Skip to playerSkip to main content
  • 11 hours ago
IPL Horror Story _ Mumbai V_S Chennai _ Real Horror Stories _ सच्ची कहानी _ Horror Stories in Hindi(720P_HD)
Transcript
00:00अंधेरी रात में गूजा खेल का शोर
00:03हर गेंद में छुपा था मौत का एक दौर
00:07टीवी की जमक में जागा पुराना श्राब
00:11हर विकेट में मिटता गया जीवन का आग
00:14आस्था ने बदला खेल का वो फैसला
00:18पर अगला ओवर बोले कहानी है अधूरा किस्सा
00:22और ये आउट खेल खत्म हो गया है
00:34धूल से भरी एक नीली चीप एक बहुत पुराने पत्थर
00:38और लकडी के घर के सामने आकर रुकती है
00:41ये घर ऐसा लगता है जैसे कई सालों से साफ नहीं किया गया हो
00:46दिवारों पर बेले चड़ी हुई हैं
00:50और खिड़कियां काली आँखों जैसी लगती है
00:53जीप से तीन लोग बाहर उतरते हैं
00:56आस्था सबसे आगे है
00:58वो समझदार और बहातुर दिखती है
01:01कलपना उसकी छोटी बहन है
01:04वो अपने फोन में सिकनल ढूनने की कोशिश कर रही है
01:08प्यूश उनका चचेरा भाई है
01:11उसने चमकीली पीली क्रिकेट जर्सी पहनी हुई है
01:14और उसके कंधे पर एक बड़ा भैक है
01:17आस्था पुराने घर की ओर देखती है
01:20और धीरे से सांस भरती है
01:23फिर वो अपनी जेब से एक भारी लोहे की चाबी निकालती है
01:28आखिरकार हम पहाँच कै
01:30दादा जी का घर वैसा ही है जैसा मुझे याद था
01:34यहां तो फोन का नेटवर्क भी नहीं आ रहा है
01:36दीदी हम यहां एक हफता कैसे रहेंगे
01:40अरे नेटवर्क की चिंता मत करो रहे तू
01:42आज IPL का फाइनल है
01:45बस बिजली होनी चाहिए
01:46मैं अपने टैबलेट पर मैच देख लूँगा
01:50पियुश तुम और तुम्हारा क्रिकेट
01:52पहले सामान अंदर ले चलो
01:55आस्था तरवाजा खोलती है
01:57और तीनों अंदर जाते हैं
02:00तीनों घर के अंदर आते हैं
02:02घर के अंदर हर तरफ अंधेरा और साया सा है
02:06फरनीचर पर सफेद चादरे ढ़की हुई है
02:09और हवा में सीलन और बद्बू है
02:12आस्था और कल्पना अपने बैग लेकर अंदर चलती हैं और धूल भरे कमरे को ध्यान से देखती है
02:18प्यूश दोड़कर कमरे के कोने में जाता है वो एक बड़े पुराने टीवी से चातर हटाता है
02:26ये 1990 के समय का एक बड़ा डिबबे जैसा टीवी है
02:32देखो पुराना डिबबा टीवी मुझे लगा था दादा जी ने इसे फेक दिया होगा
02:37प्यूश ये चलेगा भी नहीं ये कितना पुराना है
02:42कोशिश करने में क्या बुराई है अगर ये चल गया तो मैश देखने का मसा आ जाएगा
02:47जब तीनों घर की ओर देख रहे होते हैं तब ही अचानक दरवासे पर कोई दस्तक देता है
02:55लगता है कोई आया है शायद गाउं से कोई हमें देखने आया हो
03:00आस्था दरवासे की ओर चलती है और उसे खोलती है
03:09You can't live here.
03:33My father's house is my father's house. Who are you?
03:36My name is Kavita. I live in my house. My mother gave me these flowers.
03:46But, my story, you will stay inside the house.
03:54The curse also goes to the door.
03:57Why? Is there a dog here?
04:00It's not a dog. When there is a sun in the village, the old voices come.
04:10Especially when there is a fish on the mountain.
04:15I got it. A cable guitar got it.
04:19The voice of Kavita listens to Kavita's face.
04:23If you are watching TV, you will stay safe.
04:33If you are watching Kavita's face, you will stay safe.
04:41If you are watching Kavita's face, you will stay safe.
04:54You have to find some green light.
04:58You will stay safe.
