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Shab E Qadr 2026: रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए रहमत, बरकत और माफी का महीना माना जाता है। लेकिन इसी रमज़ान में एक ऐसी रात भी आती है जिसे इस्लाम में साल की सबसे पवित्र और सबसे अहम रात कहा गया है।

इस मुबारक रात को Laylat al-Qadr यानी शबे क़द्र कहा जाता है।

कुरआन में बताया गया है कि यह रात हजार महीनों से बेहतर है। यानी अगर कोई इंसान इस रात में सच्चे दिल से इबादत करता है तो उसे लगभग 83 साल से ज्यादा की इबादत के बराबर सवाब मिल सकता है।

इसी वजह से मुसलमान इस रात को जागकर नमाज़ पढ़ते हैं, कुरआन की तिलावत करते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते हैं।

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~PR.115~ED.318~ED.464~
Transcript
00:03रम्जान का महीना मुसल्मानों के लिए रह्मत बरकत और माफी का महीना माना जाता है लेकिन इसी रम्जान में एक
00:08ऐसी रात भी आती है जिसे इसलाम में साल की सबसे पाक और सबसे एहम रात कहा गया है
00:13इस मुबारक रात को ललतुलकद्र यानी शब अकद्र कहा जाता है
00:16कुरान में बताया गया है कि ये रात हजार महीनों से बहतर है
00:19यानी अगर कोई इनसान इस रात में सचे दिल से अबादत करता है
00:23तो उसे लगभग 83 साल से ज़्यादा की अबादत के बराबर सवाब मिल सकता है
00:27इसी वज़े से मुसल्मान इस रात को जाकर नमास पढ़ते हैं
00:30कुरान की तिलावत करते हैं और अल्ला से दुआ मांगते हैं
00:33लेकिन बहुत से लोगों के मन में ये सवाल होता है कि
00:35शब कदर की रात क्या पढ़ना चाहिए
00:37और 27 वी रात को इतना खास क्यों माना जाता है
00:40चलिए इस वीडियो में हम आपको बताते है
00:42शब कदर की रात में सबसे ज़्यादा अबादत करने की सलह दी जाती है
00:45इस रात इनसان को زیادہ से ज़ inspections को याद करना चाहिए
01:03इसलिए मुसलिये इस रात ज्याद से ज्यादा कुरान पढ़ने की कोशिश करते हैं
01:07अगर पूरा कुरान पढ़ना संभव न हो तो चोटी चोटी सुरह भी पढ़ी जा सकती है
01:11जिसने सुर एकलास सुरह फलक सुरह नास
01:13इन सूरह को बार बार पढ़ना भी बहुत सवाब का काम माना जाता है
01:17शब खदुर की सबसे मशूर दूआ ये है
01:23इसका मतलब है एल्ला तु माफ करने वाला है और माफी को पसंद करता है
01:27इसलिए मुझे माफ कर दे
01:29इसलिए इस राद बार बार ये दूआ पढ़ना बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत
01:37बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बह
01:58नेक काम माना जाता है
01:59अगर कोई इन्सान इस रात जरूरत मन्दों को खाना किला है
02:02दान करे या किसी की मदद करे
02:04तो उसका सबाब बहुत जादा माना जाता है
02:06अब सवाल ये है कि शब खदर की 27 वी रात
02:08को इतना खास क्यों माना जाता है
02:10असल में इसलाम में शब कदर की सही तारीख तै नहीं बताई गई है।
02:14हदीथों के मताबिक ये रमजान के आखरे दस दिनों की ताक यानी और रातों में होती है।
02:1920-23-25-27-29 इनमें से किसी भी रात शब कदर हो सकती है।
02:25कई इसलामी विद्वानों और परमप्राओं में ये माना जाता है कि 27 मी रात में शब कदर होने की संभावना
02:30ज्यादा है।
02:31इसी वज़े से दुनिया भर में बहुत से मुसल्मान इस रात को खास तोर पर अबादत करते हैं।
02:35इस रात मजजिदों में भीर जादा होती है और लोग पूरी रात नमास, दिलावत और दुआ में बिताते हैं।
02:40तो शब कदर की रात का असली मकसद यही है कि इनसान अपने गुनाहों से तौबा करे, अल्ला से माफी
02:45मांगे और अपनी जिन्दगी को बहतर बनाने की कोशिश करे क्योंकि इस रात की इबादत को इसलाम में हजार महीनों
02:50से बहतर बताया गया है।
02:51फिलाल इस वीडियो में इतना है, अगर आपको यह जानकार यह पसंदा आई हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें
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