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Transcript
00:00जर्मन मारते जा रहे हैं, मारते जा रहे हैं रूसी सैनिकों को
00:02और एक के बाद एक नई डिविजन्स खड़ी होती जा रहे हैं रूसी सैनिकों की बताओ रूसी सैनिक कहां से
00:07आ रहे थे
00:07वो civilians थे जो बिना training के अब हुद कम training के खड़े जाते थे बोलते थे मैं सैनिक बनूगा
00:12कितने उनको मानेंगे जर्मन जर्मन मार मार के ठक गए
00:15जितने उन्होंने रूसी मारे उतना तो कोई नहीं मरा पूरे विश्युद में
00:19दोनों शुद मिला के उतना कोई नहीं मरा
00:20रूसी मरते जाते थे उनकी जंता नए सैनिक खड़ करती आती थे बोलते अब हमारे हर आदमी सैनिक है
00:25बताओ क्यासे हरा लोगे
00:26उनकी technology बेकार उनकी training बेकार
00:29जर्मनों के tank बहतर है जर्मनों के planes बहतर है
00:32सब कुछ जर्मनों का बहतर है
00:33जीता रूस
00:34क्योंकि वहाँ का आम आदमी गुलाम बनने को तयार नहीं था
00:37एक जर्मन टैंक जब 10 रूसी टैंक को वो मारता था
00:40तब वो नश्ट होता था
00:41तो रूसीयों ने क्या किया
00:42उन्होंने कहा हमारे टैंक गड़बड है न
00:43सब लोग लग जाओ पूरी एकनॉमी उन्होंने रोग दी
00:46बोले एक भी civilian good manufacture नहीं होगा
00:49दिस विल बी टोटली war industry
00:51पूरी manufacturing उन्होंने defense production में लगा दी
00:54बोले घटिया ही टैंक है पर हम 100 गोने ज्यादा बनाएंगे
00:56हम civilian use की एक भी चीज नहीं बनाएंगे जनता कश्ट सहलेगी
01:00लेकिन हम नहीं बनाने वाले कपड़े की टिशू पेपर की ये की वो कुछ नहीं बनाएंगे
01:04हम टैंक ही टैंक बनाएंगे हम यहीं बनाएंगे
01:06तो जर्मन इतने टैंक मारते थे रूसियों के उससे दसगोने और आ जाते थे
01:10बताओ कैसे बना लोगे गुलाम तो जब दो शंग्रेजों पर देता हो न कि अंग्रेजों ने आके हिंदुस्तानियों गुलाम बना
01:15लिया
01:15पुछना बढ़ेगा हम 40 करोड लोग थे हम बरदाश्ट कैसे करते रह गए बात क्या थी और कहीं वो बात
01:21आज भी मौजूद तो नहीं है
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