00:00बच्चे की पर्चाई हमेशा थोड़ी अलग होती थी। जब चार साल की पिहु खेलती, पर्चाई कुछ और करती।
00:08मा शिखा ने पहले नजर अंदास किया। पर एक दिन पिहु ने कहा, मा मेरी पर्चाई से मेरी दोस्ती है।
00:17शिखा ने ध्यान से देखा, पर्चाई पिहु से थोड़ी बड़ी थी और उसके हाथ अलग दिशा में। पर्चाई क्या करती
00:25है, खेलती है, मेरे साथ। रात को भी शिखा डरी। पर पिहु खुश थी। एक बुजुर्ग ने देख कर कहा,
00:35बच्चों के साथ कभी कभी उनक
00:37ये पुराने साथ ही आजाते हैं। जो पहले गए, शिखा को याद आया, पिहु की जुड़वा जम के साथ ही,
00:45पर्चाई वो थी, अभी साथ।
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