00:00Adhuri Kahani Ka Saaya, Phrir Loat Ke Aaya Hai,
00:05Khubhsurti Ke Pichhe Chupa Maut Ka Saaya Hai,
00:09Lalach Me InSan Khud Se Hi Dour Ho Jata Hai,
00:12Har Nya Chehera, Anndr Se Aur Bhi Doot Jata Hai,
00:17Voh Yowen Nahin, Ekshraab Puraana Kheil Raha Hai,
00:21Har 48 Ghande Me, Koyi Apna Kho Raha Hai,
00:32Jailer دروازہ کھولتا ہے,
00:34اور Shweta Jail سے باہر نکلتی ہے,
00:38Voha Apne Chehera Kho Dhouti Hai,
00:40Voha Apne Chehera Thoڑا Fika Aor Thakka Hua Dikta Hai,
00:43Voha Apne Kمرay Khe Oor Chalti Hai,
00:46Apne Sundar Kupdai Pahal Lieti Hai,
00:50Voha Apne Chehera Kho Dhouti Thi,
00:53Ab Tiyar HoKar Shweta Jail Ke Bahaar Jainے Khe Liyue Kedem Bڑhatati Hai,
00:57Jail کے آفس میں Inspekter Yadav ٹیبل پر بیٹھے ہیں,
01:02اور فون پر باتیں کر رہے ہیں,
01:06اسی بیچ Shweta Kholے دروازے پر آتی ہے,
01:09اور ہلکی دستک دیتی ہے,
01:11Yadav دروازے کی اور مڑتے ہیں,
01:14اور اسے دیکھتے ہیں,
01:15وہ فون پر اپنے کال کو ختم کرتے ہیں,
01:18اور Shweta کو اندر بلاتے ہیں,
01:21ہو گئی جانے کی تیاری?
01:25अब जब सजा ختم ہو ہی گئی ہے,
01:28تو کوشش کرنا کہ تم پھر سے وہ سب نہ کرو,
01:31جس سے تمہیں یہاں آنا پڑے?
01:34आपने صحیح کہا سر,
01:36मैं अब سے ایسا کچھ نہیں کروں گی,
01:38جس سے مجھے یہاں آنا پڑے?
01:40Shweta Inspekter کی طرف
01:42ایک عجیب سی مسکان دیتی ہے,
01:45جسے دیکھ کر
01:46Inspekter Yadav تھوڑی الجھن میں پڑ جاتے ہیں,
01:48मेरा रिलीज लेटर?
01:51ओ हाँ, ये लो,
01:53Inspekter Yadav चिठी निकालते हैं,
01:56उस पर मोहर लगाते हैं,
01:58साइन करते हैं,
01:59और Shweta को दे देते हैं,
02:01जब वो चिठी Shweta को देते हैं,
02:03तो Shweta उनके हाथ पर
02:05एक प्रकार का खाओ देखती है,
02:07वैसे ये दाग कैसा?
02:10बस बच्पन में खेलते समय किर गया था,
02:13उसकी वज़े से एक उपरेशन हुआ था,
02:16फिक्र ना करें,
02:17आप अकेले नहीं हैं,
02:19इंस्पेक्टर आँखे सिकोड कर देखता है,
02:22श्वेता उठकर वहां से चली जाती है,
02:24और इंस्पेक्टर सोच में पढ़ जाते हैं,
02:30रात में यादव अंधेरे कमरे में आइने के सामने खड़े हैं,
02:35वो अपने निशान को देख रहे हैं,
02:38वो अपना हाथ अलग-अलग तरह से घुमा रहे हैं,
02:41ताकि उसे चुपा सकें,
02:42लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाते,
02:45फिर वो बिस्तर पर बैट जाते हैं,
02:47और उस हाथ से को याद करते हैं,
02:50जिसने उनकी सिंदगी बतलती है,
02:53बचपन में खेलते समय,
02:55वो जूले से गिर जाते हैं,
02:57उनके हाथ में फ्रेक्चर हो जाता है,
03:00जिसकी वज़े से उनका ओप्रेशन करना पड़ता है,
03:03और इसी वज़े से उन्हें अपना एक्टर बनने का सपना भी छोड़ना पड़ता है,
03:09तुम काफी टालेंटड हो,
03:10और जितने भी लड़के इस फिल्म के लिए आए,
03:13उनमें सबसे अच्छे प्रोफाइल तुम्हारी ही थी,
03:15पर बस तुम्हारे इस हाथ के निशान की वज़े से,
03:18मुझे तुम्हें रिज़ेक्ट करना पड़ रहा है,
03:20सॉरी.
