00:00अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें नए और अनोखे सफर का शौक है, जो दुनिया की उन छुपी
00:04हुई मंजिलों की तलाश में रहते हैं जहां आम लोग नहीं जाते, तो आज का ये तज्जिया आप ही के
00:09लिए हैं।
00:30अपसलूटली नौट, ये एक अजीम औशान तारीख का खामोश गवा है। तो चलिए, इस खामोश शहर की गलियों में कदम
00:38रखते हैं और देखते हैं कि आखर क्या चीज इस जगा को दुनिया का एक अजीब तरीन अजुबा बनाती है।
00:44लेकिन जरा सोचिए, क्या आपने क
00:46जब ही किसी ऐसे शहर का तसवर किया है, जहां जिंदगी का कोई वजूद ही न हो, यानि लिविंग पीपल
00:53हैं ही नहीं। ये कॉंसेप्चुली कितना हैरान कुन है, राइट। मकली सिर्फ एक आम सा कबरिस्तान नहीं है। ये बाकाइदा
01:01एक नेक्रोपॉलिस है, यानि म�
01:15जलियां हैं, रास्ते हैं और अजीमों शान इमारते हैं, मगर वहां बसने वाले सद्यों पहले खामोश हो चुके हैं। इस
01:22शहर का इंफरस्ट्रक्चर देखकर लगता है कि उस वक्त के लोग मौत को कोई एंडिंग नहीं, बलके अगले सफर का
01:28एक ग्रैंड स्टार्ट सम�
01:45पहलावा, ये लिटरली दुनिया का सबसे बड़ा कबरस्तान माना जाता है। जस्ट इमाजिन, जहा तक आपकी निगाह जाती है, सिर्फ
01:52सदियों की तारीख, मिटी के इन टीलों और पत्थर के मकबरों में महफूज है। छोटी कबरों से लेकर बादशाहों के
01:58उचे गु
02:14अब आप शायद सोच रहे होंगे कि ये जगा सिर्फ अपने साइज की वज़े से मशूर है, लेकिन नहीं ऐसा
02:20बिलकुल नहीं है। जब आप करीब से इन पत्थरों की बारीकियों को देखते हैं तो फन्ने तामीर का एक बिलकुली
02:26नया जहां सामने आता है। इन मकबरों �
02:28पर जो काम हुआ है वो महस पत्थर तराशना नहीं है, ये एक जिन्दा फन है, यहाँ आपको हिंदू, इसलामिक
02:34और मुगल आर्किटेक्चर का एक बहतरीन और अनोखा मिक्स देखने को मिलता है। कमाल के फ्लोरल डिजाइन्स, जोमेट्रिक पैटर्न्स और
02:41इतना नापा
02:58और ये जो इतने डीटेल डिजाइन्स और अजीम मकबरे हैं, ये सिर्फ सजावट के लिए नहीं बनाए गए हैं, ये
03:04बेसिकली इंशिंट हिस्टॉरिकल रेकर्ड्स हैं, यहाँ सिंध पर हुकुमरानी करने वाले अजीम सम्मा, अर्खुन और तर्खान खानदान के बाद
03:25अजीम और शान पत्थर का मखबरा देख लें, जो वक्त के थपिणों से आज भी बचावा है, इन पत्थरों की
03:30हर लकीर में इन अजीम हुकुमरानों, रानियों और सिपासालारों की कहानिया दबी हैं, जो लोग कभी अजीम तरीन ताकतें थे,
03:38जिनके आगे दुनिया सर �
03:39जुकाती थी, आज वो यहां मिट्टी बन चुके हैं, इस बात का सुबूत है कि वक्त किसी को नहीं बखशता,
03:45खामोशी, जब आप इन अजीम अमारतों के दरमयान कदम रखते हैं तो माहुल बिलकुल तबदील हो जाता है, एक ऐसी
03:52गहरी पुर असरार खामोशी चा जाती
03:54है कि जैसे वक्त वहां आकर रुख गया हो, बाहर की दुनिया का शोर जैसे इन सरहधों पर ही दम
03:59तोड़ देता है, पता है कहते हैं कि इस खामोशी में आज भी उस पुरानी तहजीब की सांसे महसूस की
04:05जा सकती है, जब तेज हवा इन कदीम जालियों और गुमबदों से �
04:08खकराती है, तो एक अजीब सी सरगोशी पहदा होती है, ऐसा लगता है जैसे माजी के वो लोग जो आप
04:13खामोश हैं, आपको कोई पोशीदा दास्तान सुनाने की कोशिश कर रहे हो, एक बहुत ही मिस्टीरियस, स्पिरिच्वल सा तजुर्बा होता
04:20है, जो दुनिया भर से �
04:21आने वाले सयाहों को लिटरली अपने सहर में जकर लेता है।
04:51और किसी खोजी का इंतजार कर रहे हैं, हर साल इन मगबरों की मिट्टी नए सवालात जनम देती है।
04:56दुनिया बेशक इसे एक अजीम कबरिस्तान के तौर पर जानती है, मगर इस असरार भरी जमीन के तमाम राज वो
05:01अभी खुलने बाकी हैं।
05:02तो आखिर में हम एक बहुत एहम सवाल पर आते हैं।
05:06पाकिस्तान के इस पुर असरार खजाने और माजी की इस चुपी हुई निशानी को कम्प्लीटली दर्याफ्त करने के लिए आगे
05:12कौन बढ़ेगा।
05:13दुनिया भर के वो सयाह जो हमेशा इन हिडिन जेम्स की तलाश में रहते हैं मकली सद्यों से उनकी राह
05:19तक रहा है।
05:20ये एक ऐसी मनजल है जो एडवेंचर और हिस्टी से इश्क रखने वालों को खुली दावत देती है।
05:25वैसे ऐसी मजीद पूरसरार मनजलों और तारीखी बातों का हिस्सा बनने के लिए चैनल को जरूर सबस्क्राइब कीजिए।
05:31लेकिन सोचिए जरूर क्या मिटी में दबी ये सद्यों पुरानी कहानिया और बादशाहों के राज हमेशा खामोश रहेंगे या इस
05:38पूरसरार दुनिया को एक नए सिरे से द्रियाफ्त करने का वक्त आखिरकार आ चुका है।
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