00:02Supreme Court
00:03Supreme Court
00:04Chief Justice
00:21Justice Suryakant, Justice Ujwal Vhiyan और N. Kottishwar की Bench ने फैसला सुनाया कि इन अधिकारियों को पेंशन के लिए
00:30जरूरी कमसे कम 20 साल की सेबा पूरी हुई माना जाएगा भले ही उन्हें सेबा से पहले मुक्त कर दिया
00:37गया हो
00:39महलाओं के सेना में पर्मानेंट कमिशन को लेकर कई आचिकाएं दाखिल की गई थी जिन में 2019 में हुए नीतिकत
00:46बदलाओं और पिछले आर्म फोर्सेश ट्रिब्यूनल के फैसलों के आधार पर पर्मानेंट कमिशन ना दिये जाने को चुनोती दी गई
00:53थी
00:55फैसले के मुख्य हिस्सों को पढ़ते हुए CGI ने कहा कि महला अधिकारियों की सलाना गोपनियर रिपोर्ट अक्सर लापरवाही से
01:03ग्रेट की जाती थी
01:04इस सोच के साथ की वे करियर में आगे बढ़ने या पर्मानेंट कमिशन के लिए योग नहीं होंगी
01:11बेंच ने वायुसेना, नौसेना और सेना की SSC महला अधिकारियों को पर्मानेंट कमिशन ना दिये जाने के मामले को अलग
01:20से देखा
01:21वायुसेना के मामले में बेंच ने पाया कि 2019 में शुरू किये गए
01:25सेवा की अबदी के मानदंड और नियुनतम प्रदर्शन के मानदंड जल्दबाजी में लागू किये गए थे
01:32बेंच ने कहा कि पेंशन 20 साल की मानी गई सेवा के आधार पर तेकी जाएंगी जो एक नौंबर 2025
01:39से लागू होगी
01:41कोट ने उन अधिकारियों को विंग कमांडर के पद पर नोशनल टाइम इसकेल परमोशन देने की मांग खारिज कर दी
01:48जो अब सक्रिय सेवा में नहीं है
01:50हलाकि कोट ने ओपरेशनल प्रभाव सेलता का हवाला देते हुए सेवा में वापस लेने का आधेश देने से इनकार कर
01:58दिया
01:58लेकिन कहा कि यह वित्तिय लाभों से बंचित करने का आधार नहीं हो सकता
02:04इस मामले में विस्तृत फैसला आना अभिबाकी है
02:07इससे पहले किन सरकार ने अपनी नीती का बचाव करते हुए कहा था कि सेना की प्रक्रियाएं जनरल नियूट्रल है
02:15और सेवा से हटाना उस नीती का ही हिस्सा है जिसका मकसद सेना को युवा बनाए रखना है
02:23बिरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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