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How Jews perform Prayer: यहूदी धर्म दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक माना जाता है, जिसका इतिहास लगभग 3000 साल पुराना है. हर धर्म की तरह यहूदी धर्म भी अपने अलग तौर-तरीके रखता है. इस्लाम और यहूदी धर्म, इब्राहिमी धर्म की श्रेणी में रखा जाता है. इन दोनों धर्मों की जड़ें पैगंबर हजरत इब्राहिम से जुड़ी माना जाती हैं. लेकिन यहूदी और इस्लाम धर्म के तौर-तरीकों में बहुत अंतर होता है. हालांकि, यहूदी धर्म की प्रार्थना का तरीका कुछ हद तक इस्लाम धर्म की तरह होता है. ऐसा माना जाता है कि इस्लाम धर्म की तरह यहूदियों में अजान दी जाती है और इबादत की जाती है. इतना ही नहीं, ऐसी भी मान्यता है कि यहूदी धर्म में रोजा भी रखा जाता है, लेकिन इनका तरीका अलग होता है.

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Transcript
00:04जब से इसरयाइल और एरान के बीच वार शुरू हुआ है तब से काफी लोगों के मन में सवाल होगा
00:09कि आखिर यहूदी कौन होते हैं और ये किस खुदा को मानते हैं
00:13और इनका अबादत करने का तरीका क्या है, क्या ये भी नमाते हैं और अगर परते हैं तो किस तरह
00:18से
00:19चलिए आपको सब कुछ इस वीडियो में बताते हैं
00:21दरसल पूरी दुनिया में यहुदी सिर्फ 0.2% हैं
00:25और ज्यादतर यहुदी इसराइल में ही बसते हैं
00:27यहुदी और मुसल्मानों के बीच इसराइल को लेकर सदियों से कॉंट्रोवर्सी होती आई है
00:32यहुदी मुसल्मानों की तरह एक खुदा में यकीन रखते हैं
00:35इसाई और यहुदी दोनों की ही जड़ें इसलाम से जुड़ी हुई हैं
00:38यहुदी धर्म को जानने के लिए आपको इसलामे के तिहास में पीछे जाना होगा
00:42इसलाम में मानेता है कि चार किताबे अलग-अलग पेगंबरों यानि मैसेंजर्स पर उतारी गई थी
00:48ताकि वो समाच को जोड़ सके और भटके हुए लोगों को सही रह पर चला सके
00:52इन तीन किताबों के नाम इंजील, तौरा, जुबूर और पुरान है
00:57यहुदी धर्म को मानने वाले तौरा किताब को मानते है और उसी के मताबिक अपने जिन्दगी बिताते हैं
01:03उनका मानना है कि ये किताब मोंसे सियनी हजरत मूसा अले सलाम पर उतारी गई थी
01:08वहीं मुसल्मान कुरान को आखरी और सबसे सही किताब का दर्जा देते हैं
01:12उनका मानना है कि पैगंबर मुहम्मद साहब के आने के बाद
01:15इंजील, तौरा और जुबूर को रद कर दिया गया था
01:19क्योंकि उन किताबों में लोगों के जरीए फिर बदल किया गया था
01:22दोनों धर्मों के बारे में जाने के लिए आपको अबरहीम यानि इबरहीम आले स्लाम के फैमली ट्री को जानना होगा
01:29इबरहीम आले स्लाम को इसलाम में प्रिखंबर माना गया और यही इसराईलियों और अर्बों के पूरवज माने जाते हैं
01:35यहुदी इबरहीम को खुदा और यहुदियों के बीच खास रिष्टा कायम करने वाला फाउंडिंग फादर बताते हैं।
02:05जिसे यहुदी अपना सक्से बड़ा टेंपल मानते हैं। इस जगा को मुसल्मान भी पवितर दर्जा देते हैं।
02:35और तलमत को मानते हैं। यह किताबें हिबरु में लिखी गई हैं।
02:47यहुदीयों का मानना है कि इस शहर को तीन हजार साल पहले किंग डेविड ने बसाया था।
03:08किंग डेविड को मुसल्मान परगंबर मानते हैं। अब चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यहुदी कैसे अबादत करते हैं।
