00:00क्या तमिलाड में अब फिर से विधान सभा की चुनाव होंगे और अगर विधान सभा की चुनाव फिर से होते
00:05हैं तो क्या विजय की पार्टी टीवी के को दोसों से जादा सीटे मिल सकती हैं जी हां तमिलाड में
00:11अभी नई सरकार को लेकर चीजें सपश नहीं हो पाई हैं इ
00:26पर इस स्थिति क्या है? चार मई को नतीजे आते हैं, सबसे बड़ी पार्टी बनती है TVK, जिसे मिलती है
00:31108 विधात सभा के सीटे हैं, इसके बाद DMK, AIADMK होती है, कॉंग्रिस को भी 5 सीटे मिलती हैं, और
00:37भी कई सारे छोटे मोटे दलो को भी 2-1 सीटे मिलती हैं, TVK के पास सब
00:42सबसे बड़े सबस्यादा विधायक तो हैं, लेकिन बहुमत का आकड़ा उसके पास नहीं है, उसे 11 विधायकों की जरूरत है,
00:48ग्यारा कैसे? 108 विधायक चुने गए हैं, उसमें से विजे 2 सीटों पर चुनकर आए हैं, एक सीट उन्हें छोड़नी
00:53पड़ेगी, जहां पर �
01:07मिल चुकी हैं, कॉंग्रेस का समर्थन मिल चुका है, अब 112 सीटे हो चुकी है, छे और विधायक विजे को
01:13चाहिए, ताकि वो सरकार बना सकीन, विजे दो बार तमिलनाट की राजपाल से मुलाकात कर चुकी हैं, दोनों बार राजपाल
01:19ने कहा कि आप 118 विधायकों के समर्
01:36बात बन पाएगी या नहीं, और क्या कोई बड़ा दलवी विजे को गडबंधन दे सकता या नहीं, इस पर भी
01:41अभी कुछ साफ नहीं हो पाया है, जैसे चर्चा चलती है कि AIA DMK हो सकता है, समर्थन दे दे
01:47विजे को, लेकिन अभी जब तक कुछ साफ नहीं है, तब तक ये
01:50चर्चाएं होनी शुरू हो गई है, कि क्या विजे चाहेंगे कि फिरसे विधान सबा के चुनाव हो जाए, और जनता
01:56के बीच वो जाकर ये मैसस देने में काम्याब हो पाएं, कि देखो आपने हमें पूरा बहुमत नहीं दिया, तो
02:02इन लोगों ने हमारा समर्थन नहीं किय
02:03ये लोग हमें चाहते नहीं कि मुख्यमंतरी बने, तो इस आधार पर क्या जनता और भावुक हो कर उन्हें और
02:10बड़ा जन समर्थन दे सकती है, और बड़ा पोहमत दे सकती है या नहीं, इसको लेकर खुट चर्चा हो रही
02:15है, देखे ऐसा एक बार हो चुका है, तमिलनाट
02:17जैसे बड़े राज में तो नहीं, लेकिन दिल्ली जैसे केंशासित परदेश में, जहां पर एक सरकार, छोटी सरकार रहती है
02:24या कहले जिसके पास ज़्यादा ताकत नहीं होती, दिल्ली में चीज हो चुका है, 2013 में अर्विन केजरिवाल नई-नी
02:29पार्टी बना कर आये थे
02:30उनको जन समर्थन मिल रहा था, लेकिन 2013 वाले दिल्नी चुलाओं में उनको बहुमत नहीं मिल पाया, उनकी पार्टी को
02:35मिली थे 23 सीटें, वीजेपी को मिली थी 11-21 सीटें, और कॉंग्रेस पार्टी को मिली थी 8 सीटें, क्या
02:41करते हैं अर्विन केजरिवाल, सरकार बना ले
02:44उनके पास बहुमत से ज्यादा विधायक हो जाता है, 36 विधायक, लेकिन वो सरकार ज्यादा दिन चला नहीं पाते, 49
02:51दिनों के अंदर ही वो स्तीफा दे देते हैं, फिर से जनता के बीच में जाते हैं, कहते हैं कि
02:55आपको अगर मुझे सत्ता सौपनी ही है, तो आपको मुझ
