00:00Digital थकावट, ये आजकल हम सब की कहानी है.
00:04लेकिन सोचिए, क्या हो अगर इसका हल हमारी स्क्रीन से कहीं उपर सितारों में छुपा हो?
00:10आज हम अपने सोर्स मटीरियल की रोशनी में इस नए दौर के मसले को एक बिलकुल अलग फलकियाती नुकताय नजर
00:18से देखेंगे.
00:19ये जुमला शायद हम सब के दिल की आवाज है. जैसा कि हमारा सोर्स कहता है, इस डिजिटल दौर में
00:26सबसे ज्यादा बोज अगर किसी चीज़ पर है तो वो हैं हमारी आखें. हर वक्त चमकती हुई स्क्रीन्स पर नजर
00:33जमाई रखना वाकई आसान काम नहीं है.
00:35तो फिर इसका हल क्या है? इंट्रेस्टिंग बात ये है कि हमारा सोर्स इसका जवाब जमीन पर नहीं आसमान में
00:43तलाश करता है. उनके मताबक जूपिटर यानि मुश्तरी जिसे बसीरत और वुसते नजर का सितारा कहते हैं, वो इस वक्त
00:51हमारी बिनाई पर असरंदाज हो �
00:53तो इसी फलकियाती नकता नजर से हमें कुछ हैरान कुन हल मिलते हैं, चलिए देखते हैं. तो सबसे पहला कदम
01:00अपनी डिजिटल आंखों की हिफाज़त. चलिए, इस हिस्से में हम उन अमली तरीकों पर बात करते हैं, जिन से स्क्रीन
01:08से होने वाले मुसलसल जिसमानी दबा
01:22से पैदा होता है. और इसका नतीजा? सर में दर्द और आंखों में जलन. तो इसका इलाज क्या है? यहां
01:29एक बहुत ही सादा और याद रहने वाला उसूल बताया गया है. The 20-20-20 rule. हर 20 मिनिट
01:36के बाद कोई ऐसी चीज देखें, जो 20 feet दूर हो और उसे 20 seconds दक देखते रहें.
01:43यह फौरी रिलीफ का एक बहुत आसान तरीका है. इसके इलावा एक और इंतहाई आसान नुस्का भी है. आंखों पर
01:51थंडे पानी के चीटे मारना. सोर्स इसे एक रोहानी इलिक्सर कहता है. यानि फौरी ताजगी का एक एहसास.
01:58अच्छा, आंखों के सुकून के बाद अब बानी आती है जहनी गुबार साफ करने की. क्योंकि ये डिजिटल ओवरलोड सिर्फ
02:06जिस्म को नहीं, हमारी दिमाग को भी ठका देता है. तो इस शोर भरी दुनिया में अपनी तवच्चों कैसे बहाल
02:12की जाए?
02:13यहाँ पर सोर्स का मश्वरा है कि कुद्रत की तरफ वापिस लोटा जाए, जहनी दबाओ का मुकाबला करने के लिए
02:20कुद्रती सबजे को देखा जाए. एक बहुत सिंपल लेकिन बहुत गहरा खयाल है. और जरा इस अदद को देखिए. सोर्स
02:28के मताबिक सिर्फ कुद्रती
02:29मनाजर देखने से जहनी दबाओं में 40 फीसद तक कमी आ सकती है. 40 फीसद? सूचिए, यह कितना जबरदस्त असर
02:37है. तो इसका मतलब सिर्फ ये नहीं कि स्ट्रेस कम होगा, बलकि जहनी सलाहियते भी बहतर होंगी. जैसा कि सौर्स
02:45कहता है, इस से फैसला करने की ताकत अपने
02:48उरूज पर आ जाती है. बस जरूरत इस बात की है कि दिमाग को पुर सुकून रखा जाए. जिस्म और
02:54जहन के बाद, अब तीसरा एहम हिस्सा, घिजा, वो खुराग जो हमारे आसाप को ताकत दे. आखिर सही खाना पीना,
03:02हमारी डिजिटल सहत को बरकरार रखने में क्या कि
03:05जिदार अदा कर सकता है. आईए देखते हैं. सोर्स में चंद मकसूस घजाओं का जिकर मिलता है. वाइटमिन A से
03:12भर पूर चीजें जैसे के गाजर, फिश ओयल, अवन में खुश किये गए मेवे और खास तोर पर बादाम. ये
03:20सब चीजें आसाबी निजाम को तक्वियत द
03:33दोर देता है. रात को सोने से पहले मॉबाइल फोन का इस्तिमाल बिलकुल बंद कर देना. ये शायद इस पूरी
03:40वजाहत का सबसे एहम मशवरा है. और अब इस वजाहत के आखिर में एक ऐसा सादा और ताकतवर इलाज जिसे
03:48कहीं भी, कभी भी फौरी सुकून हासिल करने के
03:50लिए इस्तिमाल किया जा सकता है. इसे पामिंग चेकनीक कहते हैं. करना क्या है? बहुत असान है. अपने दोनों हाथों
03:57को आपस में रगड कर गर्मी पैदा करें. और फिर अपनी गरम हधेलियों को अहिस्तगी से अपनी बंद आंखों पर
04:04रख लें. ये आंखों के पठ्�
04:18पर लाती है कि क्या वाकी कदीम हिकमत हमारी इन नए दोर के मसाइल का हल पेश कर सकती है?
04:24इस पर सोचना जरूरी है.
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