03:21यादव अपने कस्मत और तूटे हुए सपने को सोच कर,
03:26बैठा हुआ रो रहा है,
03:28थोड़ी देर बाद,
03:29वो अपने बैग से सिगरेट का पैकेट निकालता है,
03:32और बैलकनी में जाकर सिगरेट पीने लगता है,
03:35वो सिगरेट चलाकर,
03:37रेलिंग के सहरे जुख जाता है,
03:39तब ही उसकी नजर नीचे सड़क पर जाती है,
03:43जहां उन्हें एक जानी पहचानी औरत चलती हुई दिखाई देती है,
03:48थोड़ी देर बाद उन्हें समझ में आता है,
03:50कि ये और कोई नहीं,
03:52बलकि श्वेता ही है,
03:54उसके हाथ में एक बैग होता है,
03:56वो उपर देखकर यादव की तरफ हाथ हिलाती है,
04:00जैसे उसे पता हो कि वो वहीं खड़े हैं,
04:03ये देखकर यादव घबरा चाता है,
04:05वो जल्दी से कमरे के अंदर चाता है,
04:08जूते पहनता है और नीचे जाने के लिए निकल पड़ता है,
04:12यादव दौरते हुए उस चके पहुँचता है,
04:15जहां उसने श्विता को देखा था,
04:17लेकिन अब वहाँ कोई नहीं होता,
04:20वो मुड़कर अपनी बैलकने की तरफ देखते हैं,
04:23फिर सड़क योड देखते हैं,
04:25लेकिन उन्हें कुछ भी नसर नहीं आता,
04:27थोड़ी देर बाद वापस अपनी बिल्डिंग के गेट पर आता है,
04:31जहां उसका गाट खड़ा होता है,
04:34नमस्ते साहब,
04:36हाँ नमस्ते नमस्ते, कैसे हो?
04:38वो यादव की तरफ एक काला पैकेट बढ़ाता है,
04:43साहब, ये आपके नाम का कुरियर आया था,
04:47मेरे नाम का?
04:49पर मैंने तो कुछ मंगाया ही नहीं,
04:51पता नहीं साहब,
04:52इसमें कुछ लिखा नहीं है,
04:54सिर्फ आपका नाम लिखा था,
04:56यादव थोड़ी देर के लिए सूच में पड़ जाता है,
04:59उसे अपने लिए किसी भी पारसल की खबर नहीं होती,
05:03फिर भी वो उसे ले लेता है,
05:05और वहां से चला जाता है,
05:07रात यहीं खत्म हो जाती है,
05:12अगले दिन यादव अपने कैबिन में बैठा है,
05:15और मोबाइल पर रील्स देख रहा है,
05:19तब ही उसे एक रील दिखाई देती है,
05:21वो रील अपसरा ब्यूटी पार्लर की होती है,
05:24उसमें बताया जाता है,
05:26अपसरा ब्यूटी पार्लर ग्रांड लांच,
05:29अगर आप हमारा नया प्रॉड़क्ट यूथ इस्तमाल करेंगे,
05:32तो आप फिर से जवान और पहले से भी ज़ादा खुपसूरत बन सकते हैं,
05:37आपके सारे निशान, दाग या शरीर पर किसी भी तरह के मार्क्स खत्म हो जाएंगे,
05:43और आप खुद का सबसे अच्छा रूप बन जाएंगे,
05:46क्या है ये, आज कल के लोग कुछ भी बनाने लगते हैं,
05:50काम धंदा ही नहीं बचा है,
05:53रील में एक लाइन आती है,
05:55इस्तमाल करो और खुद समझ जाओ,
05:58यादाव को थोड़ा अजीब लगता है,
06:00अब तक रील में कोई आवास नहीं थी,
06:02लेकिन जैसे ही उन्होंने इसे नकली कहा,
06:06ये जवाब दे देती है,
06:08अब वो और भी सूच में पढ़ जाता है,
06:12शहर की एक सुंसान गली में अपसरा ब्यूटी पार्लर होता है,
06:16शाम को यादाव अपनी जीब से वहाँ पहुँचता है,
06:20वो गाड़ी से उतर कर पार्लर की तरफ बढ़ता है,
06:24शटर बंध होता है और आस-पास कोई नजर नहीं आता,
06:28वो शटर खट-खटाता है,
06:30लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता,
06:31जैसे ही वो वापस अपनी जीब की तरफ बढ़ने लगता है,
06:34तब ही एक जानी पहचानी आवाज उसे बुलाती है,
06:39यादो पीछे मुड़ कर देखता है,
06:41तो वहाँ श्वेता खड़ी होती है,
06:44तुम? तुम यहाँ कैसे?
