00:00नीले आस्मान में एक जहाज खामुशी से सफर कर रहा था। बारी रोई की तरासलिये तेर रहे थे। उसकी आखों
00:06में खौफ नहीं सिर्फ यकीन था। उसने पैराशोट पहना, गहरी सांस ली और दिल में अल्लह का नाम लिया। दर्वाजा
00:12खुला, हवा जोर से चली और अ
00:29अचानक एक अजीम शेर उसके सामने आ गया। पैराशोट वाली लड़की की आँखों में जलाल, मगर दिल में सुकून, वो
00:36डरी नहीं मुस्कुराई और हैरत अंगेज तोर पर शेर की पीठ पर बैठ गई। या ला तू ही मेरा मुहाफिज
00:48है, मैं तेरी हमद बयान करती ह
00:51और जंगल गवा बन गया इमान की ताकत का।
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