00:00दुनिया इस वक्त एक ऐसे मोड पर खड़ी है जहां तेल की एक बूंद भी सियासत तै कर रही है
00:06अमेरिका, इसराइल और इरान की जंग के 17 दिन वाद अब असली लड़ाई जमीन पर नहीं समुद्र के रास्तों पर
00:13लड़ी जा रही है
00:14और इस लड़ाई का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है स्ट्रेट अफ हॉर्मुज
00:18ये वही रास्ता है जिससे हर दिन दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई गुजरती थी
00:23लेकिन अब हालात ये हैं कि यहां टैंकर ट्राफिक लगभग रुख चुका है
00:28सैकडो जहाज गल्फ ऑफ अमान के बाहर खड़े हैं लेकिन आगे बढ़ने की हिम्मत कोई नहीं कर रहा
00:34इरान ने साफ कर दिया है कि ये रास्ता अब उसके दुश्मनों के लिए बंध है
00:38इरान की रणनीती सिर्फ एक रास्ता रोकने की नहीं है बलकि पूरी सप्लाई चेन को जाम करने की है
00:44पहला वार हॉर्मुस पर हुआ ये सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा रास्ता है लेकिन इसकी एहमियत पूरी दुनिया के लिए बहुत
00:51बड़ी है
00:52साओधी अरब, UAE, इराक, कुवेट और कतर जैसे देश इसी रास्ते से तेल भेजते हैं
00:57यहां हलचल रुकते ही गलोबल मार्किट में हलचल शुरू हो गई
01:01जब हॉर्मुस पर खत्रा बढ़ा तो मीट थी कि दूसरे रास्तों से सप्लाई जारी रहेगी
01:06लेकिन इरान ने उसकी भी तैयारी पहले से कर रखी थी
01:09दूसरा रास्ता था UAE का फुजेरा पोर्ट
01:12इसके लिए 2012 में एक बड़ी पाइपलाईन बनाई गई थी
01:16ताकि हॉर्मोस बंद होने पर भी तेल बाहर निकल सके
01:19लेकिन इस बार फुजेरा भी सुरक्षित नहीं रहा
01:21ड्रोन हमलों के बाद यहां काम ठप हो गया
01:24और बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने ओपरेशन रोग दिये
01:27अब बचा तीसरा रास्ता
01:29साउदी अरब की East-West पाइपलाईन
01:32जो तेल को यानबू तक पहुचाती है
01:34यहां से तेल लाल सागर के रास्ते बाहर जाता है
01:37लेकिन इस रास्ते में सबसे बड़ा खत्रा है बाबल मंदब
01:40यह एक संकरा समुदरी रास्ता है
01:42जहां पहले से ही हमले हो रहे थे
01:44अब यमन के हूती विद्रोही खुलकर मैदान में आ गए है
01:48और उन्होंने साफ कह दिया है कि इस रास्ते को बंद करना उनकी प्राथविकता है
01:52इसका मतलब यह हुआ कि अगर हॉर्मोज और बाबल मंदब दोनों बंद हो जाते हैं
01:56तो दुनिया के समुदरी तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा एक जटके में रुख सकता है
02:00इसका असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहेगा
02:03पेटरोल, डीजल, एलपीजी, हर चीज महंगी होगी
02:06हवाई किराय बढ़ेंगे और रोज मरला की जिन्दगी पर सीधा असर पड़ेगा
02:11हालात इतने गंभीर हैं कि बड़ी-बड़ी शिपिंग कंपनिया इन रास्तों से दूर हो चुकी है
02:16जहाजों को अब अफरिका के केप ऑफ गुड होप का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है
02:20जिससे समय और लाटत दोनों बढ़ रहे हैं
02:23उपर से इंशॉरंस कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिये हैं
02:26भारत जैसे देश के लिए ये संकट और बढ़ा है
02:29क्योंकि वो अपनी जरूरत का ज्यादा तरतेल बाहर से लाता है
02:32अगर ये स्थिती लंबी चली तो इसका असर सीधे आम आदमी की जेप पर पड़ेगा
02:37कुल मिलाकर ये सिर्फ एक जंग नहीं है
02:40ये उर्जा पर नियंत्रन की लड़ाई है
02:42जिसमें हर कदम सोच समझ कर रखा जा रहा है
02:45और इस खेल में सबसे ज्यादा असर उस आम इंसान पर पढ़ने वाला है
02:49जो सिर्फ बढ़ती कीमतों को महसूस करेगा
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