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Papmochani Ekadashi Vrat Katha 2026: 15 मार्च को पापमोचिनी एकादशी मनाई जा रही है, ऐसे में आइये आपको सुनाते है व्रत कथा

Papmochani Ekadashi Vrat Katha 2026: Papmochani Ekadashi is being celebrated on March 15, so let us tell you the fast story.

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Transcript
00:00चैत्र मास के क्रिश्न पक्ष की एकादशी को पाप मोचीनी एकादशी कहते हैं।
00:05इस साल पाप मोचीनी एकादशी का वृत 15 मार्च को रखा जाएगा।
00:10इस एकादशी का वृत जो रखता है उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं।
00:15मार्च में दो बारे एकादशी आती हैं एक क्रिष्ण पक्ष की पाप मूचिनि इकादशी और सुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी
00:22आईए आज की इस वीडियो में हम बात
00:25करेंगे पाप मोचनी एकादिशी की व्रत कथा के बारे में युधिष्ट ने भगवान कृष्ण से चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादिशी
00:31के बारे में पूछा इस पर भगवान श्री कृष्ण बोले राजेंद्र मैं आज आपको उस पाप नाशक एकादिशी का महत्व
00:39बता
00:53भी मजुगोशा नाम की एक अपसरा मुनिवर मेधावी को मोहित करने के लिए गई वे महर्शी उसी वन में रहकर
01:00तपस्या और प्रमाचुर्य का पालन कर रहे थे
01:03मजुगोशा मुनि के डर से आश्वरम से थोड़ी दूर रुग गई और मुनि को मोहित करने की कोशिश करने लगी
01:09इस तरह वो सुन्दर धंग से वीना बजाती हुई मधर गीद काने लगी
01:14मुनि श्रेष्ट मेधावी घूमते हुई उधर जाने के लिए और उस सुन्दरी अपसरा को इस प्रकार गान करते देख मोह
01:20के वशिभूत हो गए
01:22मुनि की ऐसी अवस्था देख मजुगोशा उनके पास आई और उनका आलिंगन करने लगी
01:27मेधावी भी उसके साथ घूमने चले गए
01:30कामवश रमन करते हुई उन्हें रात और दिन का भी ध्यान नहीं रहा
01:34इस प्रकार मुनि को अपसरा के साथ रमन करते हो उन्हें बहुत दिन बेट गए
01:39एक दिन मजुगोशा ने वापस अपने देव लोग जाने की बात करी
01:43जाते समय उसने मुनि श्रिष्ट मेधावी से कहा
01:46अब मुझे अपने देश जाने की इजासत दे
01:49मेधावी बोले जब तक सुभा ना हो जाए जब तक मेरी ही पास ठहरो
01:53अपसरा ने कहा अब तक न जाने की कितनी शाम और सुभा चली गई
01:58मुनि देव और कितना मैं या ठहरू
02:00मुझ पर कृपा करके बीते हुए समय के बारे में तो सोचे
02:03एकदम से अपसरा की बात सुनकर मेधावी को बहुत आश्चरे हुआ
02:07उस समय उन्होंने बीते हुए समय का हिसाब लगाया तो मालूम हुआ कि उसके साथ रहते 57 वर्ष हो गए
02:14है
02:14उसे अपनी तपस्या का विनाश करने वाली जान कर मुनि को उस पर बड़ा क्रोध हुआ
02:19उन्होंने उसे श्राब देते हुए कहा पापी नी तुप पिशाची नी हो जा
02:24मुनि की श्राब से दगद होकर वो विने से उनके पैरों में गिर कर बोली
02:28मेरा उद्धार कीजे मैंने तो आपके साथ अनेक साल व्यतीत किये हैं
02:32इसलिए मुझ पर क्रिपा करें मुनि बोले श्राब से उद्धार करने के लिए एक उपाय बताता हूँ
02:38तुमने मेरे बहुत बड़ी तपस्या नश्ट कर डाली है
02:40चैतर क्रिश्न पक्ष में जो शुब एक आदिशी आती है उसका नाप है पाप मोचनी
02:45वो सब पापों का नाश करने वाली है उसी का व्रत करने पर तुम्हारी पिशाचता दूर होगी
02:50ऐसा कहकर मेधावी अपने पता मुनिवर्ट शेवन के आश्रम पर गए
02:54उन्हें आया देख चेवन ने पूछा बेटा ये क्या किया तुमने तो अपने पूर्णे का नाश कर डाला
03:00मेधावी बोले पिटा जी मैंने अपसरा के साथ रमन करने का पातक किया है
03:05कोई ऐसा प्राश्वित बताईए जिससे पाप का नाश हो जाए
03:08जिवन ने कहा चैतर कृष्ण पक्ष में जो पाप मोचनी इकादशी होती है उसका वरत करने पर पाप राशी का
03:16विनाश हो जाएगा
03:17पिता की ये बात सुनकर मिधावी ने उस वरत को श्रद्धा से किया और उनके सभी पाप इस एकादशी के
03:22वरत से नश्ट हो गए और वे दुबारा तपस्या करने लगे
03:25वही मजुगोशा ने भी इस वरत को किया पाप मोचनी का वरत करने के कारण वो भी पिशाज योनी से
03:31मुक्त होई और फिर अपसरा होकर स्वर्ग लोग में चली गई
03:34तो ऐसे में जो मनुश्य पाप मोचनी कादशी का वरत करते हैं उनका सारा पाप नश्ट हो जाता है इसके
03:41पढ़ने और सुनने से सहस्त्र गोदान का फल मिलता है
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