00:00Supreme Court there is a review of the case
00:14पूरी तरह से धार मिकास था और संप्रदाई की स्वेत्ता की दाइरे में आता है और न्यायक समिक्षा की दाइरे
00:20से बाहर है।
00:22नयाधीश बीवी नागरतना ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि किसी महिला को महीने में तीन दिन अच्छूत माना
00:29जाए और फिर चौथे दिन अच्छूत मानना बंद कर दिया जाए।
00:52सकता कि मेरी गरिमा, अधिकार या पसंद छीन ली गई है।
01:29सपरी माला मामले के अलावा, इस वैसले में मुस्लिम महिलाओं के मज्जिदों और दर्गाहों में घुसने और पारसी महिलाओं के
01:36अगियारी में घुसने से जुड़े मुद्दे शामिल थे, जिन की सुन्वाई 7 Αपरेल मंगलवार से शुरू हूई, जिसके 22 अपरेल
01:43को �
01:45Bureo Report, ETV Bhairat
Comments