00:00राजकापूर ने फिल्म बनाई मेरा नाम जोकर उलों बोलते थे ये ये जिन्दगी महा काव्य है तो राजकापूर जो अच्छे
00:05से अच्छा काम कर सकते थे हुआ
00:06उन्हें करडालन उन्हें मेरा नाम जोकर बना दी और उसको नोने एपिक बोला क्योंकि वो तीन हिंटे से ज्यादा लंबी
00:11पिक्चर थी और बहुत पैसा उसमें लगा दिया बहुत बड़े बजट की मूवी थी दिल से बनाई हुई फिल्म थी
00:18वो हमारी ओडियंस ने पीट �
00:22दो दिन नहीं चली वो क्यों कि दिल से बनाई थी तो राजकपूर ने क्या करा उन्होंने ठीक है तुम्हें
00:28यही चाहिए तुम्हें कुछ ऐसा बनाऊंगा जो चलेगा और उन पर लोन भी बहुत आ गया था मेरा नाम जोकर
00:33के लिए खूब लोन लिया था तो लोन भी खू
00:49टीफी बाइक आधे साइज की और वो दोनों उस पर घूम रहे हैं और कुछ बिकनी में सीन डाल दिये
00:53कुछ किसींगे सीन डाल दी और बहुत साधारन से उसकी कहानी लिख दी लव स्टोरी और वो इतनी चली इतनी
00:59चली इतनी चली कि मेरा नाम जोकर का सारा करजा पटा दि
01:15ना दिल से उठे हुए गीत चाहिए बदलाओ हम में आएगा तो हमारी फिल्में बदलेंगी नहीं तो ये बिल्कुल होगा
01:23कि कोई ऐसे ही पागल मस्खरा दीवाना अपनी जिंदगी के आहुती दे करके आपके लिए कुछ बहुत अच्छा कर भी
01:30देगा तो आप बस उसे �
01:32अधिक से अधिक शहीद का दरजा दे पाओगे आप उसके साथ जी नहीं पाओगे आप उसके साथ लड़ नहीं पाओगे
01:38आप उसकी जान ले लोगे
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