00:00अस्पताल का पुराना प्रतिक्षाले रात को बंद रहता था, पर नर्स रजनी ने एक रात देखा, कमरे में रोशनी थी,
00:09उसने जहांका कमरे में लोग बैठे थे, चुपचाप, पर ये लोग अजीब थे, उनमें से कोई हिल नहीं रहा था,
00:19रजनी ने दर्वाजा खोला, स
00:29में रास्ता नहीं पता, रजनी समझ गई, ये सब अस्पताल में गुजरे लोग थे, अटके हुए, उसने शांत आवाज में
00:38कहा, जाईए, डरिये मत, रोशनी की तरफ जाईए, एके करके वो गायब होते गए, कमरा खाली हो गया, रजनी बाहर
00:48निकली, उसकी आखे नम थी
00:51कुछ लोगों को बस कोई चाहिए होता है, जो रास्ता दिखाए
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