00:00100 rupiah की रिश्वत लेने के आरोप में इस बुजूर्ग को 49 साल की लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी
00:10आखिरकार 49 साल बाद हाई कोट ने जागेश और प्रसाद अवधिया को आरोपों से बाजज़त बरी कर दिया
00:17जिस वक्त जागेश और प्रसाद पर आरोप लगे उस वक्त उनके उम्र करीब 44 साल थी
00:22चार दशक के लंबे अंतराल ने ना सिर्फ उनका मान सम्मान छिन लिया बलकि पारिवारिक जिन्दिकी को भी तभा कर दिया
00:29मामला 24 अक्टूबर 1986 का है उस वक्त 36 गड़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था
00:56जागिस्वर प्रसाद मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम राइपूर में बिल साहक पद पर तैना थे
01:01जैसे मैं आफिस जानने के लिए घर से मिकला हूँ और छोड़े जुर पहुचा था
01:0725-30 कदम पिशे से आके मेरे जेब में ने उपड़ लिया
01:13रिश्वत खोरी कारोप लगने के बाद रिश्टदारों ने किनारा कर लिया
01:302001 में नौकरी से रिटायर्ड होने के बाद उन्हें रिटायर्मेंट का भी पूरा लाब नहीं मिला
01:36ऐसे में गुजर बसर करने के लिए उन्हें मेहनत मजदूरी करनी पड़ी
01:39अब छोटे बेटे निरज के साथ उनकी जिन्दगी गरीबी में कट रही है
01:44High Court से बरी होने के बाद जागेश और परसाद सरकार और विभाग से अपने हक की मांग कर रहे है
02:14मेहज एक आरोप और कानूनी प्रक्रिया की दहमी चाल ने जागेश और परसाद की जिन्दगी को इस हाल मिला दिया
02:26इनकी आगे की जिन्दगी को बहतर बनाने के लिए क्या कानून इनकी मदद करेगा ये बढ़ा सवाल है
02:3336 गड़ के राइपूर से ETV भारत के लिए प्रविन कुमार सिंग की रिपोर्ट
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