00:00भारतिय सनातन परंपरा में एकादशी वृत का बहुत विशेश महत माना गया है।
00:05धार्मिक मानेताओं के अनुसार साल भर में कुल 24 एकादशी आती है।
00:10इन में से प्रते एक एकादशी का अपना अलग महत और फल बताया गया है।
00:14हर महिने कृष्णि पक्ष और शुक्ल पक्ष में एक एक एकादशी पढ़ती है।
00:18इन सभी एकादशी में वृत रखने और भगवान विष्मो की पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है।
00:25और जीवन में सुक्समृद्धि की प्राप्ति होती है।
00:27वही चेत्रमहा के किष्णपक्ष की एकादशी को पाप मोचनी एकादशी के नाम से जोना जाता है
00:32जैसे कि इसके नाम से ही सपस्ट है इस एकादशी का वरत करने से व्यक्ति के जाने अन जाने में
00:38हुए पापों का नाश होता है
00:40ऐसे में चली आपको बताते हैं कि पाप मोचने एकादिशी पर पूजा कैसे करनी है
00:45पाप मोचने एकादिशी की पूजा विधी की बात करें तो एकादिशी के दिन भ्रह्मोरत में उठकर स्नान करें और पीले
00:52रंग के वस्त्र धारन करें
00:53इसके बाद भगवान विश्नु का इस्मिरन करते हुए एकादशी व्रत का संकल्प लें
00:57अब भगवान विश्नु की मूर्ती या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाए
01:02विश्नु जी को जल, अच्छत, पीले वस्र, चंदर, पीले फूल, फल और मिठाई अर्पित करें
01:08विश्नु मंत ओम नमो भगवते वास्यु दिवाय नमा मंत्र का जाब करें
01:12और पाप मोशनी एकादशी व्रत की कथा सुने या पढ़ें
01:16पूजा संपूर्ण होने के बाद विश्नु जी और मा लक्ष्मी जी की आर्थी करें
01:19पूरा दिन अननाग रहन करें
01:21जिसके लिए ये संभव नहीं है वो शाम को फलहार कर सकता है
01:25वही शाम को भी भगवान रिश्णू और मातालक्ष्मी की आरती करने के बार घर में प्रशाद बाटें और पूरे दिन
01:31व्रत रखें
01:32तो आप भी इस विधी से पाप मोशनिय कादिशी व्रत की पूजा कर सकते हैं
01:35वही पूजा के शुमोरत की बात करें
01:37तो इस दिन अभी जीत मोहरत दो पहर 12 बचकर 30 मिनट से लेकर 1 बचकर 12 मिनट तक है
01:43और भ्रह मोहरत सुभा 5 बचकर 11 मिनट से लेकर 5 बचकर 69 मिनट तक
01:48आप इन दो मोहरत में पूजा कर सकते हैं
01:51उमीद करते हूं आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:53फिलाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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