06:46और कल रात को मेरे घर के पास तुम क्या कर रही थी?
06:49आप तो यूही परिशान हो रहे हैं,
06:52मैं तो बस आपकी मदद करना चाहती हूँ,
06:55मदद? कैसी मदद?
06:57शायद इसका जवाब आपको पहले ही मिल चुका है,
07:01घर जाएए, और उस पैकेट को खोलिए,
07:03जो आपको कल रात मिला था,
07:05तो वो तुमने भेजा था?
07:08शायद?
07:10देखो, साथ साल पहले जो गुनाह तुमने किया था,
07:13तुम उसकी सजा भुगत कर ही बाहराई हो,
07:16ये मत भूलो, कि मैं एक इंस्पेक्टर हूँ,
07:20अगर फिर से तुम्हारे बारे में कुछ पता चला,
07:22तो इस पार सीधे उम्र कैद होगी,
07:25आप बस एक बार भरोसा कीजिए,
07:27मैं वादा करती हूँ,
07:29आपको ये पसंद आएगा,
07:31क्या मतलब है तुम्हारा?
07:33श्वित्या एक अजीब सी मुस्कान देती है,
07:35और वहां से भाग चाती है,
07:37यादव वहीं खड़ा रह जाता है,
07:40और समझ नहीं पाता,
07:41कि आखिर हुआ क्या?
07:43उसके चेहरे पर उलजन साफ नजर आती है,
07:47रात को यादव अपने घर में आता है,
07:49और देखता है कि वही पैकेट टेबल पर रखा है,
07:52जो उसे कल मिला था,
07:54उसने अब तक उसे खोला नहीं था,
07:57वह पैकेट उठा कर भाड़ने लगता है,
07:59और अंदर उसे अपसरा ब्यूटी पार्लर का एक टबबा मिलता है,
08:04जिसमें दो काँच की शीशियां होती है,
08:07एक में लाल तरल और दूसरे में पारदर्शी तरल,
08:11एक ब्रिसलिट और एक कागस मिलता है,
08:14उस कागस पर लिखा होता है,
08:16कि लाल तरल को हाथ पर लगाना है,
08:19उसके बाद जब आप उठेंगे,
08:21तो अपने अंदर बतलाओ दिखेगा,
08:23और फिर ब्रिसलिट पहनना है,
08:25इसके बाद आप इस दुनिया का सामना करने के लिए तयार हो जाएंगे,
08:31साथ ही ये भी लिखा होता है,
08:33कि अगले 48 घंटों के अंदर पारदर्शी तरल लगाना ज़रूरी है,
08:39तभी आप अपनी पहले वाली हालत में वापसा पाएंगे,
08:43बिना इंतिजार किये दोबारा वही बदलाओ नहीं किया जा सकता,
08:47संतूलन बनाए रखना ज़रूरी है,
08:50यादव को ये सब बहुत अजीब लगता है,
08:53वो सब कुछ टेबल पर ही छोड़ देता है,
08:55और अपनी डेट के लिए तयार होने लगता है,
08:58वो नए कपड़े पहनता है और घर से बाहर निकल जाता है,
09:03यादव रेस्टरॉंट पहुंचता है और अपनी डेट को वहाँ पाता है,
09:08वो उसके साथ बैठता है,
09:09खाना खाता है और थोड़ा समय बिदाता है,
09:13अपने निशान को छुपाने के लिए उसने एक मोटी लेदर जैकेट पहनी होती है,
09:18थोड़ी देर बाद दोनों टहलने की सोचते हैं,
09:21लड़की को ठंड लगती है,
09:23तो यादव अपनी जैकेट उतार कर उसके कंधों पर रख देता है,
09:27तब ही उसकी नजर उसके हाथ के बड़े से निशान पर पड़ती है,
09:32वो तुरंत ना कर देती है,
09:33और यादव को ठंडी सुनसान सड़क पर अकेला छोड़कर चली जाती है,
09:39यादव वहीं खड़ा रह जाता है,
09:41इन सब की वजह से रोने लगता है,
