00:03चैत्र नवरात्री का आठवा दन दुर्गा अश्टमी या महा अश्टमी के नाम से जाना जाता है।
00:30भक्तों में दुर्गाश्टुमी की सही तिथी को लेकर असमंजस है अगर आप भी अश्टुमी का वरत रखने की सोच रहे
00:36हैं तो आए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि अश्टुमी का वरत 25 या 26 किस दिन रखना उचित
00:42रहेगा साथी कन्या पूजन का सही समय क्या है
00:46चैत्र शुक्ल अश्टुमी तिथी की शुरुआद 25 मार्श 2026 को दोपहर एक पचकर 50 मिनट से शुरू हो रही है
00:54और इसका समापन 26 मार्श को सुबग 11 बचकर 48 मिनट तक रहेगा
00:59पूद्या तिथी के अधार पर दुर्गा अश्टुमी 26 मार्श को दिन गुरवार को ही मना जाएगा
01:04वरत पूजा और कन्या पूजन मुख्यरूप से 26 मार्श को ही करना शुब है
01:0825 मार्श को अश्टुमी केवल दोपहर से शुरू हो रही है ऐसे में पूर्ण अश्टुमी 26 मार्श को ही मानी
01:15जाएगी
01:15वैसे तो कन्या पूजन दुर्गा अश्टुमी और महानवमी दोनों दिनों पर किया जाता है
01:20चोटी करन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा, सम्मान और भूजन कराने से मादुर्गा अश्टुमी करन्या पूजन 26 मार्श
01:30दिन गुरुवार को
01:31महानवमी करन्या पूजन 27 मार्श दिन शुक्रुवार को
01:35दोनों दिनों में करन्या पूजन फल्दाई है लेकिन मुख्य रूप से अश्टमी पर से किया जाता है
01:40दुर्गा अश्टमी करन्या पूजन का शुम मुहरत सुबह 6 बचकर 18 मिनट से
01:45सुबह 7 बचकर 50 मिनट तक वहीं दूसरा समय सुबह 10 बचकर 55 मिनट से दोपहर 3 बचकर 31 मिनट
01:52तक
01:53इस दौरान पूजन करने से मा महागौरी की विशरिश कृपा मिलेगी यदि संभव हो तो सुबह का समय चुने
01:59क्योंकि ये सबसे शुब माना जाता है तिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी
02:05चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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