05:04The kiss of Kavita is my mother.
05:14The doll is not on the house.
05:16If you are watching Kavita's face, you will be able to get the blue light.
05:51
05:53वो बिलकुल चुप चाप बैठे हैं
05:56जिसे पत्थर की मूर्तियां हो
05:59ये कैसा चानल है?
06:01रंग इतने अजीब क्यों है?
06:03शायद सिगनल कमजोर है
06:05पर देखो, ये तो चन्नी और मुंबई का मैश लग रहा है
06:08पर स्कोर पोर्ड देखो, ये क्या लिखा है?
06:13स्क्रीम के नीचे बने स्कोर पोर्ड पर लिखा होता है
06:16विकेट इक्वल टू जिन्दगी
06:19ये कोई मजाख होगा, विग्यापन होगा किसे फिल्म का?
06:24तीनों ये देख कर हैरान और चिक्यासू हो जाते है
06:27थोड़ी देर में मैश देजी से आगे बढ़ता है
06:31स्क्रीन पर एक गेंद बास दोड़ कराता है
06:35वो बहुत लंबा लगता है
06:36और उसकी टूपी की चाया में उसका चेहरा छिपा हुआ है
06:40वो गेंद भेगता है, बले बास चूप जाता है
06:44और स्टम्प हवा में उड़ जाते है
06:48अउट, आउट, क्या कमाल की बॉल थी
06:52उसी समय किचन की तरफ से सोर से कुछ किरने की आवाज आती है
06:57दोनों लड़कियां घबरा कर उचल पड़ती है
07:00प्यूश, उठो, देखो किचन में क्या गेरा
07:04प्यूश किचन की तरफ चलता है
07:07जैसे ही वो अंदर जाता है
07:09वो देखता है कि
07:11फर्ष पर एक भारी मिट्टी का घड़ा तूटा हुआ है
07:15लिकिन वहाँ न कोई हवा है
07:17और ना ही कोई बिल्ली
07:19खिड़की भी बंद है
07:22इतने में कलपना और आस्था भी वहाँ आ जाती है
07:29प्यूश फर्ष की तरफ देख रहा है
07:31वो तूटे हुए घड़े के टुकणों की और इशारा करता है
07:35मिट्टी के टुकणों के बीच में
07:37एक छोटी सी क्रिकेट बॉल पड़ी है
07:40वो पुरानी, गंदी और गीली है
07:43तीनों ये देख कर हैरान खड़े रह जाते है
07:47थोड़ी देर बाद आस्था, कलपना और प्यूश टॉर्च लेकर बाहर निकलते है
07:52वो अलग-अलग दिशाओं में फैल कर देखने लगते है
07:56वो ये जानना चाहते हैं कि कहीं कोई उनके साथ मजाग तो नहीं कर रहा
08:14वो रो रही है ये देख कर प्यूश और कलपना भी जल्दी से वहां आ जाते हैं
08:21वो वो शुरू हो गया है मेरे चाचा वो गिर गए
08:28जैसे टीवी पर विकेट किरा वो अंगण में गिर गए
08:35उनका शरीर पतर जैसा ठंडा है
08:46क्या क्या कह रही हो टीवी और तुम्हारे चाचा का क्या लेना देना
08:52इस गाउं में एक श्राब है इस गाउं के लोग सालों से मैच पर सट्टा लगाते थे
09:02पर एक दिन सब कुछ बदल गया एक अंपायर के गलत पैसले की वज़े से
09:10इस गाउं का खिलाडी आयुश हार गया और गाउं के सारे लोग उस वज़े से सट्टा हार गये
09:21लोगों से ये हार जेली नहीं गई और उन्होंने आयुश को उसी के घर में जिन्दा जला डाला
09:31और तब से यहां वो हर उस इंसान को मारता है जो कट देखता है
09:40मैं ये सब नहीं मानता ये सब अंधविश्वास है
09:43तब ही घर के अंदर से टीवी की आवाज आने लगती है
09:48मैच में बैठे हुए दर्शक अचानक से चीखने लगते हैं
09:52वो खुशी की आवाज नहीं बलकि दर्द भरी असली चीख होती है
10:03तिनों तुरंद भाग कर वापस अंदर आते हैं
10:06अब टीवी की स्क्रीन बहुत तेज चमक रही है
10:09उसकी रोशनी अजीब सी हरी है
10:12स्क्रीन पर वही लंबा गेंदबास अपने रन के शुरू में खड़ा है
10:17वो सीधे सामने देख रहा है जैसे वो इनहीं की तरफ देख रहा हो
10:23अब स्कोर बोट पर लिखा है
10:25विकेट्स लिए गए एक
10:27अगला निशाना घर चार
10:31आस्था देदी हमारे घर का नंबर क्या है