09:44यादव घर वापस आता है,
09:46और लाल तरल वाली बोतल उठाता है,
09:49उसकी आखे लाल होती हैं,
09:51और वो बस अपनी जिन्दगी से दूर भागना चाहता है,
09:55बिना सोचे वो सिरंज निकालता है,
09:57और खुद को इंजिक्शन लगा लेता है,
10:01जैसे ही वो ऐसा करता है,
10:03वो अचानक नीचे गर जाता है,
10:05और उसका शरीर कापने लगता है,
10:08उसकी सांसें तेज हो जाती हैं,
10:10और वो एक गहरी सांस लेता है,
10:14धीरे धीरे वो संभलता है,
10:16और फिर से होश में आता है,
10:18उसकी नजर टेबल पर जाती है,
10:20जहां खाली शिशी और बाकी समान रखा होता है,
10:24वो जल्दी से उठकर अपने कमरे में जाता है,
10:27और आइने में खुद को देखने लगता है
10:30वो जो देखता है उस पर उसे यकीन नहीं होता
10:33वो फिर से जवान हो क्या होता है
10:35उसके चेहरे की सारे जुड़ियां गायब हो गई होती है
10:39और वो पहले से ज्यादा अच्छा देखने लगता है
10:42वो अपना हाथ उठा कर देखता है
10:45तो पता चलता है कि उसका निशान भी गायब हो चुका है
10:49लेकिन तब ही उसके कानों में हलकी फुस्फुसाहट की आवास सुनाई देती है
10:58बचाओ, बचाओ, बचाओ
11:09वो फुस्फुसाहट धीरी धीरी तेज होने लगती है
11:12इतनी तेज कि यादव खुद को संभाल नहीं पाता
11:16तब ही उसे दूसरी बात याद आती है
11:19वो तुरंट लिविंग रूम में जाता है और ब्रिसलेट पहन लेता है
11:23जैसे ही वो उसे पहनता है, सब कुछ फिर से शान्त हो जाता है
11:28अब वो अपने घर में जोर-जोर से हसने लगता है
11:37जैसे उसे अपनी जिन्दगे की सबसे बड़ी जीत मिल गई हो
11:43कुछ दिन बाद यादव फिर से जवान और आकर्शक रूप में उड़ता है
11:47वो बाहर टहलने जाता है
11:49कुछ समय के बाद वो पारदर्शी तरल खुद को लगाता है
11:53इसके बाद वो फिर से अपने पुराने रूप में आ जाता है
11:57वो खिड़कियों को ढग देता है
11:59बाहर जाना बंद कर देता है
12:01घर में रहता है
12:02खाना खाता है
12:04और टीवी देखता रहता है
12:05फिर वो दुबारा लाल तरल खुद को लगाता है
12:08वो फिर से जवान होकर उठता है
12:11और आडिशन के लिए पहुँच जाता है
12:13आपके प्रोफाइल सेलेक्ट हो चुकी है
12:15हम आपको अपने अगले फोटो शूट के लिए कास्ट करेंगे
12:18यादव मुस्कुराता है
12:20वो कई फोटो शूट कराता है
12:22और बड़ी-बड़ी मैगजिन के कवर पर नज़र आने लगता है
12:26धीरे-धीरे उसके घर में
12:28कुरियर के डिबबे जमा होने लगते है
12:31फिर वो पारदर्शी तरल खुद को लगाता है
12:34और घर के अंदर ही रहता है
12:37इसके बाद वो फिर से लाल तरल लगाता है
12:39और उसी रेस्टरॉंट में उस लड़की के साथ बैठा होता है
12:43जिसने कुछ दिन पहले उसे ठुकरा दिया था
12:47वैसे तुम काफी हैंसम हो
12:50थैंक्स
12:51मुझे हमेशा से ही तुम्हारे जैसा कोई पार्टनर चाहिए था
12:55यंग, हैंसम, एंड
12:59और?
