Skip to playerSkip to main content
Lakshmi Panchami 2026: लक्ष्मी पंचमी कब है? लक्ष्मी पंचमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाई जाती है।आइये आज की इस वीडियो में जानते है कि इसका पूजा मुहूर्त क्या है, किस प्रकार आप पूजा करे, और इसकी पूजा आपको क्या फल प्राप्त होगा
#lakshmipanchami2026 #lakshmipuja #lakshmi #lakshmidevi #lakshmitips #lakshmipanchamipujavidhi #lakshmipanchamikabhai2026 #lakshmipanchamivideo #lakshmipanchamidate2026 #lakshmipanchami2april2026 #lakshmiupdate #lakshmiupload #lakshmipanchamipujakaisekare

~HT.504~PR.266~ED.118~

Category

🗞
News
Transcript
00:00यादेवी स्तरबभुतेसु लक्षमी रूपेण संसिता नमत तश्य नमत तश्य नमत तश्य नमो नमा
00:06प्यारे मित्रों जैशियाराम जैमातादी मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं
00:11लक्षमी पंचमी 23 मार्च 2026 पूजा का सुब महुर्त और पूजा विधी क्या है इस विषय पे करेंगे चर्चा
00:19तो लक्षमी पंचमी पूजा से मिलने वाला फल इस विषय में हम आप से बात करते हैं पहले
00:25माननेता है कि लक्षमी पंचमी के दिन की गई पूया, ब्रत और इस्तोत्र पाठ से धन, सुक, सफलता, शम्रद्धी, इत्यादि
00:36की प्राप्ती होती है, मालक्षमी का आसिरबात प्राप्त होता है
00:40इस दिन मालक्षमी अपने भक्तों के घर इस्थाई रूप्षे निवास करने की भावना से आती है, प्राचीन काल में यह
00:48विश्वास चला आ रहा है कि चैत्र मास के सुकलपक्ष की पंचमी तिथी, महालक्षमी पूजा यदि कोई भी भक्त सच्चे
00:58मन और सास्त्र शम्मत व
01:10भी आ जायेगा ब्रत, तो आपको बताएं 23 मार्च 2026 को मनाई जाएगी पंचमी तिथी, 22 मार्च 2026 को रात
01:19में 9 बच करके 16 मिनट पर प्रारंब हो रही है, 23 मार्च 2026 को साम को 6 बच करके
01:2538 मिनट पर यह तिथी समाप्त हो जाएगी, तो इसलिए इस तिथी को हम सभी लोग 23
01:32मार्च 2026 को मनाएंगे, अब पूजा कैसे करनी है, तो प्राते काल इश्टनान करके सुक्ष वस्त्रों को धारन करना है,
01:39ध्यान रखेगा आज आपको गुलाबी या लाल रंग के या पीले रंग के वस्त्रों को धारन करना है, घर में,
01:47कार्याले में, दुकान में, उत्तर �
01:50या पूर्व की ओर मुक करके मा लक्षमी की मूर्ती या प्रतिमा को आपको इस्थापित करना है, सबते पहले लक्षमी
01:58इस्तोत्र का पाट करिएगा, मंत्रों का जब करिए, जिस से हमारा मन एकाग ब्रु हो और इसके बाद में जो
02:06भी स्वरूप आपके सामने है, उनको द
02:09पूद, दही, घी, सहद, सकर इत्यादी से इस्पनान कराईए, फिर इसके बाद में सुद्ध जल से इस्पनान कराईए, और इसके
02:18बाद में वस्त्र इत्यादी मा को समर्पित करने के बाद में, भगवती को चंदन है, केले के पत्ते है, फूल
02:25की माला है, अक्षत है, चाव
02:37और लक्षमी के दो पद चिन होते हैं जो चिन चरण होते हैं उनको भी अपने घर में इस्थापित कर
02:45सकते हैं तो इस तरह से आप पूजा करिएगा मा लक्षमी की क्रपा आपके उपर हो घर में शुक्षम्रद्धी शांति
02:53आवे और यह नौरात्र पर्व में पंचम दिवश
02:57मा का पूजन किया जाता है आप चाहते हैं किसी भी तरह की कोई जानकारी पूजा पाटा नुष्ठांग से ले
03:03करके तो आप शंपर कर सकते हैं मैं पुना मिलता हूँ तब तक के लिए आप सभी को जै स्री
03:08कृष्णा जै श्याराम
Comments

Recommended