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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है, जहां LPG से भरे दो टैंकर — शिवालिक और नंदा देवी — खतरनाक होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित भारत पहुँच गए। करीब 92,000 मीट्रिक टन गैस लेकर ये जहाज़ मुंद्रा और कांडला की ओर पहुँचे, जिससे देश में गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है।

हालांकि सरकार समर्थक इसे बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, लेकिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ किया है कि कोई “ब्लैंकेट एग्रीमेंट” नहीं हुआ है और हर जहाज़ को अलग-अलग मंजूरी मिल रही है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज़ से गुजरना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, और भारत को हर शिप के लिए अलग बातचीत करनी पड़ रही है।

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~GR.510~HT.408~

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00:00आपने सुना होगा कि इजराइल, इरान और अमेरिका के युद के बीच में दो बड़े वेसल्स या फिर दो ओईल
00:06टैंकर्स इंडिया में पधारें
00:08इन टैंकर्स का नाम था शिवालिक और नंदादेवी
00:11अब उस टैंकर्स के आने के बाद ये कहा गया कि ये इंडियन डिप्लोमाटिक सक्सिस
00:16या फिर इंडिया जिस तरीके के बाद इरान के साथ कर रहा था उसी वजह से
00:21ये दोनों टैंकर्स LPG का एक बड़ा साथा लेकर या फिर LPG की एक बड़ी मातरा लेकर इंडिया में पदारे
00:27लेकिन आपको ये बता दे कि अब इंडिया के external affairs मंत्री या फिर विदेश मंत्री ने कहा है कि
00:34ये इरान के साथ कोई special समझोता नहीं है
00:38अभी भी एक-एक individual cases को देखते हुए ही एक-एक ship भारत में आ रही है
00:45इसका मतलब यही है कि जिस तरेके का एक बड़ा प्रचार किया गया कि ये दोनों ships इसी वजह से
00:51state of hormones से भारत आ पाई
00:53क्योंकि मूधी government ने कुछ एक अलग diplomacy सामने रख कर या फिर इरान के साथ कुछ समझोता करकर उनका
01:00रास्ता clear किया था
01:01हाला कि ऐसा नहीं है
01:03मैं आपको बताना चाहता हूँ कि ये पूरे युद्ध की बीच में state of hormones एक बड़ी मातरा में important
01:10हो चुका है
01:10ना सिफ भारत के लिए लेकिन पूरी दुनिया के लिए
01:12लेकिन आज की जो असलियत है या फिर सत्य है वो यही है कि देश में एक अलग पेमाने का
01:20LPG का panic शुरू हो चुका है
01:22वो panic हमें ये बताता है कि भारत में LPG की कमतरता जो है वो दिखाई तो दे रही है
01:27लेकिन दो शिप्स से आने से या फिर दो शिप्स भारत के पोर्ट पे आने से वो खतम नहीं होने
01:33वाले है
01:33हाला कि इन दो शिप्स ने लगभग 92,700 metric ton का LPG लाया
01:39उसमें सी एक शिप्स जो शिप्स थी वो मुंदरा पोर्ट गई तो दूसरी कंडला पोर्ट जाके रुकेगी
01:45लेकिन स्टेट ओफ हॉर्मूज अभी भी भारत की सारी शिप्स के लिए बंध ही है
01:51या फिर हर एक शिप एक एक केस अपना खुद का क्लिरंस करके सामने आ रही है
01:57तो इंडियन डिप्लोमसीन का जो एक बड़ी जीत मानी जा रही थी ये अर्थ सत्य था ये पूरी सत्य नहीं
02:04थी
02:04लेकिन अब ये एक important बात हो जाती है कि कोई एक blanket agreement नहीं है इरान के साथ जिस
02:09तरीके का होना चाहिए था
02:10और आपका अगला सवाल यही होगा कि ऐसा क्यों नहीं है
02:14तो देखिए जैशनकर ने खुद ही अपने words में कहा है कि हर एक शिप की जो moment है
02:20वो अभी अपने खुद की happening है या फिर खुद के वजह से हो रही है
02:23कोई एक systematic अभी तक जो सफलता हो मिलनी चाहिए थी वो वहापर नहीं है
02:29तो ये temporary तो है कि कही न कही एक शनिक है लेकिन ये आगे इससे जादा भी हो सकता
02:35है
02:35क्योंकि भारत के लिए भारत का जो LPG का पूरा एक तरीके से supply है
02:41वो दो शिप से होने नहीं वाला है
02:42हाला कि ये कयास लगाये जा रहे थे कि जो भी देश वहाँ पर युद लड़ रहे है
02:47चाहे वो इरान हो या फिर अमरीका हो या फिर इसराइल हो
02:50सभी के साथ भारत के अच्चे समन्तो है
02:53तो ऐसा क्यों है कि अभी तक हमने ये देखा था कि रश्या और युक्रेन के युद के बीच में
