00:04रम्जान का आखरी अश्रा यानि आखरी दस दिन मुसल्मानों के लिए सबसे ज़्यादा एहम माने जाते हैं
00:09इन्ही रातों में एक रात होती है जिसे लेलत-ुल्कद्र कहा जाता है
00:13कुरान में इस रात को हजार महीनों से बहतर बताया गया है
00:24रम्जान का आखरी अश्रा यानि आखरी दस दिन मुसल्मानों के लिए सबसे ज़्यादा एहम माने जाते है
00:29इन्ही रातों में एक रात होती है जिसे लेलत-ुल्कद्र कहा जाता है
00:33कुरान में इस रात को हजार महीनों से बहतर बताया गया है
00:35इसलिए हर मुसल्मान चाहता है कि वो इस रात को पाए और ज्यादत से ज़्यादा अबात करें
00:40लेकिन सवाल यह कि ललतुलकद्र क्या है? कि 27 वी रात ही ललतुलकद्र होती है?
00:45और 2026 में ये रात किस तारीक हो सकती है?
00:48आज की इस वीडियो में हम कुरान हदीस और उलिमा की राय के अधार पर इन सबी सवालों को समझेंगे
00:53सबसे पहले समझते हैं लड़तुलकदर क्या है
00:55कुरान की सुरह अलकदर में अल्ला ताला फर्माता है
00:58लड़तुलकदर हजार महीनों से बहतर है
01:00यानि इस रात की अबादत का सवाब लगबक 83 साल की अबादत से भी ज़्यादा होता है
01:04इसी रात में कुरान की पहली आयते नाजिए हुई थी
01:06इसलिए ये रात इसलाम में बहुत खास मानी जाती है
01:09क्या 27 रात ही लड़तुलकदर होती है
01:26इसी वज़े से उलमा कहते हैं कि 27 रात की संभावना ज्यादा मानी जाती है
01:30लेकिन यकीन से सिर्फ उसी को लड़तुलकदर नहीं कहा जा सकता
01:34अगर 2026 के रमजान कलेंडर को देखें तो लड़तुलकदर इन रातों में हो सकती है
01:38जानवी रमजान की रात यानी 10 मार्च, 23 रमजान की रात यानी 12 मार्च, 25 रमजान की रात यानी 14
01:44मार्च, 27 रमजान की रात यानी 16 मार्च, 29 रमजान की रात यानी 18 मार्च
01:49इसलिए उल्मा सला देते हैं कि आखरी दस रातों में हर रात अबादत करनी चाहिए ताके लड़तुलकदर छूड़ना जाए
01:55हदीस के मताबिक लड़तुलकदर की पहचान क्या है
01:57हदीस में इस रात की कुछ निशानिया बताई गई है
02:00कहा जाता है कि रात बहुत सुकून और शान्ती वाली होती है
02:03मौसर ना ज्यादा गर्म होता है ना ज्यादा थंड़ा
02:05सुभा का सूरज हलकी रोशने के साहत निकलता है
02:07दिल में आजीब सा भरुषा करने के बज़ाए
02:12हर ताक रात में अबादत करना बहतर है
02:14حدیث کے مطابق एक दूआ इसरात के लिए बहुत खास बताई कई है
02:22मतलब ए आ ल्ला तू माफ करने वाला है
02:24और माफी को पसंद करता है इसलिए मुझे माफ कर दे
02:26उम्मत और दुनिया के लिए दूआ
02:28इसरात मुसल्मान पूरी उम्मत के लिए भी दूआ करते है
02:39मतलब ए ल्ला उम्मत की हालत सुधार दे उन्हें राहत दे और उन पर रहमत फर्मा
02:44दूनिया और आखिरत की भलाई की दूआ
02:46इसरात ये मशूर दूआ भी पड़ी जाती है
02:52मतलब ए हमारे रभ हमें दुनिया में भलाई दे आखिरत में भलाई दे
02:56और हमें जहन्नम की सजा से बचा
02:58तो दोस्तों लालतुलकद्र रमजान की सबसे एहम और बरकत वाली रात है
03:01इस सरात की असली हिक्मत यही है कि मसल्मान आखरी दस रातों में ज़्याद से ज़्यादा अबादत करें
03:06नमास, कुरान, जिक्र और दूआ के साथ
03:08क्योंकि कौन जानता है कि इन रातों में से कौन सी रात लवतुलकद्र हो
03:12लाल इस वीडियो में इतना ही आप क्या कहेंगे कॉमेंट सेक्शन में हमले कर जरूर बताएं
03:15वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूलें
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