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  • 42 minutes ago
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर के कश्मीर हाट में 'नोज योर आर्टिसन्स' कार्यक्रम के दौरान तिरंगे केसरिया, सफेद और हरे रंग की धारियों वाली उद्घाटन रिबन को काटने से इनकार कर दिया. तिरंगे के रंगों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए, उन्होंने रिबन को काटने के बजाय इसे सम्मानपूर्वक खोला और आयोजकों को वापस सौंप दिया. उमर ने यहां कश्मीर हाट में 'अपने कारीगर को जानो' कार्यक्रम के उद्घाटन के लिए काटे जाने वाले रिबन को देखकर कहा, "हम इसे (रिबन) नहीं काट सकते. इसे दोनों तरफ से हटा दें."मुख्यमंत्री के रिबन न काटने के अचानक लिए गए फैसले के पीछे कानूनी आधार और सम्मान दोनों हैं. असली, फिजिकल भारतीय राष्ट्रीय झंडे को काटना, राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत गैर-कानूनी है, क्योंकि यह अपमान माना जाता है. हालांकि मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले में कहा गया है कि तिरंगे के डिजाइन या प्रिंट वाला केक, कागज या कोई चीज काटना कोई जुर्म नहीं है और इसे देशभक्ति के खिलाफ नहीं माना जाता है. फिर भी, उमर के काम ने उन्हें विवाद में पड़ने से बचा लिया.

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00:30This is the first time of the war.
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01:31report EDV bharat
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