13:00वेल, तुम तो जानते ही होगे
13:03यादव हलका सा से रहला कर
13:05हां में जवाब देता है
13:08फिर एक रात यादव
13:09उसी लड़की के साथ
13:10बिस्तर पर लिटा होता है
13:12दोनों चादर के नीचे साथ होते हैं
13:16यादव उठकर
13:17किचन की तरफ जाता है
13:18तब ही उसकी नजर
13:19लिविंग रूम की घड़ी पर पड़ती है
13:21बारा बजने वाले होते हैं
13:24और उसे याद आता है
13:25कि अब उसे वापस अपने पुराने रूप में आना होगा
13:28वो कमरे की तरफ देखता है
13:31और सोचता है
13:32कि वो अभी ऐसा नहीं कर सकता
13:35क्योंकि लड़की उसके साथ है
13:37इसलिए वो इसे नजर अंदास कर देता है
13:41जैसे ही वो किचन में कदम रखता है
13:43उसे फिर से वही फसपसा हट सुनाई देती है
13:47बचाओ
13:49बचाओ मुझे
13:52बचाओ
13:53वो आवाज बार बार और तेज होने लगती है
13:56यादव जल्दी से लेविंग रूम में आता है
13:59और लाल तरल वाली सीशी उठाता है
14:02उसे पता है कि 48 घंटे का नियम तोड़ना नहीं चाहिए
14:06लेकिन वो उस आवाज को सहन नहीं कर पाता
14:09वो अपने पुराने रूप में भी वापस नहीं जाना चाहता
14:12लेकिन आखर में वो मजबूर होकर नियम तोड़ ही देता है
14:17और खुद को इंजेक्शन लगा लेता है
14:19जैसे ही वो ऐसा करता है
14:21सब कुछ फिर से शान्त हो जाता है
14:24वो कुछ देर वहीं चुपचा बैठा रहता है
14:28फिर धीरे से उठकर वापस कमरे में जाता है
14:31जहां उसकी डेट सो रही होती है
14:35दूसरी तरफ श्विता एक किस्टल बॉल के सामने बैठी होती है
14:39वो उसमें देख रही होती है
14:41कि यादव सच में जैसा है
14:43वैसा न रहकर कुछ और बनने के लिए नियम तोड़ देता है
14:48लोगों की यही कमजोरी है
14:50वो कभी अपने आप से खुश नहीं होते
14:52और इस कमजोरी का फायदा उठाती हूँ मैं
14:56यादव जी आपने मेरे बनाये हुए रूल को
14:59ना मान के बहुत बड़ी गल्ती करती
15:02और अब इस गल्ती की सजा कोई और नहीं
15:07वही लेगी जो इसकी हकतार है
15:10श्विता हलकी सी डराओनी मुस्कान देती है
15:13उसी समय एक जली हुई दे दिखाई देती है
15:16जो आधी जल चुकी होती है
15:18उसमें से खोन और पारदर्शी तरल धीरे-धीरे
15:21नीचे बह रहा होता है
15:25कुछ दिनों बाद यादव फोटो शूट के दोरान
15:27बैट कर पोस दे रहा होता है
15:29पोस देते देते
15:31उसकी नजर फोटोग्रफर के पीछे खड़ी
15:33एक अजीब सी परचाई पर पड़ती है
15:35उसे देखकर
15:37वो असहज महसूस करने लगता है
15:39क्या हुआ सब?
15:41आप ठीक तो है?
15:42नहीं, नहीं, कुछ नहीं
15:44मैं ठीक हूँ
15:45आप बहुत ज़्यादा खोए-खोए से लग रहे है
15:48आपको ब्रेक चाहिए क्या?
15:51हाँ, शायद
15:52मैं आता हूँ थोड़ी देर में
15:54यादव वहाँ से निकल जाता है
15:57यादव अपने
15:58ग्रीन रूम में आता है
15:59उसके मुँ में कुछ भरा-भरा सा लगता है
16:01जैसे उसे उल्टी आने वाली हो
16:06वो जल्दी से वाश्रूम में जाता है
16:08और मुँ से खून धूगता है
16:10लेकिन खून के साथ
16:11कुछ और भी बाहर आता है
16:13वो देखता है कि उसके तीन दाद भी
16:16He sees it in his own body which means his own body's body.
16:20He sees it in his body.
16:20He sees it in his body that he looks like a body.
16:25He sees it in his body
16:27And he starts with a body of blood that goes away.
16:28He loses it.
16:30And his body gets away from blood.
16:33And he cuts his head in his body.
16:35And Satan and his body gets back.
16:40And he leaves his body like this.
16:45And he starts with thisbitch,
16:46If the house is open, she can see herself in the car.
16:49She's in a car with a car.
16:52She's standing in front of me.
16:56Ah!
16:58Let me go!
16:59What did you do?
17:01Why did you do this with me?
17:03How did you do this?
17:07How did you do this?
17:08You said that, sir,
17:10every 48 hours will change.
17:12You said that,
17:14when you're not married,
17:17when you're married,
17:17when you know my thing,
17:19then....
17:21She says that,
17:23she's the one with an cruel retour.
17:23She's trying to die.
17:24She's trying to play a red party.
17:27Now,
17:28she's looking to see her.
17:32She's trying to get the wrong place.
17:33She's trying to get her.
17:36She's doing her way.
17:40husband में में ऐख ह 그래 issuesаго
17:43sih आनों इसे चहां एक पैकेट रखा ए अपसरा particular
17:50wheels लिखो हो ता है वो मुस्कुराती है पैकेट उठाती है
17:54और दर्वासा बंद कर देती है