार है, उनको लगता है कि दक्षिन भारत की शक्तियों को कम करने का यह प्रियास
06:13किया जा रहा है, हलाकि आपका जो प्रसन ऐसी धार्थ मैं
06:16उसे बढ़ा अलग जवाब देना चाहूंगा, देखिए, जिस समय में MGR थे, उस समय में भले ही तमिलनाडु में कांग्रेस
06:25ने अपनी शक्ति खो दी थी, लेकिन राष्ट्री अस्तर पर उनकी ताकत कम नहीं हुई थी, केंदर की सरकार के
06:33लिए उस समय तमिलनाडु के आं
06:4645 सांसद हैं, तो इस पर UPA की सरकार अगर होती है, इंडिया अलैंस की सरकार होती तो इतके कंदों
06:51पर टिकी होती, जिस तरह से आज एंडिया की सरकार, चंद्रवाब नाइडू और नितिश कुमार की पार्टियों के कंदे पर
06:57टिकी हुई है, तो गटबंधन का जो बैभब
07:00कह रहे थे, 2024 के बाद फिर से देश में गटबंधन का दौर वापिस हुआ है, तो इस समय में
07:05स्टालीन अगर गटबंधन में रहते तो उनकी गुम क्या बहुत महत पुर्ण होती, उसी तरह से एक मिनट एक बात
07:13बात करना जाहता हूं, उसी परह से अगर तमिलनाड में या �
07:18रक्षे की राजनीत में टीवी के का उदे हुआ है, सी जोसफ विजय का उदे हुआ है, तो केंदर की
07:24राजनीत के लिए भी वो समीचीर रहेंगे, क्योंकि अब जिसकी भी सरकार बनेगी, उसमें संख्याबल की बहुत जादा महत्ता रहेगी,
07:31और एक बात और मैं आड़ कर
07:48मदरई से वो जीत कराये हैं, टीवी के के टिकट पे, वो प्रेस के सवालों का हिंदी में जवाव दे
07:56रहे हैं, ये कहीनक नी उनके नेस्नल एस्पिरेशन को दर्साता है, विजय अपने आपको अपनी पार्टी को लेकर राश्ट्रिय फलक
08:07पर भी एक भूमका के लिए तया
08:18हिंदी आते हुए भी हिंदी में खुल कर प्रेस के सवालों का जवाब दे, वो बहुत ज़्यादा इंगिलिस तक ही
08:25आते थे, हिंदी में जवाब देना दो बातों का परिचायक है, एक तो ये कि वो घिसी पिटी लाइन पर
08:30नहीं चलना चाहते हैं, वो एक इंक्रूसिव प
08:48में खा, MGR को 77 के दोर में सफलता मिली, उन्होंने अपनी पार्टी बनाई, अपनी पार्टी सरकार मना की आई,
08:54उसके बाद उनकी पार्टी से जैरलता आगे बढ़ी ही, MGR की मौत के बाद, उनको पास एक बनी बनाई पार्टी
09:00थी, उस पार्टी को उनने आगे बढ़ाया,
09:02वो भी कई बार सक्ता में रही लेकिन MGR के बाद सर बहुत सारे और अब नेता जो है वो
09:07राधनिती में आई
09:07कैप्टन विजे कांत है उन्होंने बनाई थी उनको सफलता नहीं मिली
09:10कमल हासन ने पार्टी बनाई उनको सफलता नहीं मिली
09:13रजनी कांत ने ऐलान किया लेकिन वो राधनिती में कूदने से बच गए
09:17उन्होंने आखरी मौके पर स्वास्त का हवाला दिया जो कुछ कहा कि वो नहीं उतरेंगे
09:20लेकिन विजे ने बनाई विजे को सफलता मिल गई
09:23इसकी वज़ा आपको क्या रजराती सिद्धार जी और केश्व जी आप जवाब दीजेगा
09:27क्योंकि मुझे जहां तक लगता है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि रजनी कांत ने राधनिती में उतरना तब
09:32चाहा
09:33जब वो अपने पीक के दौर से चले गए थे
09:36विज़ा अपने फिल्मों के पीक के दौर पर है करियर में इसी वक्त ही वो राधनिती मुतर आई
09:40अगर आप देखें तो रजनी कांत अपने सिर्फ करियर के पीक से उतरना मैं कहूंगा कि ये बहुत जल्दबाजी होगी
