00:02आज हम आपको एक ऐसा वीडियो दिखाने जा रहे हैं जिसमें सिर्फ पूजा नहीं परिवार का प्यार, संसकार और आशिरवाद
00:08साफ नजर आ रहा है
00:09हाल ही में एक वीडियो तेजी से वारल हो रहा है जहां कता वाचक इंद्रेश उपाद्याई की बड़ी बहन करुणा
00:15शर्मा गंगौर पूजा करती नजर आ रही है
00:18और इस खास मौके पर पूरा परिवार एक साथ एक भावना में जुड़ा हुआ दिखा
00:23वीडियो में साब देखा जा सकता है कि इंद्रेश उपाद्याई की बड़ी बहन पूरी शरद्धा और विदिविधान के साथ गंगौर
00:29पूजा करवा रही है
00:30साथ ही वहां मौजूद हैं उनकी पतनी शिपरा शर्मा जो पूरे डिवोशन के साथ इस पूजा में शामिल नजर आती
00:36है
00:36पूजा के दौरान महौल बहुत शान, पवित्र और भावुक था
00:40लेकिन सबसे खास पल तबाया जब इंद्रेश उपाद्याय की बड़ी बहन ने इंद्रेश उपाद्याय की पतने शिपरा शर्मा को गले
00:48से लगाया
00:48वो एक छोटा सा पल था लेकिन उसमें सालों का प्यार अपना पन और आशिरवाद छुपा हुआ था
00:53ऐसा लग रहा था जैसे वो सिर्फ एक भाई नहीं एक पूरे परिवार की खुशियों का आशिरवाद ले रहे हों
00:59अगर आप गौर करें तो उनकी शादी में भी यही नजारा देखने को मिला था
01:03जब उनकी बड़ी महनियों ने और उनकी पतनी को दिल से आशिरवाद दिया था
01:07और वही रिष्टा गंगौर पूजा के दौरान में देखने को मिला और ये रिष्टा और भी ज़्यादा मजबूत नजर आया
01:13अब बात करते हैं गंगौर पूजा कैसली महत्वकी
01:15गंगौर पूजा माता पारवती को समर्पित होती है
01:18माता पारवती को सुहाग, प्रेम और समर्पन का प्रतीक माना जाता है
01:22इस पूजा में महिलाए भगवान शिव और माता पारवती की अरादना करती है
01:26अपने पती की लंबी उम्र और खुश्छाल विवाहिक जीवन के लिए माता पारवती से मनुकामना करती है
01:32इसके लावा कुवारी लड़कियां एक अच्छे और आदर्श जीवन साथी की कामना करती है
01:37इसके लावा घर परिवार में सुक्ष, शान्ति और सम्रद्धी बनी रहे इसके लिए भी मनुकामनाई की जाती है
01:43गंगौर पूजा कई दिनों तक चलती है माता की प्रतिमा बनाकर या सजाकर पूजा करती है
01:49गीद गाये जाते हैं, परंपरिक कपड़े पहने जाते हैं और अंत में पूरे श्रद्धा के साथ माता से आशिरवाद मांगा
01:55जाता है
01:55ये परव खास का राजिस्थार, मत्यप्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है
02:00इसमें महिलाएं सुलह सुरंगार करके पूरे मन से पूजा करती हैं यह सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं बलकि संस्कृती और
02:08रिष्टों की गहराई को दर्शाता है
02:09आज के समय में जब रिष्टों में दूरियां बढ़ रही हैं जब लोग अपने परिवार से दूर होते जा रहे
02:14हैं ऐसे में गंगौर जैसी परंपराएं याद दिलाती हैं कि असली खुशी असली सुकून हमारे अपने लोगों के साथ ही
02:20होता है
02:21इंद्रेश उपा दिहाई के इस वीडियो में सिर्फ पूजा नहीं दिखी बलकि एक परिवार की एक दासंसकार और प्यार दिखा
02:26और यही है गंगौर पूजा की असली खुबसूर्ती
02:29आपको यह वीडियो कैसा लगा कॉमेंट में जरूर बताएं और अगर आप भी मानते हैं कि परिवार सबसे बड़ा सहरा
02:35होता है तो इस वीडियो को लाइक और शेयर जरूर करें
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