00:00एथिक्स क्लास में आज हम लोगी मैम पढ़ा रही थी कि जैसे कोई दवाई बनाना है वो तो किसी पर
00:05टेस्ट करना पड़ेगा
00:11इंसान पर करना पड़ेगा या तो जानवर पर करना पड़ेगा तभी तो क्या कैसे ओड़ा है वो पता चलेगा
00:15अनवर पर दवाई के लिए कोई भी परीक्षन करना
00:19या 90% परीक्षन जो जानवरों पर अब होते हैं दवाईयों के लिए
00:23वो बिल्कुल गैर ज़रूरी है
00:26वो सारा काम लैब में हो सकता है
00:29उसके लिए किसी जानवर को उतना दर्द देने की ज़रूरत नहीं है
00:32लेकिन हम कहते हैं जानवर इतनी आसानी से उपलब्ध है
00:37तो क्यों फिर रिसर्च करके
00:39सिमुलेशन मॉडल्स बनाएं और तकलीफ लें
00:41सीधे जानवर पर ही कर दो ना
00:43कई जानवरों को तो बोलते हैं
00:45ये लैब एनिमल्स हैं साहब ये
00:47मिठक को बोल देंगे खरगोश को बोल देंगे
00:49गिनीपिक को बोल देंगे क्या बोलेंगे क्या है
00:50ये लैब एनिमल्स है
00:52जब उनका तुमने नामी लैब एनिमल्स रख दिया
00:55तो तुम किसी भी तरह का
00:57सिमुलेशन अब विक्सित क्यों करोगे
00:58कहो कि क्या computer की screen पर क्या करना है सीधे खरगोश पर ही करके देख लो न असली चीज़
01:04पर करके देख लेते हैं अरे जब असली चीज़ पर करना है तो इंसान भी करके देख लो क्योंकि दवाई
01:08तो इंसान के लिए बन रही असली चीज़ तो वही है जानवार अपनी रक्षा �
01:12नहीं कर सकता तो उसके साथ जो बचसलूकी करनी है कर लो और बड़ी से बड़ी बचसलूकी होती है ये
01:22Medical Research के नाम पर
01:25और उसको जायस ठहरा दिया जाता है
01:27ये बोल करके कि देखो
01:29जानवर की जान जाती है
01:30तो जायस से इंसान की जान तो बचेगी न
01:32False Dilemma
01:34जैसे कि जानवर की जान
01:37और इंसान की जान
01:38ये ही दो विकल्प हैं
01:40और जैसे ये रख दिया जाएगा
01:41कि बताओ ज्यादा बड़ी क्या है
01:43जानवर की जान या इंसान की जान
01:45तो आप कहोगे इंसान की जान
01:46तो फिर जानवर को मार देते हैं
01:50क्योंकि जानवर की जान
01:51सस्ती मानी जा रही है
01:52इतनी सस्ती
01:55कि सिवुलेशन पर भी रिसर्च क्यों की जाए
01:58बस ये बात है और कोई बात नहीं है
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