00:00क्रश्नाय वाशुदेवाय हरे परमात्मने प्रणताक्रेशनाशाय गोविंदाय नमोनमा
00:06प्यारे मित्रों जैश्याराम जैमातादी आज आप से चर्चा करते हैं
00:10यमुना छट और इसकंद सष्टी पामन पर्व कब मनाया जाएगा इस विशेपे करेंगे चर्चा
00:18तो 24 मार्च 2026 को यह पामन पर्व मनाया जाएगा चैत्र नौरात्री का छठा दिन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत उर्जावान
00:29माना जाता है
00:30इस साल 2026 में 24 मार्च को यह पामन पर्व यमुना छट और इसकंद सष्टी का पामन पर्व मनाया जाएगा
00:42यमुना देवी को यमुना के आउतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है
00:47वहीं इसकंद सष्टी भगवान शिव के जो पुत्र है जिने हम लोग कार्त के के नामशे जानते हैं उनको यह
00:56पामन पर्व शमर पित है
00:58यह दोनों ही पर्व शंतान की उन्नती परिवार में सम्रद्धी रोगों से मुक्ती विसेश फलदाई माने जाते हैं
01:08यदि आपके जीवन में संतान सुख आरोग की प्राप्ती बाधाओं की आसंका आ रही है बाधाएं बार बार सता रही
01:18है पुत्र को ले करके पुत्र प्राप्ती को ले करके समस्याएं आ रही है
01:24तो इन तिथियों पर आप बड़ी ही भक्ती और स्रद्धा के साथ पूजन को शंपन करियेगा
01:32यमुना छट और इसकंद सष्टी का सुब समय मैं आपको बताऊं
01:36चैत्रशुक्ल सष्टी तिथी का विशेश महत्व बताया गया है
01:4224 मार्च 2026 को पूजन के लिए अबजीत महूर्त दोपाहर में 12 बच करके 5 मिनट से लेकर के 12
01:51बच करके 53 मिनट तक रहेगा
01:54यमुना छट के आउशर पर शूर्रोदेश पूर्ब यमुना जी में इस्टनान करने का विधान है जिससे आत्मा शुद्ध होती है
02:04वहीं इसकंद स्ष्टी ब्रत रखने वाले भगतों के लिए स्ष्टी तिथी का जो शमापन है चार बज करके 8 मिनट
02:13पीम पर होगा
02:14इद सुब समय के की गई प्रार्थना घर में आपके बरकत को लेकर के आती है
02:21मन की इच्छाएं आपकी पूर्ण होती है और भगवती की पावन क्रपा भी आपको प्राप्त होती है
02:31सही समय में किया गया कार भविस्व की चिंताओं को दूर करता है सहजता पूरवक लाब की प्राप्ती होती है
02:42संतान सुख और आरोग्य के लिए पूजन का बिधान करना चाहिए
02:47सुबह जल्दी उठना चाहिए
02:49सुन्दर वस्त्रों को धार करना चाहिए
02:51यदि संभव हो तो यमुना के जल में इश्टनानिया आचमन करना चाहिए भगवान कार्तिक की प्रतिमा के सामने घी का
02:59दीपक जलाना चाहिए संतान की लंबी आयू के लिए आयू को बढ़ाने के लिए परमात्मा से प्रार्थना करनी चाहिए
03:08मा यमुना को पीले वस्त्र समर्पित करना चाहिए या नीले वस्त्र समर्पित करना चाहिए जो इसकंद देव हैं कार्तिके हैं
03:18इनको मोर के पंक और लाल फूल चड़ाना आतिन तुशुब माना गया है भोग में नारियल है कंद मूल फल
03:26अर्पित करना चाहिए जिससे घर मे
03:28शुक्षम्रदी सांति आती है ओम इसकंदाय नमा इस मंत्र का जब करना चाहिए भीतर के डर को शमाप्त करके साहस
03:37के साथ आत्मे विस्वास के साथ में पूजा करना चाहिए
03:41पूजा के बाद में आरती करना चाहिए, सुबह के मुख्य पूजन के बाद सूर्यस्त के समय तक ओम इसकंधाय नमा
03:49इसका आपको जब करते रहना चाहिए, मा भगवती का पावन आसिरबाद नौरात्र के दिनों में भी आपको प्राप्त हो रहा
03:58है, मा यमुना का भी आसिर�
04:04बाद आपको प्राप्त हो रहा है, अधिक जानकारी चाहते हैं तो आप शंपर करिएगा, मैं पुना मिलता हूँ नए वीडियो
04:10में तब तक के लिए आप सभी को जैजैस्त्री श्रीताराम, जैजैस्त्री राधेश्याम
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