03:14इसलाम से जुड़ी मानताओं के मताबिक एक वक्त पर यहुदी कौम अल्लह की सबसे पसंदीदा कौमों में से एक हुआ
03:20करती थी।
03:21इस कौम के हिदायत के लिए अल्लह ने 48 अंबिया किराम को इनके बीच बेजा था।
03:25लेकिन यहुदी धर्म की निजबत यानि तालुक खास तोर पर प्रगंबर हजरत मूसा अलह से माना जाता है।
03:31क्योंकि इनका नसली तालुक हजरत याकूब अलह से था।
03:35जिनका लकब इसराईल था।
03:36इसी वज़ा से इन्हें यहुदी धर्म के लोगों को बनी इसराईल भी कहा जाता है।
03:40यहुदी धर्म में इबादत कैसे की जाती है आईए जानते हैं।
03:44जहां इसलाम धर्में दिन में पांच वक्त नमाज अदा की जाती है।
03:47जब कोई यहुदी धर्म में रोज की तीन अबादत मुकरर की गई हैं।
03:50जब कोई यहुदी अबादत करने के नियत कर लेता है तो उस नियत के बाद में तमाम इबादते उस पर
04:11वाजिब हो जाती हैं।
04:12जिस तरह मुसल्मान मस्जद में नमास परते हैं उसी तरह यहुदी धर्म के लोगों के लिए खबाद हाउज बेहद खास
04:18होता है।
04:18इसी जगा यहुदी अपनी प्राथना करते हैं।
04:21इसके लाबा यहुदी धर्म में तमाम इबादत अपने तौर पर यानि अकेले भी अधा की जा सकती हैं।
04:29यहुदी धर्म का मानना है कि सबी लोगों के साथ इबादत करने की ज्यादा फजीलत है।
04:33यहुदी धर्म की जमात को पूरा होने के लिए इन्हें कम से कम दस लोगों की जरूत होती हैं।
04:38अगर कम से कम दस लोग एक साथ नहीं इखटा होते तो फिर ये लोग अपनी अलग-अलग अबादत करते
04:43हैं।
04:44यहुदी अपनी प्रात्ना करते हैं यरुशलम की और मुह करते हैं जो यहुदी धर्म में सबसे पवितर जगा है।
04:50यहुदी लोग प्रात्ना करते वक्त अपने सिर पर किप्पा जरूर पहनते हैं।
04:54किपपा उस खास टोपी को कहते हैं जो हर यहूदी खास मौके पर पहनता है।
04:58दरसल यहूदी धर्म में माना जाता है कि अबादत करते वक्त या कोई भी धार में काम करते वक्त अपना
05:03सिर किपपा से जरूर ढखना चाहिए।
05:05अलागि ऐसा इसलाम में भी देखा जाता है
05:08इसलाम धर्म में भी नमास परते वक्त टोपी पहनना जरूरी है
05:11ये तो आप जानते होंगे कि मुसल्मान नमास पढ़ने से पहले वजू करते हैं
05:16ऐसे ही यहुदी लोग भी मुसल्मानों की तरह जब अपनी प्रात्ना शुरू करते हैं और अपनी अबादत गाह में जाते
05:22हैं
05:22तो ये भी पहले पानी से अपने हाथ दोते हैं
05:25यहुदीयों का ये तरीका मुसल्मानों की वजू से अलग होता है
05:28यहुदी धर्म के लोग इबादत करने से पहले एक लोटे में पानी भरते हैं लेकिन वो मुसल्मानों की तरह ना
05:33ही अपना मूद होते हैं और ना ही अपने पैरों को धोते हैं
05:36बलकि यहुदी लोग अपने लोटे से पानी लेकर अपने हाथ को तीन बार दोते हैं और फिर दूसरे हाथ को
05:41भी तीन बार दोते हैं
05:43यहुदी अबादत के दौरान बुलंद आवाज में अपनी पवित्र किताब तौरात को पढ़ते हैं
05:48साथ ही इस धर्म के लोग अपनी इबादत के दोरान कभी खड़े खड़े जूमने लग जाते हैं, कभी जोर जोर
05:53से तौरात की तिलावत करने लगते हैं, फिर कभी जुखते हैं, तो कभी सजदा करते हैं, इस तरह वो अपनी
05:58प्रातना को पूरा करते हैं
05:59फिलाल इस वीडियो में इतना ही आप क्या कहेंगे
06:01कॉमेंट सेक्शन में में लिख कर जरूर बताएं
06:03वीडियो को लाइक करें शेयर करें
06:04और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूरें
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