09:49क्यूंकि उनकी फिल्में आज भी उतनी अटेंशन गेंड करती है जितना पहले करती थी इन फैक्ट जब उनकी फिल्म रिलीज
09:54होती है
09:55तो अगर आप देखेंगे तो तमिलनाडो में सरकारी हॉलिडे हो जाता है
09:59हाला कि कमल हासन की जो पार्टी थी पककाली उसका वो कमल हासन तब आये जब उनकी एक पॉपुलर्टी जो
10:08है एकदम निशले हिस्तर पर थी उस जमाने में या उस दौर में
10:15पर रजनी कांद के साथ दूसरा कारण यह लागू होता है कि उनमें एक एंगरी यंग मैन वाला फैक्टर जो
10:20है वो पूरी तरह से मिसिंग देखता है
10:22क्योंकि जो नई जनरेशन है वो भले ही एस इस्टार उनकी फैन हो पर उनमें एक एंगरी यंग मैन का
10:28जो तड़का है वो उनमें नहीं दिखता था
10:30रही बात कमल हासन की वो देखते यंग है और तुलनापना ग्रूप से रजनी कांत से यंग भी है तो
10:37उनमें थोड़ा बहुत देख भी लिया लेकिन उनकी लोग प्रियता रजनी कांत या विजय के समक्ष नहीं हो पाई
10:44विजय जो हैं अभी किसी भी टाइप की फिल्म कर ले अगर विजय का करियर देखें तो बहुत सारी उन्होंने
10:51फ्लॉप फिल्में दी हैं लेकिन एक बार उनका जो हिट होना शुरू हुआ और वो ग्राफ कभी ऐसा भी नहीं
10:58कि हलका सा लाइट पड़ा हो हमेशा ब्राइ�
11:14नहीं करना पड़ रहा है अपनी फिल्मों को लेकर है साथ ही साथ रजनी कांत और कमल हासन ने कुछ
11:20चीज़ें नहीं की या कुछ चीज़ें उनके दौर में नहीं थी वो है यह कि फैन बेस अपना क्रियेट करना
11:27और उसको क्लब्स में बदलना करीब कहा ऐसा भी जाता है कर
11:30तमिल नाडू में पचास हजार से जादा विजय के फैन बेस हैं जो काम करते हैं ग्राउंड लेवर पर जब
11:37कोई बार आती है कुछ मुसीबत आती है तो ये सारे फैन बेस जमीन पर जाकर काम करते हैं उनके
11:43बीच में उतर कर
11:45लोगों की मदद करते हैं और विजय से इनको support भी मिलता है
11:47financial support भी मिलता है और systematic support भी मिलता है
11:51इसके अलावा social media पर बहुत सारे fan page हैं
11:54जो लगातार उनकी चवी को बड़ा चड़ा कर दिखाना
11:59या महिमा मंदन करना या कहें उसको viral करना
12:01यह सब काम किया रजनी कांथ और कमल हासन के पास
12:05यह दोनों option उस time पर नहीं थे या थे भी तो उसका
12:09इस्तमाल नहीं हो पाया तो एक बड़ा factor था आज का जमाना
12:12जो है वो gen z generation का है और वो social media से एक बहुत बड़ा
12:16दिश्टर विवाने में अपनी बात लोगों तक पहुचाना आसान है आसान है प्लस उससे narrative आप बहुत कम time में
12:22आखरी कोने तक पहुचा सकते हैं इसलिए विजय के साथ ही factor है दूसरा यंग्स्टर इंसे connect करते हैं सो
12:28करते हैं और जो अधिक उम्र के हैं senior citizen age के लोग हैं वो
12:46नहीं का कि मैं राजनीती फिल्म में छोड़ दूँगा इन्होंने ऐलान किया मतलब Batman movie अगर आपने देखी हो तो
12:54उसमें एक scene है कि जिसमें Christian Bale बार बार कुई से निकलने की कोशिश करते हैं लेकिन रसी बांद
13:00कर वो बार चड़ते हैं तो उन्होंने उस coach से अपने पूश