10:35आस्था दर्वासे के पास खड़े पुराने लकड़ी के खंबे की तरफ देखती है
10:40वहाँ एक फीकी बड़ी धातू की प्लेट लगी है
10:43जिस पर नंबर चार लिखा है
10:46पीूश टीवी बंद करो अभी
10:48पीूश टीवी के पास जाता है
10:51वो बटन दबाता है लेकिन कुछ नहीं होता
10:54वो दिवार से तार खीच कर निकाल देता है
10:57फिर भी टीवी चालू रहता है
11:00स्क्रीम बंद नहीं होती
11:02ये ये बिजली के बिना चल रहा है ये कैसे हो सकता है
11:07तीनों एक दूसरे को देख कर सन रह जाते हैं
11:10कमरा अचानक बहुत ठंडा होने लगता है
11:13उनकी सांसे हवा में धुंद जैसे दिखने लगती है
11:17स्क्रींग पर गेंद बास दोड़ना शुरू करता है
11:19उसके हर कदम की आवास ऐसे गुंचती है
11:23जैसे उनके घर के फर्ष पर कोई हथोड़ा मार रहा हो
11:40प्यूश अपने बैक से एक भारी क्रिकेट बैट निकालता है
11:44वो पूरी ताकत से उस तीवी पर मारने के लिए खुमाता है
11:47लेकिन बैट हवा में ही रुक जाता है
11:50जैसे कोई अद्रिश्य ताकत उसे पकड़ कर रोक रही हो
11:55प्यूश पूरी कोशिश करता है
11:57लेकिन वो बैट को हिला भी नहीं पाता
12:00मैं मैं हिल नहीं पा रहा हूँ
12:03कोई मेरा हाथ पकड़े हुए है
12:05टीवी पर गेंद बास अब क्रीज के बहुत पास पहुँच चुका है
12:09वो गेंद भेक नहीं वाला है
12:12आस्था कमरे में चारो तरफ देखती है
12:14उसे अपने दादा जी की कही हुई एक बात याद आती है
12:18वो कमरे के कोने में रखी पुरानी अलमारी की दरफ देखती है
12:22कल्पना मदद करो वो अलमारी खोलो
12:25आस्था और कल्पना अलमारी के पास जाती है
12:28वो अलमारी के भारी दरवासे को खोलती है
12:31अंदर पुराने क्रिकेट की टॉफीज रखी है
12:34और एक बहुत पुराने चम्रे की बंधी हुई किताब भी मौजूद है
12:38आस्था उस किताब को खोलती है
12:41वो एक डायरी होती है
12:43ये मैच खत्म नहीं हुआ था
12:451983 का एक लोकल मैच
12:48दादाजी अमपायर थे
12:50उन्होंने एक गलत फैसला दिया था
12:52उसी फैसले की बचे से
12:54उस खिलाडी को यहां के लोगों ने मार दिया
12:58वही खिलाडी अब लाटाया है
13:01वो अपना बदला पुरा करना चाहता है
13:05टीवी पर गेंद भींकी जाती है
13:08स्क्रीन पर बल्लेबास उसे जोर से मार कर
13:10उंचा हवा में उच्छा देता है
13:12स्क्रीन पर गेंद आसमान में उपर जाती हुई देखती है
13:16फिर द्रश्य नीचे की तरफ आता है
13:19अब वो मैदान पहले जैसा नहीं लगता
13:21वो अब स्टेडियम नहीं है
13:23बल्कि गाउं का मैदान बन चुका है
13:27गेंद अब स्क्रीन पर एक खिलाड़ी की तरफ नीचे आ रही है
13:30वो खिलाड़ी उसे पकड़ने के लिए तयार खड़ा है
13:33अगर वो कैच पकड़ लेता है
13:36तो विकेट किर जाएगा
13:39हमें खेल का नियम बदलना होगा
13:41दादा जी ने लिखा है कि खेल तभी रुकता है
13:44जब अमपायर अपना फैसला बदल दे
13:48लेकिन अमपायर कहा है
13:50दादा जी तो मर चुके है
13:52आस्था प्यूश के हाथ में पकड़े पुराने क्रिकेट बैड को देखती है
13:56उस पर एक साइन बना हुआ है
13:58वो उसके दादा जी का साइन है
14:01आस्था जल्दी से प्यूश के जमे हुए हाथों से बैड पकड़ लेती है
14:05वो ताकत बहुत जयाता है
14:07लेकिन वो पूरा सोर लगा कर बैड खीच लेती है
14:11फिर वो टीवी के सामने खड़ी हो जाती है
14:15मैदान पर जो हुआ वो गलत था
14:17मैं इस खेल को खारिच करती हूँ
14:20स्क्रीम पर गेंद बाज अजाना को रुख जाता है
14:22वो अपना सेर घुमाता है
14:24अब उसका चेहरा साफ दिखाई देता है
14:27वो एक खोपड़ी है
14:29जिसकी आँखे लाल चमक रही है
