00:05अमेरिका की सेनेर निती में एक बड़ा और चौकाने वाला मोर सामने आ सकता है
00:09अमेरिकी राश्टरपती डॉनल्ड ट्रम्प अब जर्मनी में से अमेरिकी सेनेगों की वापसी पर वजार कर रहे हैं
00:15एक ऐसा फैसला जिसने पेंटाकॉन से लेकर नेटो तक हलचल मचा दी है
00:19और रिपोर्ट्स के मताबिक ट्रम्प टुशासन ने जर्मनी में तैनात अमेरिकी सेनेगों की संख्य घटाने के विकल्ब पर रिव्यू शुरू
00:26कर दिया है
00:26खास बात ये है कि इस फैसले की जानकारी खुद अमेरिकी रक्षा अधिकारियों को भी पहले से नहीं थी
00:32जर्मनी जोहां इस वक्त कर ये 37,000 अमेरिकी सेनेग तैनात हैं
00:37सिर्फ एक सैनेग बेस नहीं बलकि अमेरिका की वैश्विक रणीती का एहम केंद्र है
00:42यहां से संचारित होता है United States European Command
00:46जो यूरोप, मध्यपुर्व और अफ्रीका में अमेरिकी ऑपरेशन्स का दिल माना जाता है
00:51जर्मनी के ये बेस, logistics, intelligence और air operations के साथ ही rapid deployment के लिए भी बहत जरूरी है
00:58यानि अगर यहां से संचारित हैं, तो इसका असर सिर्फ जर्मनी तक समित नहीं रहेगा, बलकि पूरी NATO रणीती पर
01:05पड़ेगा
01:05तो अब अचानक ऐसा क्या हुआ?
01:07इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है अमेरिका और जर्मनी के बीच बढ़ता तनाव
01:13जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिच मर्ज ने हाल ही में अमेरिका और इसराइल की इरान के खिलाफ सेनरर निती की खुल
01:20कर आलोचना की थी
01:22खास तोर पर स्ट्रेट औफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेनी के ब्लॉकेड और इरान पर दबाब बनाने की नीती को लेकर
01:28बरलिन और वशिंग्टन के बीच मतभेद साफ नजर आ रहे हैं
01:31ट्रम्प पहले भी नेटो सहयोगियों पर दबाब डालते रहे हैं
01:35कि वे अपने रक्षा खर्च बढ़ाएं और अमेरिका के साथ रंडितिक रूप से पूरी तरह खड़े हों
01:41दरसल ये पहली बार नहीं है
01:43अपने पिछले कारेकाल में भी ट्रम्प ने जर्मनी से सैनी खटाने की बात कही थी
01:47लेकिन उसमबे कॉंग्रिस और सैने तरत्यों के विरोध के कारण ये फैसला लागू नहीं हो सका
01:52अब एक बार फिर वही सवाल सामने है
01:54क्या अमेरिका अपने सबसे बड़े यूरोपिय सैने ठिकाने को कमजोर करेगा
01:58अगर ये फैसला लागू होता है तो इसके कई बड़े असर हो सकते हैं
02:03नेटो की ओपरेशनल तैयारी पर असर पड़ सकता है
02:06यूरोप में अमेरिकी सैनी मजोरी कमजोर हो सकती है
02:09रूस जैसे देश को रणने ती बढ़त बल सकती है
02:11और वेश्विक संतुरन में बदलाव को सकता है
02:14हला कि पेंटागॉन ने अभी साफ किया है कि कोई अतिकारी का देश जारी नहीं हुआ है
02:18और नहीं किसी तरह की तैनाती में बदलाव किया गया है
02:21लेकिन सिर्फ इस प्रस्ताव नहीं यूरोप और रणनेटों के बीच चिंता बढ़ा दी है
02:26क्योंकि आज के दोर में जहां इरान, रूस और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है
02:30ऐसे में सैनिकों की वापसी का संकीत एक बड़े रणनेतिक बदलाव का संकीत माना जा रहा है
02:35अब नजरे आने वाले दिनों पर है
02:37क्या यह सिर्फ एक राजनेतिक संदेश है या फिर वाकई एक बड़ा सैन ने फैसला लिया जाएगा
02:42क्योंकि बड़लती दुनिया में कभी-कभी एक फैसला पूरे राजनेतिक समीकरण बड़ल देता है
02:47उस खबर में इतना है अपडेट्स के लिए देखते रहें One India Hindi
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