00:00रम्जान के महीने में आने वाली सबसे मुबारक रात को लैलतुलकद्र यानी शब कद्र कहा जाता है।
00:05इस रात की आहमियत इतनी ज्यादा है कि इसलाम की पवित्र किताब कुरान में बताया गया कि ये रात हजार
00:11महीनों से बहतर है।
00:12यानि अगर कोई इनसान इस रात सचे दिल से इबादत करता है तो उसे 83 साल से ज़्यादा इबादत का
00:17सवाब मिल सकता है
00:18लेकिन हर साल रमजान के आखरी दिनों में एक सवाल बहुत पूछा जाता है
00:22कै शब कदर की रात पूरी रात जागना जरूरी है
00:25क्या पूरी रात जागना जरूरी है
00:52यानि अगर कोई इनसान पूरी रात नहीं जाक पाता या ठकान की वज़ा से सो जाता है तो उसे गुना
00:56नहीं होता
00:57असल में इसलाम में अबादत का मकसद सिर्फ जागना नहीं बलकि दिल से अल्ला को याद करना है
01:02इसलिए अगर कोई इनसान थोड़ी देर नमास पढ़ ले, कुरान पढ़ ले, दुआ कर ले
01:06तो भी उसे शब कदर की बरकत मिल सकती है
01:08ये आपके लिए एक अपॉर्चूनिटी जैसा है
01:11अगर आपने इसे मिस कर दिया
01:12तो शायद ये फिर तुबारा आपकी जिन्दगी में आए या ना है
01:16इसकी कोई गैरिंटी नहीं
01:17अधिसों में बताया गया है कि जब रमजान के आखरी दस दिन आते थे
01:34अगर किसी को पूरी रात जागना मुश्किल लगता है
01:37तो वो इस तरह भी शब कदर की अबादत कर सकता है
01:40इशा और तरावी के नमास पढ़े
01:42अगर कोई इनसान इशा और तरावी के नमास पढ़ ले
01:44तो उसे भी बहुत बड़ा सवाब मिलता है
01:46कुछ वक्त कुरान पढ़े
01:48थोड़ी देर कुरान पढ़ना या सुनना भी बहुत बड़ी अबादत है
01:51अल्ला से माफी मांगना और दूआ करना
01:53शब कदर की सबसे एहम अबादत मानी जाती है
01:55तहजुत पढ़े
01:56अगर संभव हो तो रात के आखरी हिस्टे में उठकर
01:59तहजुत की नमास पढ़ना बहुत फायदे मन्द होता है
02:02शब कदर की रात में ये दूआ पढ़ना बहुत अफजल माना जाता है
02:09ये दूआ प्राफिट महम्मत ने सिखाई थी
02:12इसका मतलब है
02:13ए अल्ला तु माफ करने वाला है और माफी को पसंद करता है
02:16इसलिए मुझे माफ कर दे
02:17बहुत से लोग समझते हैं कि शब कदर का मतलब सिर्फ पूरी रात जागना है
02:21लेकिन असल में इसका मकसल अल्ला को याद करना
02:23अपने गुनाहों से तौबा करना
02:25और अपने जिन्दगी को बहतर बनाने का फैसला करना
02:28अगर कोई इनसान थोड़ी देर भी सच्चे दिल से इबादत करता है
02:31तो उसे भी बहुत बड़ा सवाब मिलता है
02:34तो दोस्तों अब आप समझी गए होंगे
02:36कि शब्यकदर की रात जागना जरूरी नहीं
02:38लेकिन जितनी ज्यादा इबादत की जाए उतना बहतर है
02:41थोड़ी सी इबादत भी अगर सच्चे दिल से की जाए
02:43तो अल्ला उसे जरूर कुबोल करता है
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