02:58मूदी सरकार, मूदी कपर्मेंट उन्होंने अपना समझोता करकर
03:02अपने लोगों को वहाँ से भार निकाला था
03:04लेकिन ये युद थोड़ा अलग है
03:06और खास तोर पर तब अलग है
03:08जब युद के सिर्फ 48 गंटों पहले तक
03:10भारत के पंतप्रदान इसराइल के दोरे पर थे
03:13हमने जब इरान के सर्वोचनेता खमेनी मारे गए
03:18उसके बाद भी जितने जल्दी
03:19एक तरीके से अपना स्टेटमेंट जारी करना चाहिए था
03:22वो नहीं हुआ था
03:24इन सारी चीजों के वज़र से इरान के साथ
03:26जो सम्मंद भारत के थे
03:27उन्हें कही न कही ठोस पहुची है
03:30और वो जो ठोस पहुची थी
03:32उसी का एक तरीके स्खामियाजा
03:35हमें स्टेट ओफ हॉरमूस से आनी वाली शिप्स
03:37जो इंडिया के लिए आ रही है
03:38उनको बुगतना पड़ रहा है
03:39इरान किन चीजों के वज़र से नाखुश है
03:42तो देखे पियम मोदी की जो अभी विजट हुई थी इसराइल की
03:45वो इरान के लिए काफी बड़ा कंसर्ण था
03:48दूसरी बात कि इसराइल का गाजा के रिलेटेड
03:52इसराइल का पैलेस्टीन के रिलेटेड
03:53या फिर पूरे वेस्ट इशिया रीजन में जो रवाया था
03:56उसकी खुली आलोचना तो नहीं
03:58लेकिन इसराइल के फेवर में कही न कही हमारी चुपपी के वज़़से
04:02हमारा वो पूजिशन या फिर स्टैंड था
04:04वो भी इरान को कही न कही खला है
04:07इससे पहले भी और इसके बाद भी खलने वाला है
04:09इसी इनी सारी चीजों की वजह से
04:11एक तरीके से भारत और इरान के बीच में जो चबार पोर्ट, इरान के ओईल इंपोर्ट, इन सारी के वज़ह
04:17से जो एक अच्छे नाते थे, उनमें कही न कही ठोस पोची और इसी वज़ह से अभी के दौर में
04:22जब हमारे शिप्स आ जाने चाहिए थे वाहसे, वो नहीं आ पा
04:26है, दूसीरे तरफ हमारे नेबर्स को हम देवते हैं, जो हमारे पोडोसी है, चाइना, बांगलादेश, इनको एक स्पेशल प्रिवलेज या
04:34फिर एक स्पेशल उनकी डील जो है, इरान के साथ हो चुकी है, जिसके बज़़ह से उनकी शिप्स को काफी
04:41क्लीरंस स्टेट ओफ
04:43मतलब एक तरफ जिस पोडोसी देश जिसको एक तरीके से भारत भी अपना ओईल या फिर सब कुछ दे रहा
04:49है, उसने इरान के साथ बात करकर खुद की शिप्स का मार्क जो है, वो क्लियर कर लिया है, देखे
04:54सबसे इंपोर्टन बात यही होता है, कि इरान और इंडिया के ब
05:11लेकिन भारत में अभी उस तरीके का एक बड़ा विनाशकारी समय भी नहीं आया है, और लपीजी का इनफ साथा
05:18अभी के टाइम पर भारत में ज़रूर है, बस सरकार का यही कहना है कि पैनिक में ज्यादा लपीज ओर
05:25मत करिये, लपीजी को खुद के घरों में, खुद के ज
05:41दिमेस्टिक सप्लाइज, कमर्शल पर हमने कट किया है, लेकिन दिमेस्टिक सप्लाइज आर कॉंटिनूट अड़ वी विल कॉंटिनू मेकिंग यह आपको
05:52यह भी पता दे कि लगभख 50% जो भारत का ऑईल है और जो गैस है वो स्रेट ओफ
05:57और मुज से बहता है, और इसी व
06:10अगर इसके बात हम करें, कि भारत में क्या हो रहा है, भारत में LPG बुकिंग्स में 7 प्रतिशत से
06:16भी बड़ी मातरा में उच्छाल देखा गया है, और हमने देखा कि किस तरीके से बड़ी एक तरीके से लाइन्स
06:23हमें दिखाई दे रही LPG ऑफिसेस के बाहर, और उसके बा�
06:39परा दिया गया है, पचाक सिलाग से भी जादा सिलेंडर से डेली मातरा में रोज वहाँ पे दिये जा रहे
06:44है, लगबग 25 दिलों का वेटिंग पिरोड शेहरों में है, 45 दिनों का गाओं में है, वो इसी वज़ा से
06:51कि उसकी होर्डिंग ना हो, लोग LPG अननिसेसरी अपने �
06:55जिसको जादा जरूवत है, उसकी तरफ के जाए, लेकिन यहाँ पर सवाल यही उठता है, कि भारत और जो न्यूटरल
07:03रहने वाला भारत है, जिसके इरान के साथ इतने अच्छे संबंध थे, वो इरान आज भारत को फ्री पास या
07:10फिर जिस तरीके का एक अनिंटरॉप्ट
07:23या फिर अंतराष्टिय जो राजनिती होती है, संबंध होती है, यह इसी तरीके का कोई खेल है, कि जहाँ पर
07:29आपको लगता है कि यह दो सब से स्ट्रॉंग प्रतिसपर्दी है, उनकी तरफ हमें जाना चाहिए, लेकिन इरान उसके खिलाफ
07:38सारी पावर, सारी शक्तिया भी
07:40आगे, उसके बावजूद एक इंपोर्टन स्टेट ओफ हर्मूस पर आज वो राज्स कर रहा है और वो यह मेक्शोर कर
07:45रहा है कि इरान का महत हो, सिर्फ भारत नहीं, पूरा देश और पूरी दुनिया जाने है
07:57आप देखते रहिए वन इंडिया न्यूस और भी इंटरनेशन न्यूस की
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