14:31वो अपनी हड़ी जैसी उंगली उठाकर
14:33सीधे आस्था की तरफ इशारा करता है
14:36खेल अधूरा है
14:38नियाए जाहिए
14:41नियाए खेल खत्म करने से मिलेगा
14:43जान लेने से नहीं
14:44मैं अंपायर की वारिस हूँ
14:46मैं इसे नो बॉल घोशित करती हूँ
14:50कमरा हिलने लगता है
14:51छट से धूल किरने लगती है
14:53टीवी की रोश्णी
14:54इतनी तेज हो जाती है
14:56कि उन्हें अपनी आँखे ढखनी पड़ती है
15:00कुछ समय के बाद
15:01रोश्णी धीरे धीरे कम हो जाती है
15:03आस्था अपनी आँखे खोलती है
15:06bus
15:0765
15:0767
15:0868
15:20is
15:21They are still working, but they are a
15:24a
15:24a
15:24a
15:24a
15:26a
15:26a
15:26a
15:26a
15:26a
15:27a
15:27a
15:27a
15:27a
15:28a
15:28TV is dead, he is dead
15:31Knewita Khipi ke baya
15:34Bahaar chand ninkal aya hai
15:36Or dhundh bhi saaf ho chuky hai
15:38Vou lardkiyong ki taraf delekhti hai
15:41Or halka sa sarh hilati hai
15:44Apne eus se shant kar diya
15:47Gauh ág se soh paayega
15:49Tine ho gheari sans letye hai
15:52Oder eeg dauseri ki taraf dekh kar sarhlate hai
15:56So, morning, the city is over the city.
16:00Everything is beautiful and beautiful.
16:04The city is full of joy.
16:05The city is full of joy.
16:06They are in the back of the city.
16:12They are now one hour and a half hour.
16:15They are in the back of the city.
16:25I will not see TV.
16:27I will never see it.
16:29I will never see it.
16:29I will never see it.
16:30I will never see it.
16:31I will never see it.
16:32Kavita will go and see it.
16:34Asthah and Kalpana,
16:36they are standing there and are watching it.
16:40Jeep starts to get it.
16:42Piyush is still standing there.
16:44He has now his cricket jersey.
16:47He has his back to the ground.
16:51Asthah and Kalpana are standing there.
16:54He will be able to get it.
16:57He is more than the rat.
16:59And he will never see it.
17:00The back is up.
17:01He can't find his back to his tablet.
17:04He can only see it.
17:06There will be one place.
17:13Asthah is still standing there.
17:14Asthah is still standing here.
17:15He surely want to know it.
17:17But the world is as too far.
17:20But he knows it that the tablet is still on the way.
17:23foreign
17:52If you have a phone, you can find a notification.
17:59Hey, my network has got me a video message.
18:03Who is it?
18:06The message is made.
18:07There is a video file.
18:09But it doesn't have no name.
18:12They play it.
18:14The video is made by the jeep inside.
18:18It's just like they are now watching.
18:22The camera is behind.
18:24The video is a sound.
18:28This is the commentator's voice.
18:31The other one is the other.
18:37The phone screen is on the screen.
18:39The video is on the left.
18:41The one hand is on the left.
18:43The hand is on the left.
18:47The hand is on the left.
18:50The higher plates.
18:51The power lively.
18:51The half you should remember.
18:54The house is on the left.
Comments

Recommended