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तमिलनाडु की राजनीति में थलापति विजय ने ऐसा दांव चला है, जिसने पूरे सत्ता समीकरण को बदल दिया है। लगातार राजनीतिक अड़चनों और चर्चाओं के बीच अब खबरें हैं कि राज्यपाल भी TVK के दावे से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री शपथ को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। DMK और AIADMK दोनों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। आखिर विजय ने ऐसा क्या किया जिससे पूरा खेल पलट गया? इस वीडियो में जानिए सरकार गठन की पूरी कहानी, अंदर की रणनीति और तमिलनाडु की राजनीति का बड़ा अपडेट।

Tamil Nadu politics has taken a dramatic turn as Thalapathy Vijay’s TVK appears closer than ever to forming the government. After intense political negotiations and repeated twists, reports suggest Vijay’s latest strategic move may have convinced the Governor to move ahead with the oath process. The developments have shocked rival parties like DMK and AIADMK while energizing TVK supporters across the state. What exactly changed the political equation, and how did Vijay strengthen his majority claim? In this video, we break down the latest updates, political strategies, alliance support, and the fast-changing power battle in Tamil Nadu politics.

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~HT.410~PR.540~ED.108~

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00:00सबसे पहले एक लाइन में अगर इसको कहें तो बीजेपी जो है वो गलती करने से बच गई है अगर
00:05विजय को अभी भी लटकाया जाता या फिर और गुमाया जाता या किसी तरह से रोकने में सफल रहते तो
00:14यह बहुत बड़ा नुकसान होता बीजेपी की इमेज के लिए और
00:17कहीं न कहीं यह आरोप उन पर लगते कि राजविवन का इस्तमाल वो एक सेंट्रल टूल की तरह कर रहे
00:23हैं तो इससे बीजेपी बच गई है और बीजेपी को यह सब नहीं करना चाहिए था जो परदे के पीछे
00:29से करवाने के आरोप उन पर लग रहे हैं अब एक में एक ची
00:46के हैं ओट सेरेमनी और इसके बाद अब यह तीसरी बार कहा जा रहा है कि कल शायद शपत ले
00:52सकते हैं चूंकि सारे लेटर स्वाप दिये गए हैं इन सब के बावजूद राजय पाल आर लेकर की जिम्मेदारी बनती
00:59थी कि लेटर अगर आपको मिल गए हैं तो आप सरकार ब
01:15इसको मजबूत करके वापस आएं और फ्लो टेस्ट करें बहूमत साबित करें लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो यह भी कहीं
01:21न कहीं इतिहास में जब लिखा जाएगा कि किस तरह से एक सिंगल लार्जस पार्टी को गुमाया गया मौका तक
01:27नहीं दिया गया तो इस पर हमेशा कही
01:36इसा नहीं हुआ कि जिनके पास बहुमत नहीं था उन्होंने शपत नहीं ली आप चाहे ताजा उदारन देवेंदर फढ़न भी
01:42इसका देख लीजिए सुबह पांच बजे शपत होती है तो यह कहीं न कहीं आप सीधी सीधी तस्वीर हैं कि
01:48केंदर के कहने पर यह सब होता है
01:50अब राजपाल आरलेकर पर आ जाते हैं इससे पहले यह साथ-साथ अभी जो हैं वो कारिवाह के राजपाल हैं
01:58तमिलनाडू के और केरल के राजपाल रहे हैं अभी भी हैं और इससे पहले बिहार और हिमाचल प्रदेश जैसे राजव
02:06में भी बत और राजपाल यह रह चु
02:20बीजेपी के लिए पार्टी मजबूत की और जब 2014 के असपास जब केंदर में बीजेपी 14 में आई और सोला
02:29में ग्वाँ में जब तुनाउब वनुहर परिकर को केंदर में लाया गया तो प्रमूत सावंद की जगे ये चर्चा भी
02:36थी कि कहीं न कहीं आरलेकर को सीम बनाया जा
02:49राजपाल बन के ये विहार पहुंचते हैं, तब नितिश कुमार उन्देनों आरजवेटी के साथ होते थे, तो उस ताइम पर
02:55जो एजुकेशन मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी होते थे, केके पाठक, उनके साथ भी इनका टकराओ लंबा चला, इतना चला कि जो
03:03बैठके होती थी
03:05राजपाल जो होता है, वो स्टेट की सारी यूनिवर्सिटी का वीसी भी होता है, चांसलर होता है, तो वहाँ सारी
03:13मीटिंग जब ये लेते थे, तो एक दूसरे से देखना तक पसंद नहीं करते थे, हिमाचल प्रदेश का इनका जो
03:19कारिकाल रहा, वो ठीक रहा, इन्होंने
03:21कई सारे अच्छे वहाँ पर काम भी किये हैं, जनता के लिए राजभावन के दर्वाजे कोले, लेकिन जैसे ही ये
03:28केरल पहुंचते हैं, तो केरल में सीधा इनका टकरा होता है, पीनरे विजियन की सरकार से, वहाँ पर आप देखिए
03:34कि जो बजट भाशन होता है विधान स�
