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00:00वास्तव में हमारे शहीद करांतिकारी अंग्रेजों से कम लड़ रहे थे और हिंदुस्तानियों से ज्यादा लड़ रहे थे
00:06ये जो बड़े-बड़े मुकदमे चले हैं करांतिकारियों पर जिनमें कई बार उन्हें फांसी की सजा हुई है उनमें पढ़
00:12लेना
00:13कि फासी की सजाद दिलवाने वाला वकील कौन था काला की गोरा
00:16और जो पुलिस थी जो इन्हें गिरफतार करके लाई थी
00:19वो कालों की पुलिस थी या गोरों की ये भी पढ़ लेना
00:22और जो सब गवाह थे जिन्हों ने गवाहियां दी
00:24वो गवाह काले थे कि गोरे ये भी पढ़ लेना
00:26तो अब बताओ लड़ाई अंग्रेजों खिलाफ थी ये हिंदुस्तानियों खिलाफ
00:31और आबादी कितनी थी हिंदुस्तान की आजादी के समय 40 करोड
00:35तो 40 जने याद रख रहे हो जो महापुरुष थे और नायक बन के सामने आए उनको याद रख रहे
00:40हो
00:40और ये सवाल पुछना भूल जाते हो कि ये बाकी 40 करोड क्या कर रहे थे
00:44इन 40 करोड ने जरा भी थोड़ी हरकत कर दी होती
00:47तो इन 40 लोगों काम सफल हो गया होता
00:51समझो इस बात को पूरी वेवस्था कौन चला रहा था अंग्रेश चला रहे थे क्या कितने अंग्रेश थे
00:55अंग्रेश क्या चला रहे थे हिंदुस्तानी तो पूरी वेवस्था चला रहे थे उसी वेवस्था में उनका स्वार्थ था
01:00और स्वार्थ इतने ही था कि चपरासी बन जाएंगे, सैनिक बन जाएंगे या कलर्क बन जाएंगे, इससे उपर अंग्रेज उन्हें
01:07जाने भी नहीं देते थे
01:07बाकि बहुत सारे उनको प्यादे चाहिए थे देश पे शासन करने के लिए
01:12वो प्यादे सारे कौन थे हमी काले भूरे लोग
01:16तो बताओ हमारे क्रांतिकारी फिर किस से लड़ रहे थे
01:19पर हमें अपनी नजरों में गिरना न पड़े इसलिए हमने एक अफ़ाह पहलाई है
01:24कि क्रांतिकारी ओं की लड़ाई अंग्रेजों से थी
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