00:05मैं एक डिवोर्सी हूँ और प्रोफेशन से मैं कस्टम सुप्रेटेंडन्ट हूँ और आज आपने जब यूटरस की कोलनायलिजेशन की बात
00:16करी तो लगा कि पुर्ष अगर ऐसे सोचने लगे और स्त्रियां भी खुद कि उनका जनम सिर्फ प्रजनां के लिए
00:24नहीं हुआ त
00:27मेरे ग्रेफिंग पिरिएड में आप मेरा बहुत बढ़े साथी रहे ऐसा बोलूंगे थैंक यू जरी जी करता बहुत आलस से
00:38उपर उपने के लिए लिए कुछ आलस आलस पर तो इतनी बात कहीं है आलस तो कुछ नहीं होता कि
00:46घर हंकार टूट रहोता है उधर जाने से रु
00:56कर रहे तो हिसपर फटान दोर जाती है उसको हम आलस कहते हैं उसका शरीर से कंप और और अहंकार
01:04से जाता है जिदहार अहंकार टूटता है उधर ने जाने साथ हो इस अग्छ
01:11क्यों रखे और भिशड़ने की है यह गांजे को अधिकी आपको छूटें शूटें आपको पुछ विले आपको तो गांज रखी
01:18एगा मापस आजा या यहाओ
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