00:02जिलमार के पहले वार के बाद गाउं तो महफूस था, लेकिन साली और शबा जानती थीं कि वो दोबारा आएगा,
00:08रात को साली को वही पुरसरार औरत खाब में नजर आई, इसने कहा, अगर जिलमार को रोकना है, तो तुम्हे
00:15नूर का तुफान हासिल करना होग, शबा ने च
00:28हवाईं चल रही थी, रास्ता मुश्किल था, मगर हिम्मत मजबूत, अचानक जमीन पटी, और सिया मखलूक रास्ता रोक कर खड़ी
00:37हो गए, वापस चले जाओ और वो घुरई, साली ने रोशनी का दाइरा बनाया, शबा ने हुआ को तेज कर
00:43दिया, मगर इस बार उन्हों
00:45ने हमला नहीं किया, बलकि अपनी ताकत को एक साथ मरकूज किया, रोशनी और हुआ मिलकर एक नई तवानाई में
00:52बदल गई, जो पहले से ज्यादा ताकतवर थी, सिया मखलूक पीछे हिट गे, शबा ने आहस्ता से कहा, हम करीब
00:59पहुँच गए हैं, मगर इसी लम्हे जिल
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