03:48ना थी, नतीजा क्या होता है कि राजपाल का भाशन एक मुख्यमंत्री पढ़ रहा है विधान सभा के अंतर, अब
03:55मैसेज देखिए कि यहां से कितना गलत जाता है, तो ये इनके साथ रहा, इसके अलावा कई सारे भाशन जो
04:01केरल के असेंबली में केंदरे खिलाफ होते थे
04:04तो ये उनको एक्सपोंच करवाने की, यानि की वहां से हटवाने की, रिकॉर्ड से हटवाने की कोशिश करते थे, जो
04:11बिल आते थे, जो पिनरे विजियन बिल लेकर आते थे, बिल पास होते थे, पास होने के बाद राजपाल के
04:18हस्ताक्षर होना जरूरी है, तो ये सिर्फ
04:21उस पर मन्थन के नाम पर उन्हें कई हफ्तों तक लटका रहते, कई दिनों तक लटका रहते, ताकि जो है
04:28कही न कही सरकार चलाने में पीनर रिविजिन को मुश्किल हो, या जो वो काम करना चाहते हैं, कम स्कुम
04:33उसको तो अठकाया जा सके, तो ये सारी चीज़ है रही, इनक
04:50कि दिन में दो बार जाते हैं, कुछ हासिल नहीं होता, लोटा दिया जाता है, उसमें विजय की भी थोड़ी
04:55गलती है, विजय चुकि फर्स टाइमर पॉलिटीशन है, तो वो इसके साथ पहुंचे कि मेरे पास परसेंटेज है, जबकि किसी
05:02राज में परसेंटेज के आदार
05:16कर सकते हैं, और यह सलहा उन्हें एक ब्यूरोक्रेक्ट ने दी में उनका नाम लेना नहीं चाहूंगा, लेकिन उनकी तरफ
05:24से इनको सलहा में ली कि आप ऐसा कर ली जे, ऐसा होता नहीं है, इसके बाद विजय फिर से
05:29जाते हैं अगले दिन लेकिन अगले दिन उनको फिर से �
05:32दिया जाता है, अब यहां पर विजय जो है वो फेड़ा को चुके थे कहीं ना करी राजपाल के रवाईए
05:38से और तब से लेकर यह रस्ता कसी चल रही थी, पिल्कुल, सिदार जी इसमें एक सवाल ये भी है
05:46कि पांच दल अबाद चुके हैं विजय के साथ में, पहले कॉं�
06:01जाता है कि इतने छोटे-चोटे दलों के साथ सरकार चला पाना थोड़ा मुश्किल होगा विजय के लिए, क्योंकि आपने
06:06ही कहा कि वो भी नए-णए है रादिंती में?
06:10देखिए, आम तोर पर क्या होता है कि छोटे दलों के साथ सरकार सलाना मुश्किल भी हो सकता और आसान
06:16भी हो सकता है, यह सब डिपेंड करता है कि आप उन्हें ओफर क्या दे रहे हैं और कैसे उन्हें
06:21बचा के रखा है, क्योंकि छोटे दलों का तूटना बहुत आसान है, �
06:25बहुत ही छोटी चीज है जब चाहे बड़ी पार्टिया उनको तोड लेती है अपने हिसाब से लेकिन यहाँ पर तमिलाडू
06:32की राज नहीं तो पूरे देश में सबसे ज़्यादा पार्टियों वाला मैं कहूंगा राज है तकरीवन डेर सौ के आसपास
06:40पार्टियां एक जमा
06:550.29 प्रतिशत है जबकि नोटा का वोट प्रतिशत यहाँ पर 0.41 है नोटा का प्रतिशत IUML से ज्यादा
07:04है ऐसी कई और पार्टियां है जो 0 से मतलब 0.0 कुछ-कुछ में आती है अपना वोटिंग परसेंटेज
07:12लेकर और फिर वो केंग मेकर की भूमिका निभाती है अब य
07:19या तो उन्हें अच्छा ओफर दें ताकि उनका सत्ता में बने रहने का मन भी बना रहे साथ ही साथ
07:25विजह को एक चीज़ और करना पड़ेगी कि उन्हें जो केंद्रिये ताक्ते हैं केंद्रिये सरकार की तरफ से जिस तरह
07:32की कारवाईया हो जाती है अक्सर कि जब जाच मे
07:35कोटे ललों की विधाया करप्शन में या दूसरे चार्जिस में पकड़े जाते हैं तो उन पर फिर मुकदमे बाजी होती
07:42है और फैसले भी कई बार आ जाते हैं कोट की तरफ से तो उनकी विधाया की चली जाती है
07:47ताजा मामला आप अगर देखें तो हाल ही में मधिपरदे
07:51इसमें बीजेपी रिपीट जरूर हुई लेकिन ग्रहमांतरी नौत्रमिशा अपनी सीट धतिया हार गए थे अभी पिछले पंदरा दिन में वहाँ
07:59पर जो संतोष भारती थे उनके ऊपर मुकदमा चल रहा था और उस मुकदमे में फैसला आया और उनकी विधाय
08:08की चली अ�
08:15फुख फुख कर कदम रखना पड़ेगा हाला कि उनके पास डीमके के कई विधायक हैं जिनके पास लबा चौड़ा राज
08:21जीतिक एक्सपिरियंस है लेकिन विजय उस एक्सपिरियंस से कितना सबक लेते हैं तो वो भी एक देखने वाली बात होगी
08:28साथी एक चीज और है कि
08:30कोर्ट वाला रस्ता जो है विजय का जो कोर्ट वाला पैतरा कहें या मूग कहें वो कहीं ना कहीं विजय
08:38के काम में आया विजय ने जब अपने करीबी हैं उनके IPS रहे हैं रामा सुबरमणी उनसे मिलकर सला की
08:47कि हमें क्या करना चाहिए राजपाल जिस सरीके से लटका रहे ह
08:50तो फिर उन्होंने सलाह दी कि हमें अब सुप्रिम कोट की तरफ मूब करना चाहिए
08:55और इनफेक्ट याचिका भी सुब्रमणी की तरफ से डाली गई
08:59तो इन सारे पैतरों से विजह को अभी ही अच्छा खासा अनुभा मिल गया है
09:05कि पांच साल उनके कैसे होने वाले
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