00:00अक्सर लोगों के लिए बढ़ता हुआ वजन एक मसला बन जाता है,
00:03लेकिन इसका हल नजर नहीं आता.
00:05एक जरीये के मताबिक 16 April का दिन,
00:08जब सियारा मुष्टरी यानी जूपिटर एक बहुत ही खास पोजिशन में होगा,
00:12तो ये दिन सिहत में तबदीली लाने का एक जबरदस्त मौका फरहम कर सकता है.
00:16तो आज हम इसी जरीये से ली गई मालूमात पर बात करेंगे.
00:20ठीक है, तो आएए इसको ज़रा तफसील से देखते हैं.
00:34इस जरीये का जो मरकजी वादा है ना,
00:40कहा ये जा रहा है कि मुश्टरी की इस खास पोजिशन की वज़ा से उन लोगों के लिए एक खास
00:45विंडो खुलती है,
00:46जो अपनी फिटनेस को बहतर बनाना चाहते हैं.
00:48तो इस दिन के हवाले से क्या मुखसूस हिदायात दी गई हैं?
00:51अब हम बात करते हैं उस दिन की हेल्थ फॉकास्ट पर खास तोर पर इस जरीये के मुश्टरी का हमारी
00:57सिहत पर आखिर क्या असर हो सकता है?
00:59इस जरीये में बताया गया है कि उस दिन कुछ जिस्मानी अलमाद जाहिर हो सकती हैं.
01:04इन में पेट का भूलना यानि ब्लोटिंग, गैस का मसला, हाजमे में गड़बड और एनरजी की कमी शामिल है.
01:10ये मसाइल मुश्टरी के जिगर और हमारे हाजमे के निजाम पर मुबैयना असरात की वज़ा से बताये गए हैं.
01:16ये जरीया बहुत वाज़े रहनुमाई भी देता है. इसके मुताबक मीठी और ज्यादा तेल वाली चीजों से परहेस करना चाहिए.
01:23खास तोर पर बुर्ज कॉस यानि सेजिटेरियस और बुर्ज हूत यानि पाइसस से तालुक रखने वालों को अपनी एनरजी लवल्स
01:31को बरकरार रखने के लिए अपनी खुराक पर खास तवज्जों देने का मशवरा दिया गया है.
01:35यहां से हमारी बात का रुख एक हल की तरफ मुड़ता है. अब हम उस काइनाती वजन कम करने वाले
01:41राज पर बात करेंगे जिससे इस जरीय का मरकजी इलाज कहा गया है.
01:45तो आखिर इस जरीय का वो खूफिया इलाज है क्या? यही वो सवाल है जिसका जवाब हमें आगे मिलने वाला
01:52है. इस इलाज के दो एहम अजज़ा है, जीरा यानि क्यूमिन और सौफ यानि फैनल. जी हां, ये वही दो
01:58मसाले हैं जो आम तोर पर हमारे घरों में इस्तिमाल ह
02:01होते हैं. इस मश्रूब को तयार करने का तरीका भी बहुत साधा सा बताया गया है. एक गलास नीम गरम
02:06पानी लें, उसमें थोड़ी मिगदार में भुना हुआ जीरा शामिल करें, फिर थोड़ी सी सौफ डालें और इसे दोपैर के
02:13खाने से पहले पी लें. बस तो यहां आत
02:30इस करने के इलावा एक और फाइदा भी बताया गया है. वो यह कि यह मुश्रूब जिसम जे जहरीले मादों
02:35यानि टॉक्सिंस को निकालने में भी मदद करता है. इस इलाज के असरात को मजीद बढ़ाने के लिए ये जरिया
02:41कुछ इजाफी मश्वरे भी देता है, जो इसक
02:57नसियत यह है कि हर लुकमे पर शुकर अदा किया जाए. इस जरिये का मानना है कि शुकर गुजारी के
03:03साथ खाने से जिसम पर मुश्वत असरात मुरतब होते हैं. खाने और इलाज के सही वक्त की भी एहमियत बताई
03:09गई है. दोपहर में खाने से पहले वो मश्रूब पीना ह
03:12दिन का आखरी खाना खाने का बहतरीन वक्त गुरूबे आफताब है और शाम का खाना सूरज धलने के फोरम बात
03:19खा लेना चाहिए जिसे सहत और किसमत दोनों के लिए बहतरीन कहा गया है. इन तमाम तरीकों पर अमल करने
03:26का नतीज़ा क्या होगा? इस जरिये के मुताबिक �
03:28इस तरह खाया गया खाना चर्बी बनने के बजाए सीधा तवनाई में तबदील हो जाता है. तो चलें, अब हम
03:34इस मालुमाती सफर के इख्तिताम की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसमें हम इस जरिये के मरकजी पेगाम का खुलासा करेंगे.
03:41इस जरिये का आखरी होसला अवजा �
03:44ये है कि एक फिट जिसम ही एक पुराइतमाद शक्सियत की निशानी है. ये जिसमानी सहत को खुदामादी से जोड़ता
03:51है. आखर में ये जरिया अपने पढ़ने वालों को एक सादा अमल करने की तरगीब देता है कि एक नए
03:57सहत के सफर का आगाज करें और इस अजम के इज
04:00हार के लिए कॉमेंट्स में बॉडी पॉजिटिव लिखें. और हम इस तजिजिये को एक आखरी सोचने पर मजबूर करने वाले
04:07सवाल के साथ खत्म करते हैं. यकीन और फलाह बहबूत के दरम्यान तालुक आखिर कितना ताकतवर हो सकता है. इस
04:14पर जरूर गोर कीजिएगा
04:16पहलत करस्साएं पर में बॉबूर कीजिए खत्म करते हैं. प्पर मॉड्सा प visto हैं रहा हैं रहाँ करते हैं वाले
04:20स करते हैं. वी प्रदव क्यों।-7.
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