00:001770 में बंगाल में इतना बड़ा आकाल पड़ा कितने लोग मरे थे 1770 में
00:08एक करोड और हम आज की डेड़ सो करोड की आबादी में से एक करोड के मरने की बात नहीं
00:15कर रहे हैं
00:17हम उस समय के भारत की बात कर रहे हैं
00:21भारत की अबादी तब थी 15-20 करोड उसमें से बंगाल की अबादी कुल कितनी रही होगी और उसमें से
00:29एक करोड मर गए और इतिहासकारों ने बहुत सोचाए कि ऐसा कैसे हो गया कि एक करोड लोग अकाल से
00:36मर गए और उस अकाल के होने में कुछ ऐसा नहीं था बसकि प्राकृ
00:48दुरुत दुर्भिक्ष था, वो मैनमेड श्यमीन था.
00:58लेकिन कोई क्रांती नहीं हुई, किसी नहीं कहा कि ये हमारे साथ क्यों हो रहा है, क्यों?
01:05क्योंकि और्थोडॉक्सी का, मने पुरातन पंथियों का भी गण था बंगाल.
01:12और यहीं वज़ा है कि जितने भी फिर रिफॉर्म मूवमेंट से बंगाल में शुरू हुए, बंगाल में शुरू हुए, महराष्ट
01:18में शुरू हुए, फिर आगे चलकर तमिलाडु में हुए, केरल में हुए, पर बंगाल में शुरू हुए, उसकी एक वज़ा
01:24ये भी थी कि
01:25जो पूर्वी हिस्सा था भारत का, पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, ये सब सबसे ज्यादा कैसा था?
01:35परंपरावादी, रूणिवादी, तो मर रहे हैं लोग तो मर रहे हैं उसको मान लिया गया कि ये तो दैव प्रकोप
01:44है, और अगर कोई मरा है तो इसलिए मरा है क्योंकि वो पापी था, कोई मरा है तो इसलिए मरा
01:51है क्योंकि वो पापी था, तेरे साथ जो हो रहा है वो तेरे
01:53पाप धुल रहे हैं धर्म भारत का वैदिक है और वेदों की जान वेदान्त है और वेदान्त का प्राण है
02:01जिग्यासा पर नजाने कैसी खुराफात हुई
02:06नजाने किसका शातिर दिमाग था
02:09कि भारत के धर्म से जिग्यासा को बिलकोली हटा दिया गया
02:13कहा गया जिग्यासा नहीं करना धर्म का अर्थ बन गया
02:16मानो
02:17किसी भी अनहोनी का विरोध आप तब करोगे न
02:22पहले आपको भरोसा हो कि
02:23आप में शक्त है विरोध करने की
02:27अगर धर्म ऐसा हो गया
02:28जो बताता हो जो पर जो कुछ हो रहा है
02:30वो आपके पिछले
02:32जन्मो के कर्मो का नतीजा है
02:34और आपके साथ जो कुछ हो रहा है
02:36वो किसी आसमानी ईश्वर ने आपके लिए
02:38पहले ही त्याकर रखा है तो आप कोई भी विरोध कोई भी आंदोलन कोई भी क्रांति करोगे कैसे कैसे कर
02:46लोगे बताओ
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