00:00मैं गाड़ी लेके निकलूँ और कोई महंगी गाड़ी ऐसे ऐसे करके निकल रही हो ये इनकी नहीं है ये इनके
00:07बाप की है जिसने अपने खून पसीने से खरीदी हो गी हो कभी ऐसे चलाई नहीं सकता तो ये चीज
00:13की शहर के भीतर दोसों की स्पीट से गाड़ी चला रहे हो �
00:16ये तो बस नवाबी के ही लक्षण है, तो इस नवाबी में बेकसूरों की जान चली गई,
00:28तो ऐसे में ये जो माबाप हैं, इन्हें पकड़ा जाना चाहिए, अब देखिए न हो क्या रहा है, जिनके पास
00:35नवाबी का, विलासिता का, आयाशियक का पैसा है, उनके हाथों मौत किसकी हुई है, जो अपनी मेहनत से कमा रहे
00:41हैं, जिन्होंने मेहनत करके शिक्षा ली है, �
00:44ज्यान के दम पर नौकरी ली है, प्रिविलेज ने खुले आम सडक पर मेरिट को रौन दिया, और समाज देख
00:54रहा है, क्या करेगा समाज, इसी समाज ने तो प्रिविलेज के हाथों में करोडों रखे हैं, सारी बात ही एक
01:01अच्छे उंचे जागरत समाज की क्या है जानते ह
01:07वहां संसाधन उसके हाथ में होंगे, जिसके पास शिष्ठता होगी, और एक गलत बहके हुए, भटके हुए समाज की निशानी
01:16होती है, कि वहां संसाधन उसके हाथ में होते हैं, जिसके पास बाप होता है
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