00:06मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं कि मां के परंपवित्र पावन नौरात्री कप से प्रारम हो रहे हैं
00:24स्थापना चाहिए अपने घरों पर चौकी लगा करें गे
00:32मा के प्रम्पवित्र पावन नौरात्रे प्रारम्भ हो रहे हैं
00:3719 मार्च से भगवती के दिन प्रारंब हो रहे है, 19 मार्च को ही कलस स्थापना की जाएगी, मा का
00:46प्रथम दिन 19 मार्च को होगा, और मा प्रथम शैल पुत्री का पूजन हम 19 मार्च से प्रारंब करेंगे,
00:54तो कैसे करना है मा का पूजन, पूजन बिधी क्या है, इस दिसे पे भी आपसे चर्चा करते हैं, तो
01:01नौरात्र के दिन प्रथम दिन प्राते काल उठकर के सुद्ध इश्नानित्यादी करना चाहिए, मन को पवित्रता के साथ में मा
01:10की पामन भजन को करते हुए सुबह उठना
01:14चाहिए, और इसके बाद इश्नानित्यादी करना चाहिए, घर के मंदिर की साथ सफाई करना चाहिए, वहाँ पर एक चौकी स्थापित
01:22करना चाहिए, उस चौकी के ऊपर लाल कलर के वस्त्र को या पीले कलर के वस्त्र को विछाना चाहिए, फिर
01:29उस वस्त्र के ऊपर मा भ�
01:31अगवती को स्थापित करना चाहिए और उसी के पास में मिट्टी के पात्र में जो जौब होने के लिए होता
01:39है उसको भी स्थापित करना चाहिए मिट्टी के पात्र में आपको जौब होना चाहिए उसी के पास में आपको कलस
01:47की स्थापना करनी चाहिए कलस में आप रोली चा
02:01के पत्ते रखना चाहिए फिर पूर्ण पात्र एक पात्र में चावल भर करके रखना चाहिए उसके उपर लाल कपड़े में
02:09लपेट करके स्रीफल अर्थात नार्यल रखना चाहिए और इसके साथ ही उसमें अशोक के या आम के पत्ते भी रखने
02:18चाहिए देवी के चौकी के �
02:20में अखंड जोती स्फापित करनी चाहिए और नौ दिनों तक वह जोती प्रापर रुप से प्रज्वलित होती रहें अगर आप
02:29अपने घर में ब्रह्मन को बुला करके पाट करा रहे हैं नौ दिनों तक वह जोती आपके यहां पर पूरी
02:36तरह से प्रज्वलित होनी चाहिए �
02:39और इसके साथ में अगर आप रोज जोत जलाते हैं, रोज पूजा करते हैं, पाट करते हैं, अखंड जोत नहीं
02:47जला पा रहे हैं, तो इसमें भी कोई समस्या नहीं है, आप जिस समय प्राते काल पूजा करिएगा, उस समय
02:53मा के सामने जोती जलाईएगा, जोत प्रज्वलित क
02:56और मा को दीपक के त्याद दिखा करके मा का पूजन करिएगा पाट करिएगा हनुमान चालिसा है दुरगा चालिसा है
03:05जो भी आप पढ़ सकते हैं उनको करिएगा क्योंकि मा के साथ में लांगुर के रूप में हनुमान जी महराज
03:12भी चलते हैं और मा भगवती के पामन दिन ह
03:15तो लांगुर वीर चलत अगुमानी हनुमान जी का भी आप पूजन कर सकते हैं।
03:50आप मेरे से बात कर सकते हैं शमस्याएं आपकी समाधान हमारे मैं पुना मिलता हूँ नए वीडियो में तब तक
04:01के लिए दीजिए याज़त जैए स्रीकृष्णा
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