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यह वीडियो 14 मार्च 2026 को BMS इंदौर में आयोजित सत्र के बाद प्रिंट मीडिया द्वारा लिए गए इंटरव्यू से लिया गया है।

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Transcript
00:00भारत को 2047 में विस्व गुरू बनाने की कुछ लोगों के द्वरा चाहा है।
00:04क्या आपको होती हुई नजर आएगी 2047 में विस्व गुरू बन जाएगा।
00:07मैं तो चाहूँगा आज बन जाए।
00:09लेकिन दूसरे का गुरू बनने के लिए उसका और उसका गुरू बनने के लिए पहले गुरुता अभीतर होनी चाहिए न
00:17अपने।
00:17गुरू को सरुप्रथम सबसे अच्छा शिष्य बनना पड़ता है।
00:44आपनी अपनी धुष्यों कोई इमांदारी से स्वीगार करना ताकि तूमुने त्याग सपो
00:50अगर हम बहुत सारा समाज का और अतीत का बोज जिसे कचरा भी किया सकते हैं ढोते जाएंगे
00:58त्यागने को नहीं तयार होंगे
01:01बहुत सारी वेर्थिकी बातों को आत्म गौरव और आत्म सम्मान के नाम पर लिये लिये फिरेंगे
01:06तो हम कैसे शिष्य हैं और जो अच्छा शिष्य नहीं हो गुरू नहीं बन पाएगा
01:10भारत को अतीत से आजादी की बहुत जरूरत है
01:15और भारत को यह सीखने के लिए पश्चिम के और देखने की जरूरत नहीं
01:18हमारा ही अपना जो मौलिक दर्शन है
01:20हमारा विदान, हमारे उपनिशत, हमारे ज्यानियों, चिंतकों, विचार को, दार्शन कों की वानी, हमारे संतों की सीख
01:29भारती दर्शन ही हमको सिखाता है कि अतीत को ढोते-ढोते जो फिरेगा
01:33वो गुरू तो क्या कभी शिष्य भी नहीं हो पाएगा
01:35हम अच्छे शिष्य हो जाएं, फिरने संदे हम विश्य गुरू हो जाएंगे
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