13:14और जब Christian Bale बिना रसी के जाते हैं और वो कुई से बाहर निकल आते हैं सेम scene में
13:20यहाँ पर repeat होता हुआ देख रहा हूँ कि विजए ने पहले अलान किया कि मैंने अपनी आखरी movie बना
13:26दी है release बाद में होगी बिल्कुल अब मैं पूरी तरह से जन सेवा में आना चाहता हू�
13:34माहल बनाया पूरे तमिल नाडों के अंदर कि फुल फ्लेजड लिया रहे यह उस तरह के नहीं है कि स्टेप
13:39बैक करेंगे यह आदा इदर रहेंगे आदा उदर रहेंगे वह वाला नहीं था तो इस चीज ने विजए को भी
13:45as a disciplined leader बनाया है और उनको full time politician बनने में काफी मद�
13:52की है और यही कारण है कि विजए ऐसे नतीजे दे पाए और मुझे लगता है कि इससे और बहतर
13:58जवाब केशव जी दे पाएंगे बिल्कुल केशो जी के पास चलते हैं साकरी सवाल को लेकर लेकिन उससे पहले मैं
14:03भी अपनी कुछ बात जोड़ना चाहता हूं केशो जी मैं
14:08पत्रकार को पढ़ रहा था उन्होंने लिखा था कि रजनी कांथ के पास भी मौका था विजए वाला रजनी कांथ
14:13असल में विजए से भी बड़े सुपरिश्टार थी तमिल फिल्मों के लेकिन वो मौका था उनके पास 90 के दशक
14:19में जब उनकी लोगप्रेता अपने चरम �
14:20पर थी लेकिन रजनी कांथ उस वक्त उन्होंने राजनीति माना चुना नहीं इसके साथ उन्होंने एक और गलती की है
14:25रजनी कांथ कभी भी अपनी राजनीतिक धारा बना नहीं पाए वो बीजेपी के भी करीबी बने रहे हमेशा योगी जी
14:32के पैर छू लेते हैं राम मं�
14:48तो क्या फेक्ट नजर आता है कभी रजनी कांथ विजे क्यों नहीं बन पाए उनको ऐसी राजनीतिक सफलता क्यों नहीं
14:53मिल पाई
14:56मैं जो बात कहना चाह रहा था आपने वही बात कह दी है तमिलाड में जो सितारों
15:03की ती
15:17कि मैंने बात की थी कंट्राटिक्री मैं इस दिये कह रहा हूं कि उनको पसंद ही इसलिए कर किया जा
15:22रहा है कि वो फिल्मों से आये हैं और एम जी राम
15:25चंद्रान ने तो कभी ही नहीं कहा था कि फिल्मों में काम करना छोड़ेंके जैललता राजनीती में जब आई
15:31कि मुखमंद्री के बनने के बाद उन्हेंने फिल्मों में काम कर रही थी दक्षिर के राजनीती के लिए कोई बड़ा
15:38मुद्दा नहीं है बलकि दक्षिर में तो यह ज़्यादा दीवानगी है कि उनका नायक फिल्मों में भी काम करता है
15:45नमरों मैं दो तीन उदाहरनों के सा�
16:01सीमन है जो एक अलग अपनी पार्टी चलाते हैं वो भी फिल्मों से आया हुए है लेकिन देखिए विजय कांत,
16:08खुस्वु सुन्दर, सीमन ऐसे अभिनेता बहुते रहे हैं वो टॉप अब दे लीग अभिताब बच्चन, साहरु खान, दिलीब कुमार के
16:16कदवाले अभिन
16:17अभिनेता नहीं है, वो एम जी आर, एंटी रामाराओ के कदवाले अभिनेता नहीं है, तो जब अगर आपके पास खुस्वु
16:23सुन्दर है, तो इनके पास भी उदेने डिय स्टालीन है, तो ऐसे नेताओं की मतलब भरमार है, उनकी कोई जरूरत
16:29इस तरह से ड्राइब करने
16:31के लिए नहीं है किसी भी पार्टी को, अब आते हैं, रजनी कांथ पर, यह कहना गलत है कि रजनी
16:40कांथ ने वह मौका खो दिया, वह 90 के दौर में आते, तो बड़ी जीत हासिल करते, 90 के दौर
16:46में रजनी कांथ की जितनी पॉपुलरिटी थी, उससे कई गुना जादा पॉ�
17:01इस कौन सी है, रोबो, इंदीर, तमील में जो इंदीरन के नाम से बनी है, वो है सबसे बड़ी हिट,
17:08वो तो 2000 के दसक में आई है, 2000 में रिखान से 2010 में आई है, शायर वो फिल्म, और
17:14क्या इसकोजा वो भी हो सकती है कि उस दौर में करणा दी जिन्दा थे, जलेलता का अपन
17:18एक प्रभाव था, अभी वो स्पेस खाली हुआ है, नहीं, मैं जो बात कहना चाहरा हूं, वो यह है कि
17:24रजनी कांथ, अगर निर्भीक होकर राजनीती में आते हैं, तो एक अलग ही किर्तिमान स्थापित करते हैं, तो यह जो
17:31108 सीटे आप देख रहे हैं विजय की, वो 208 सी�
17:46कभी अन्ना द्रमुक के पास चले जाते हैं, कभी मोदी जी के पास चले जाते हैं, जैसे ही आप याद
17:52कीजिए कि 2020 में जो COVID का समय था, उस समय में रजनी कांथ ने ऐलान किया था, कि वो
17:59अपनी पार्टी बनाएंगी, और जब आप राजनीती के मैदान में उतरेंगी, तो स
18:15जब रजनी कांथ डर गए, उन्हें लगा कि जो उनकी लोगप्रियता है एक नेता के रूप में, नेता के रूप
18:21में वो लोगप्रियता कम से कम एक साइड से वो खो देंगे, कोई आपका प्रसंसक होगा है, राजनीती में कोई
18:28ने कोई विरोधी तो होगा है, जबकि एं�
18:45कांथ की फिल्म रिलीज होती है, लोग अपने फूट वेर उतार के जाते हैं थियेटर में, इतनी बड़ी दिवानगी है
18:51रजनी कांथ को लेकर के, लेकिन लोगप्रियता कोने का जो उनका भै था, वो उन्हें जो अन्य विचारधारा है, उससे
19:00अलग दिखने का साहस नहीं
19:02दे पाया, इसी लिए रजनी कांथ के एलान किया और फिर उसको रिट्रैक्ट कर लिया, वो अपनी पार्टी बनाने का
19:10वादा करके पार्टी खतन कर देते हैं बनने से पहले ही, एक बात यह हुई, इस कैलीबर का दूसरा आविनेता,
19:18जो राजनीत के मैदान में पिछले कु
19:30सिकल एक्टर ही थे, सर वो जमाना दूसरा था, उनकी नहीं, कमल हासन को लेकर के आज तमिलाड़ी में क्या
19:37आग रहा है, क्या उनको कमजोर अबनेता माना जाता है, क्या उनकी फिल्में नहीं चलती है, सर लेकर उतने बड़े
19:44भी तो नहीं है, जितने विजय या फिर रजन
20:00वो सारे बड़े अधिनेता, मैं विजय कांत की सीमन की खुश्बु सुंदर की बात नहीं कह रहा, मैं टिपिकली कमल
20:07हासन और रजनी कांत की बात कर रहा हूं, और विजय की बात कर रहा हूं, कमल रजनी कांत की
20:12बात तो हो गई, कमल हासन भी और रजनी कांत, वो क्लारिटी
20:17लेकर नहीं आए रजनी कांथ की बाद तो खत्म हो गई वह साहस नहीं चुटा पाए थोड़ी सी लोग प्रियता
20:22खोने का अब कमल हासन राजनित में आभी जाते हैं तो वह DMK से अपनी निगठता दिखाते हैं अब लोगों
20:31के सामने ये प्रस्न है कि वह जब कमल हासन ही DMK है
20:35तो वह DMK कोहीं क्यों लची नहीं अब आते हैं बात विजय पर विजय ने शुरुवात से हैं एक क्लारिटी
20:45रखी वो क्लारिटी ये थी कि मैं DMK का विरोधी हूँ
20:55क्योंकि जैसे ही तमिलनाड की जनता को ये लगेगा कि ये DMK का विरोध कर रहे हैं और भारतिये जनता
21:02पार्टी के साथ जा रहे हैं तो उनके हार की पटकता लिख दी जाएगी
21:06इसलिए विजै ने भले कांग्रेस विजै को राजिंतिक रूप से परिपक्व मानती हो लेकिन विजै ने बहुत बड़ी राजनितिक परिपक्वता
