00:05अक्टर विजय थलापती ने तमिलनाडू में बंपर जीत हासिल की
00:08टीवी के ने कम समय में तमिलनाडू चुनाओ में सुना मिला दी
00:11अक्टर के तौर पर विजय जितना फेमस थे उससे ज्यादा अब राजनीती में आने के बाद उनकी चर्चा तेज हो
00:16रही है
00:17हर कोई विजय थलापती के बारे में ज्यादा से जानना चाहता है
00:20विजय थलापती की पत्नी कौन है? विजय थलापती के कितने बच्चे है?
00:24और यहाँ तक की तमिलनाडू की होने वाले नए मुखे मंतरी विजय किस धर्म के है?
00:28वो अक्सर नमास पढ़ते हुए क्यूं दिखाई देते हैं
00:30थलेपती विजय का पूरा नाम जौसफ विजय चंदरशेकर है
00:33उनके नाम में लगे जौसफ से ही उनकी धार्मिक पहचान होती है
00:37हाला कि इसमें ट्विस्ट है
00:38विजय थलापती का जन्म ऐसे परिवार में हुआ है
00:40जो हिंदू और क्रिस्चन दोनों धार्मिक मानेताओं वाला है
00:43दरसल उनकी मां हिंदू है और पिता क्रिस्चन
00:45इसलिए उनका परिवार दोनों धार्मिक परंपराओं को मानता है
00:48विजे की पिता S. चंधरशेकर हैं, वो इसाई धर्म को मानते हैं और तमिल सिनेमा के एक जाने माने फिल्म
00:54डैरेक्टर है विजे की मां का नाम शोभा चंधरशेकर है वो एक हिंडू है विजे की मां एक फेमस सिंगर
00:59थी सिंगर के तौर पर उनका करियर काफी सकस्फुल रहा
01:03हालां कि एस चंदरशेखर से शादी के बाद उन्होंने सिंगिंग करियर छोड़ दिया
01:07विज़े ने अपने कई इंटरव्यू में बताया कि उनके माता-पिता की लव मैरिज हुई थी
01:11दोनों अलग-अलग धर्मों के थे
01:13हालां कि दोनों इंडिपेंडेंट थे
01:14इसलिए शादी में कोई खास बाधन नहीं आई
01:17शादी के बाद उनका जन्म हुआ
01:18विज़े ने कहा कि उनके घर का महौल कभी भी ऐसा नहीं रहा
01:21कि वहाँ धर्मेक सीमाय हो
01:23किसी पर धर्म नहीं थोपा गया
01:24उनकी परवरिश के इस पहलू ने धर्म के प्रती
01:27उनके नजरिये को गड़ने में एक एहम भूमी का निभाई है
01:30विज़े अलगलग धर्मों को अलगलग तरीके से मानते आए हैं
01:33हलांकि उन्होंने कभी पब्लिक ली खुद को किसी एक ही धर्म से नहीं जोड़ा है
01:37इसके बजाए उन्होंने लगतार किसी एक धर्म का पालन करने के बजाए
01:40इश्वर में अपनी आंस्था पर ही जोड़ दिया है
01:42विज़े अलगलग पूजस्थलों पर जाते हैं
01:44और उन सबी जगहों पर उन्हें एक तरह की आध्यात्मिक शांती का experience होता है
01:49वो मंदिर में पूजा करते हैं, मस्जिद जाकर नमाज अदा करते हैं
01:52और चर्च जाकर प्रेयर भी करते हैं
01:54विज़े का ये नजरिया एक बड़ी सोच को दर्शाता है
01:57एक ऐसी सोच जो धार्मिक ठपों या पहचानों के बजाए आध्यात्मिक तकों ज्यादा महत्व देती है
02:02विज़े की पबलिक लाइफ भी उनके इस नजरिय को और मजबूत करती है
02:06उन्हें अक्सर अपनी मा के साथ मंदिरों में जाते हुए देखा गया है
02:09कई बार विज़े माथे पर चंदन कर लेप या तिलक या पर रुदराक्ष की माला जैसे पारंपरिक हिंदू प्रतीक भी
02:15धारण किये हुए नजर आते हैं
02:16खास बात यह है कि जिस दिन तमिलनाडू विधानसबा चुनाओ का रिजल्ट आना था
02:20विज़े सुभा सबसे पहले मंदिर गए थे
02:21वहाँ उन्होंने पूजा की थी विज़े ने ये भी कहा
02:24कि उनकी परवरिश कैसे महल में हुई
02:26जहां उन्हें अपनी आस्था या विश्वास चुनने की पूरी आजादी मिली हुई थी
02:29उन्होंने इस सोच को अपने परिवार में भी आगे बढ़ाया है
02:32और ये पक्का किया है कि उनके बच्चे भी उसी खुलेपन और सबी धर्मों के लिए
02:36सम्मान के साथ बढ़े हों
02:38थलापती विजय की जड़े भले ही हिंदु धर्म और एसाई धर्म दोनों से जुड़ी हो लेकिन वो खुद को किसी
02:43एक धर्मिक पैचान तक सीमित नहीं रखते
02:45इसके बजाए वो खुद को ऐसे इनसान के तौर पर देखते हैं जो ईश्वर में विश्वास रखता है और सबी
02:50धर्मों का सम्मान पूरी तरीके से करता है
02:52फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमेद है आपको ये जानकारी पसंद आई होगी आप क्या कहना चाहेंगे फिजय थलापती
02:57के बारे में कॉमेंट सेक्शन में हमें लिख कर ज़रूर बताएं वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को
03:01सब्सक्राइब करना बिल्कुल
03:02पूले
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