Skip to playerSkip to main content
Shitala Saptami Kyon Manate Hain 2026: हिंदू धर्म में शीतला सप्तमी का पर्व बहुत ही खास माना जाता है। यह दिन माता शीतला को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा करने से घर-परिवार को बीमारियों से रक्षा मिलती है और सुख-समृद्धि आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला को रोगों की देवी माना जाता है। वहीं चलिए बताते हैं कि शीतला सप्तमी क्यों मनाई जाती है.

Shitala Saptami Kyon Manate Hain 2026: The festival of Shitala Saptami is considered very special in Hinduism. This day is dedicated to Goddess Shitala. It is believed that worshipping Goddess Shitala on this day protects the family from illness and brings happiness and prosperity. According to mythological beliefs, Shitala is considered the goddess of disease. Let us explain why Shitala Saptami is celebrated.

#sheetalasaptami2026 #sheetalaashtami2026 #sheetalamata #shitla #shitlamaa #shitla_mata_vrat_katha #shitlasatam2025 #shitlasatam

~PR.114~HT.408~ED.118~

Category

🗞
News
Transcript
00:00हिंदु धर में शीतला सप्तिमी का व्रत बहुती खास माना जाता है।
00:05ये दिन माताशीतला को समर्पित होता है।
00:08मानिता है कि इस दिन माताशीतला की पूजा करने से घर परिवार को बिमारियों से रक्षा मिलती है और सुक
00:15सम्रिध्धी आती है।
00:16पुरानिक मानिताओं के अनुसार माताशीतला को रोगों की देवी माना जाता है।
00:20खास तोर पर पुराने समय में जब चेचक और अन्य संक्रामक बिमारियां फैलती थी,
00:27तब लोग माताशीतला की पूजा करके उनसे रक्षा की प्रातना करते थे।
00:31ऐसा माना जाता है कि माता शीतला आपने भक्तों को इन रोगों से बचाती है
00:36महीं चलिए आपको बताते हैं इस वीडियो में कि शीतला सब्तमी क्यों मनाई जाती है
00:41शीतला सब्तमी के दिन चूला नहीं जलाय जाता है
00:44एक दिन पहले यानि की शष्टी के दिन ही खाना बना कर रख लिया जाता है
00:48और सप्तमी के दिन ठंडा भोजन माता को भोग लगा कर खाये जाता है
00:52इसी बज़े से इस दिन को कई जगा बसोडा या बसोडा के नाम से जाना जाता है
00:57हिंदु मानिताओं के अनुसार माताशीतला को संक्रामक रोगो और बिमारियों से सुरक्षा देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता
01:05है
01:05खास कर गर्मी के मौसम में माताशीतला की पूजा से शरीर के स्वच्छता और परियवरन के रक्षा की जाती है
01:11जो आज भी हमारे स्वास्त के लिए अत्यंत महत पुन है
01:15स्कंत पुराण में माता शीतला का वाहन गर्दब है
01:18वो अपने हाथों में कलश, सूप, जाडु तथा नीम के पत्ते धारन करती है
01:23जो चेचक के रोगी के परिशानी हर ले
01:26सूप से रोगी को हवा की जाती है, जाडु से चेचक के फोड़े फट जाते है
01:31नीम के पत्ते फोडो के दर्द को अराम देते है
01:34मानेता है कि शीतला देवी के आशिरवास से परिवार में रोगों का निवारन होता है
01:40खास कर ऐसे रोगों को जो विशेश रूप से गर्मी के मौसम में होते हैं
01:44जैसे कि बुखार और पीद जुआर
01:46सकंद पुराण में इनकी रचना का स्ट्रोथ शीतला स्टक के रूप में प्राप्त होता है
01:52मानेता है कि इसकी रचना भगवान शंकर ने की थी
01:55शीतलास्टर शीतला देवी की महिमा गान करता है
01:59और उनकी उपासना के लिए भक्तों को प्रेरिद भी करता है
02:03पतादे शीतला सब्तिमी के दिर सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई के जाती है
02:07फिर माता शीतला की पूजा करके उनसे परिवार के लिए स्वास्त और खुशाली की कामना के जाती है
02:13तो दोस्तों यही कारण है कि शीतला सब्तिमी का पर्ग मनाय जाता है
02:17ताकि मातला शीतला का आशेवाद मिले और घर परिवार को रोगों और कस्टों से सुरक्षा मिल सके
02:23उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:26फिलाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
Comments

Recommended