ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले का पूरी दुनिया में व्यापक असर पड़ा है. खाड़ी देशों में जहां जान माल को भारी नुकसान पहुंचा है वहीं पूरे विश्व में ईंधन को लेकर संकट उत्पन्न हो गया है. इससे लाखों लोगों के गरीबी में चले जाने की आशंका है. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर थोपा गया मिडिल ईस्ट युद्ध 29 मार्च को एक महीनें से ज्यादा हो गया. : ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक अमेरिका -इजराइली हमलों में मरने वालों की संख्या अब 1,500 से ज्यादा हो गई है. वहीं कम से कम 24,800 लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में 240 महिलाएं हैं, मिनाब के एक गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल में 168 बच्चे मारे गए. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 100 घंटों में लगभग 3.7 बिलियन डॉलर का खर्च आया जो हर दिन लगभग 891एम डॉलर था और ज्यादातर खर्च बजट में शामिल नहीं था.
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