03:12चुनाव दिल्ली का होता है, उसमें आपको 70 में से 66 सीटे मिल जाती हैं, सिर्फ तीन विधायक आम आदमी
03:20पार्टी को छोड़ कर दूसरी पार्टी के बने थे, वो थे वीजेपी के, बाकी 66 सीटे मिली थी अर्विन केजरिवाल
03:26को, तो क्या कुछ ऐसा ही करने के बारे में स
03:29सोथ सकते हैं विजे तमिलनाड में, लेकिन ये से बाते हैं क्योंकि असल में दिल्ली और तमिलनाड की बीच में
03:35बहुत अंतर है, 70 विधानसवा सीटों और 234 विधानसवा सीटों की बीच में भी अंतर है, तमिलनाड में पूर सरकार
03:42बनती है, जिसके पास अपनी पुलिस ह
03:44जिसके पास अपनी ताकत होती है दिल्ली की जो सरकार होती है उसमें उसके पास उतनी ताकत नहीं होती है
03:49दिल्ली की पुलिस ग्रहमंतराले के अंदर आती है जो के अंदर समहलता है तो तमिलनाड में ऐसा करना आसान नहीं
03:55होगा तो कि तमिलनाड का चुनाओ दिल्ली के चुन
04:13कार मानते हैं वो ये भी कहते हैं कि अगर ये रिस्क लेने के बाद उन्हें वैसी सफलता न मिल
04:19पाई क्या पता इस बार 108 सीटे मिलें हैं अगर चिनाओ हो तो ने 100 सीटे मिलें या उससे कम
04:24मिल जाएं तो अब क्या होगा विजय तो तब धाटी में हो जाएंगे यानि संभाव
04:28दोनों बन सकती हैं या तो विजय की बातों में जनता आ जाएगी उन्हें लगेगा कि नहीं यार पिछली बार
04:34चूप गए थे इस बार और ज्यादा सीटे दे देते हैं तो विजय को बहुमत मिल सकता है बहुत भारी
04:39बहुमत मिल सकता है लेकिन इसका उलट भी हो सकता है हो
04:47कुछ भी हो सकता है इसलिए राधनितिक जानकारे मानते हैं उनका यह कहना है कि विजय ऐसा कोई रिस्क नहीं
04:54लेंगे 108 विधायक चुनकर आ गए हैं उन विधायकों की मर्जी भी नहीं होगी को फिर से विधानसभा में जाएं
05:00उन्हें भी तो डर लगेगा ना कई सारी सीटो
05:02पर विधायक एक वोट से चुनकर आएं एक वोट रहा है जीतार कांतर कई सारी सीटो पर 500 रहा है
05:07हजार रहा है पंदरा सो रहा है उन्हें भी डर लगेगा कि कहीं फिर से चुनाव होगा तो ये पंदरा
05:12सो का अंतर खत्म न हो जाए हमारे वीपक्षी न जीत जाएं इसलि�
05:29किसी को बहुमत नहीं मिला है और जोर तोर की सरकार चलाना भी आसाल नहीं होता है चोटे-चोटे दलों
05:34की बड़ी-बड़ी मांगे होती है मलाईदार मंतराले चाहते हैं और भी तमाम चीजे होती है उसमें भी संकट होता
05:40है विजय कोई मंझे हुए राधनिता नहीं है अ�
05:56आपकी योजनाओं से कितना ज्यादा जनता पर असर पड़ रहा है जनता का कैसा रियक्षन है तो कि जनता का
06:01भी तो मूर्ड मिजाज बदलेगा वैसे तो आपको इक अब नहीं है और वो रिस्क भी नहीं लेना चाहेंगे ये
06:19भी बात है तो गड़ बंधन की ही सरकार बने�
06:25आएंगे विजय को किसका किसका समधन मिलेगा याने वाले दिनों में पटा चल जाएगा लेकिन जो अब पर लगातार मिलती
06:42रहेगी फिलहाल तक के लिए इतना है
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