00:03एक तरह फिल्म को प्रोपेगेंडा कहा जा रहा है और दूसरी तरह फैक्ट्स को ही मिक्स अप करके नया कन्फूजन
00:09क्रियेट किया जा रहा है।
00:30ध्रूव ने अपनी तरफ से एक्स्प्लेनेशन देनी की कोशिश की है। वीडियो में ध्रूव राठी ने मनुस्मृति और कुछ पौराने
00:36ग्रंथों का हवाला देती हुए कहा कि भारत में कई हिंदू नौन्विच खाते हैं। यहां तक कि ब्रामणों का एक
00:43बड़ा हिस्स
00:57का सेवन किया था। अब यहीं से शुरू होता है असली कंफ्यूशन और थोड़ा सा ओवर स्मार्टनेस भी। द्रूव ने
01:05कहा कि वनवास के दौरान भगवान रामको शुद्शा कहारी बोचन कहां से मिलता होगा। और उन्होंने कल्पना करते हुए कहा
01:12कि क्या उन्होंने
01:25जानकारी को ट्विस्ट किया जा रहा है। दोस्तों आपके जानकारी के लिए बता दे कि कई विद्वानों और परंपरागत मानिताओं
01:32के अनुसार भगवान राम और भगवान कृष्ण के संदर्व में सुरा और मास जैसे शब्दों का मतलब आज की मौडन
01:40कॉंटेक्ट स
01:40से अलग हो सकता है। सुरा को कई जगह एक तरह का पेय या श्रबत भी माना गया है ना
01:47कि शराब जैसा कुछ इसी तरह मांस शब्द का उपयोग भी अलग संदर्वों में हुआ है जिसे सीधे आज के
01:54नौन विच कॉंसेप्ट से जोड़ना पूरी तरह सही नहीं माना जाता
01:58अब रोस्टिंग भी थोड़ी जरूरी है। मतलब है रिसर्च करना अच्छी बात है लेकिन अगर कॉंटेक्स्ट ही मिस कर दोगे
02:04तो नौलेज नहीं कन्फ्यूजन ही फैलेगा ना। अतिहास और धर्म के टॉपिक यानि गुगल प्लस इमाजिनेशन से नहीं प्रॉपर �
02:12एंडिस्टैंडिंग से समझे जाते हैं। ध्रोवराठे की वीडियो ने एक बार फिर इंटरनेट को डिवाइट कर दिया है। कुछ लोग
02:19उनकी बातों से सहमत तो कई लोग उनहें गलत जानकारी फैलाने के लिए ट्रोल कर रही है। एक यूजर ने
02:25कॉमेंट करते वे लि
02:42इतना और गिरेगा वियूज के लिए। नाम की यूजर ने लिखा यस, दवालमी की रमायना कंतेंस सेवरल मेंट कंशंप्शन पर्टिकुलर्ली
02:51बायर राम, लक्षमन और सीता दूरिं देर फोरेस्ट एक्साई। अस वेल आज एंडिस्रिप्शन और फिस्ट्रिप्शन �
03:09इतना समझ लो, आज के टाइम में इंफोर्मेशन से जादा मिस इनफोर्मेशन तेजी से फैल दी है। इसलिए जो भी
03:15सुनो उसे ब्लाइंडली मत मानो, थोड़ा खुद भी रिसर्च करो, वरना हाफ नॉलज से फुल कंशुजन होना गारेंटीड है।
03:28झाल
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