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  • 2 months ago
स्वयं के लिए जीना ही नकारात्मकता

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00:04नमस्कार मैं श्वेता तिवारी आप सभी का अभिनादन करती हूँ आईए आज आपको सुनाती हूँ राजस्थान पत्रिका के प्रथान संपादत
00:12विद्या वाजस्पति उलाव कुठादी जी का स्पंदन में प्रकाशित आले जिसका शीर्शक है स्वयम के लिए जीना ही न
00:29प्रतिकिशार्त दिखाई येदि में चलने के लिए किसी प्रकार के अभ्यास की आभशक्ता मंति जीवन का मार्ग एक संकल्प और
00:39तपस्या का मार्ग है
00:40તરિષકાR કા તરાર જારાણ કારા છારાણ બ તરાર
01:12This is what we have to do with the spirit of the spirit of the spirit of the spirit of
01:14the spirit.
01:39ुप्रप्रति
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05:48I have not said this
05:49Namaskar
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