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Shab E Qadr 2026: रमज़ान के आखिरी दस दिनों में एक ऐसी मुबारक रात आती है जिसे Laylat al-Qadr यानी शबे क़द्र कहा जाता है।

कुरआन के अनुसार यह रात हज़ार महीनों से भी बेहतर बताई गई है।

इसी वजह से बहुत से लोग पूरी रात जागकर इबादत करते हैं।

लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल आता है —
क्या शबे क़द्र की रात जागना ज़रूरी है?
अगर कोई सो जाए तो क्या उसे गुनाह होगा?

आज इस वीडियो में हम इसी सवाल का आसान भाषा में जवाब जानेंगे।



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~HT.504~PR.115~ED.118~

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Transcript
00:00रम्जान के महीने में आने वाली सबसे मुबारक रात को लैलतुलकद्र यानी शब कद्र कहा जाता है।
00:05इस रात की आहमियत इतनी ज्यादा है कि इसलाम की पवित्र किताब कुरान में बताया गया कि ये रात हजार
00:11महीनों से बहतर है।
00:12यानि अगर कोई इनसान इस रात सचे दिल से इबादत करता है तो उसे 83 साल से ज़्यादा इबादत का
00:17सवाब मिल सकता है
00:18लेकिन हर साल रमजान के आखरी दिनों में एक सवाल बहुत पूछा जाता है
00:22कै शब कदर की रात पूरी रात जागना जरूरी है
00:25क्या पूरी रात जागना जरूरी है
00:52यानि अगर कोई इनसान पूरी रात नहीं जाक पाता या ठकान की वज़ा से सो जाता है तो उसे गुना
00:56नहीं होता
00:57असल में इसलाम में अबादत का मकसद सिर्फ जागना नहीं बलकि दिल से अल्ला को याद करना है
01:02इसलिए अगर कोई इनसान थोड़ी देर नमास पढ़ ले, कुरान पढ़ ले, दुआ कर ले
01:06तो भी उसे शब कदर की बरकत मिल सकती है
01:08ये आपके लिए एक अपॉर्चूनिटी जैसा है
01:11अगर आपने इसे मिस कर दिया
01:12तो शायद ये फिर तुबारा आपकी जिन्दगी में आए या ना है
01:16इसकी कोई गैरिंटी नहीं
01:17अधिसों में बताया गया है कि जब रमजान के आखरी दस दिन आते थे
01:34अगर किसी को पूरी रात जागना मुश्किल लगता है
01:37तो वो इस तरह भी शब कदर की अबादत कर सकता है
01:40इशा और तरावी के नमास पढ़े
01:42अगर कोई इनसान इशा और तरावी के नमास पढ़ ले
01:44तो उसे भी बहुत बड़ा सवाब मिलता है
01:46कुछ वक्त कुरान पढ़े
01:48थोड़ी देर कुरान पढ़ना या सुनना भी बहुत बड़ी अबादत है
01:51अल्ला से माफी मांगना और दूआ करना
01:53शब कदर की सबसे एहम अबादत मानी जाती है
01:55तहजुत पढ़े
01:56अगर संभव हो तो रात के आखरी हिस्टे में उठकर
01:59तहजुत की नमास पढ़ना बहुत फायदे मन्द होता है
02:02शब कदर की रात में ये दूआ पढ़ना बहुत अफजल माना जाता है
02:09ये दूआ प्राफिट महम्मत ने सिखाई थी
02:12इसका मतलब है
02:13ए अल्ला तु माफ करने वाला है और माफी को पसंद करता है
02:16इसलिए मुझे माफ कर दे
02:17बहुत से लोग समझते हैं कि शब कदर का मतलब सिर्फ पूरी रात जागना है
02:21लेकिन असल में इसका मकसल अल्ला को याद करना
02:23अपने गुनाहों से तौबा करना
02:25और अपने जिन्दगी को बहतर बनाने का फैसला करना
02:28अगर कोई इनसान थोड़ी देर भी सच्चे दिल से इबादत करता है
02:31तो उसे भी बहुत बड़ा सवाब मिलता है
02:34तो दोस्तों अब आप समझी गए होंगे
02:36कि शब्यकदर की रात जागना जरूरी नहीं
02:38लेकिन जितनी ज्यादा इबादत की जाए उतना बहतर है
02:41थोड़ी सी इबादत भी अगर सच्चे दिल से की जाए
02:43तो अल्ला उसे जरूर कुबोल करता है
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