00:03राम नवमी का त्योहार हिंदु धर्म में खास महत्व रखता है ये पर चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी तिथी
00:10को मनाते हैं जो कि इस साल 26 मार्श को ही मनाई जा रही है वहें कुछ लोग उद्या तिथी
00:16के कारण 27 मार्श को भी राम नवमी का पर्व मना रहे हैं
00:20आपको बता दें कि मुख्य रूप से ये दिन भगवान वश्नु के साथवे अफ्तार मर्याद पुरशोत्तम प्रभू श्री राम के
00:26जन्मोच्व की रूप में मनाते हैं तार्मिक मानेता है कि इसी दिन त्रेता यूग में अयोध्या की राजा दश्रत के
00:32घर भगवान राम क
00:33का जन्म हुआ था अयोध्या के राजा दश्रत की तीन रानिया थे कोशल्या कैकई और सुमित्रा राजा दश्रत के पास
00:41सब कुछ था लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी जिससे वो बहुत चिंतित रहते संतान प्राप्ती के लिए रिशी वशिष्ट
00:48की सलहा पर राजा ने
00:49पुत्र कामनेश्टी यग्य करवाया यग्य की समाप्ती पर अगनिदे प्रकट हुए और उनरे राजा को दिव्य खीर का पात्र दिया
00:57राजा ने वो खीर अपनी तीनों रानियों में बाट दी परणाम स्वरो पर चैत्र शुकल नवमी के दिन राणी कोशल्या
01:04ने श्री �
01:05वहीरानी कैकैन भरत को और आनी सुमितर निलक्शमन और सत्रुग्न को जन्म दिया श्री राम जैसे राक्षसों के अतयाचारों
01:17से मुक्ति दिलाने के लिए हुआ था ये दिन हमें याद दिलाता है कि सत्य और धर्म की हमेशा जीत
01:23होती है वहीं भगवान राम को मर्यादा पूर्षोत्तम कहा जानता है क्यूंकि उन्होंने एक आधर्श पुत्र भाई पती और राजा
01:30की भूमिकाने भाई है इसी के साथ र
01:47झाल झाल
Comments