21:16का परिचय देते हुए भारतिये जनता पार्टी के तरफ से मिले हुए गठबंधन के प्रस्ताव को नकार दिया
21:24जो 10-12 फिजदी संख्यक वोटर हैं इसाई और मुसलिम उनका भी समर्थन एक तरफा मिला है विजै को बिलकुँ
21:31उस पर भी आता हूँ उससे पहले तो क्या हुआ कि विरोधी जो वोट है वो DMK से इनकी तरफ
21:38शिप्ठ हुआ
21:40DMK से नाराज़गी वाला वोटर जो है वो भी इनकी तरफ शिप्ठ हुआ विजै की तरफ अब आते हैं विजै
21:47ने तमिलनादू में एक नया नियो वोटर ग्रूप क्रियेट किया है वो है CDA
21:54C मतलब Christian, D मतलब Dalit, A मतलब Alpsanchyat अगर इनकी वीजै भी से निकरता दिखती तो Alpsanchyat वोट तो
22:04किसी हालत में नहीं मिलते और टमिलनादू में बहुत संख्यत वोट भी नहीं मिलते
22:07D दलित, DMK में जो D फैक्टर है दलित फैक्टर उनको वर्सों तक सत्ता में बनाए रखा लेकिन पिछले कुछ
22:16दिनों से दलितों के उत्पीरण की जो कहानिया सामने आ रही थी एक नाराजगी थी जिसका लावी ने मिला
22:23और एक बात मैं बहुत जोखिम लेकर आपके सो में बोल रहा हूँ वो ये है कि तमिलाड की डिमोग्रेफी
22:30बदली है मिसिनरी जो वहाँ पर सक्रिये हैं उसके कारण छोटा ही सही एक वोट बैंक बना है वो है
22:39क्रिस्चियन वोट बैंक वो बना है आप कन्या कुमारी वाले
22:42इलाचे में जाए उहाँ पर वोट बैंक बन गया है इसे कि अगर 2016 में जैललता की विमारी से मौत
22:56ना हुई होती अगर करुणा नेदी 2018 में ना मरे होते ये दुनों जीवित होते तो उनके रहते हुए कभी
23:02विजय जैसा अब नेता बन कितनी सीटेला सकता था आपके साब से
23:06अच्छा देखिए ये तो जो हमारे क्रिकेट के कमेंटेटर है नवजोद सिंग सिंदू वो कहते हैं कि अगर हमारे चाची
23:15की मूछे होती तो मैं उन्हें चाचा ना कहता अगर आज की तारिक में जैललता मैदान में होती करुणा नेदी
23:23मैदान में होते तो क्या पता विज
23:36उस दोर में शायद विजय को ऐसी काम्याभी नहीं मिलती। मुझे ऐसा लगता है कि तमिलनाड में अम्मा को लेकर
23:43दिवानगी रही है।
24:06संभावना जरूर होती कि अगर आज की तारिक में अम्मा और कलेंगर होते तो शायद विजय को इतनी बड़ी सफलता
24:13नहीं मिलती।
24:16सिधार जी आपको जोड़ना चाहते हैं पाजित क्याते हैं।
24:18इसमें बिल्कुल वैभब अगर काश यूं होता तो क्या होता वाला तो फैक्टर हमेशा हर घटना और दूर घटना के
24:26साथ रहता ही है।
24:29अगर वो होते भी जले लगता अम्मा का निधन हुआ था पांच दिसंबर दूहजार सो लाग को उस दन मैं
24:37अपना जनल दिन बना रहा था और इसलिए मुए वो घटना याद है।
24:41उनकी लोग प्रियता इतनी थी कि जब उनका निधन हुआ तो कुछ लोगों ने अपनी जान खुद से दे दी।
24:46करुणा निधी के समय पर मैंने ऐसा नहीं देखा।
24:50लेकिन हाँ विजाए इस बात से मैं सर की बिलकुल सहिमत हूँ कि अगर ऐसा होता उस टाइम पर विजाए
24:58आते तो शायद 108 है 107 एक्टिव इनक्टिव मिलाकर, 108 सीटें जो मिली है।
25:05लग तो मिलाकर कह सकते हैं टाइमिंग बहुत सही है इनकी।
25:07टाइमिंग सही है कुछ चीज़े इनके लिए प्रकृती ने भी खोली है।
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